करनाल-16.01.19- खेल के मैदान में उत्कृष्टता हासिल करना , भगवद्गीता का अभ्यास कर उसे आत्मसात करने जैसा ही है। हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष एवं निदेशक प्रोफ़ेसर वीरेंद्र सिंह चौहान ने यह बात आज यहाँ कर्ण स्टेडियम में राष्ट्रीय युवा सप्ताह के अंतर्गत आयोजित एक कार्यक्रम में हॉकी खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को संबोधित करते हुए कही। प्रो. चौहान ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है । चौहान ने कहा कि भारत के मनीषियों ने हज़ारों साल पहले ‘शरीरमाद्यम खलु धर्म साधनम’ कह कर यह उद्घोषणा कर दी थी कि संसार में तमाम श्रेष्ठ कार्यों का साधन क्योंकि शरीर ही है ,इसलिए शरीर का स्वस्थ रहना परम आवश्यक है।
प्रो. चौहान ने कर्ण स्टेडियम में प्रतिदिन हॉकी खेलने वाले करनाल शहर और आस पास के ग्रामीण अंचल से आने वाले खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उनके साथ संवाद में स्वामी विवेकानंद के जीवन और कार्यों पर संक्षिप्त चर्चा की। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता जिन क्रांतिकारियों और महापुरुषों के संघर्ष और बलिदान के दम पर आयी है, हमें किसी भी सूरत में उन्हें भूलना नहीं चाहिए। हमें चाहिए कि उनके जीवन से प्रेरणा लेकर उनके दिखाए रास्ते पर आगे बढ़ें और अपने देश और समाज का नाम रोशन करें। हॉकी खिलाड़ियों से संवाद में प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि हॉकी के जादूगर कहलाने वाले मेजर ध्यानचंद के सामने जर्मनी के तानाशाह हिटलर ने बहुत आकर्षक प्रस्ताव रखे थे मगर क्योंकि वह पक्के देशभक्त थे इसलिए उन्होंने उन प्रस्तावों को सहज भाव से ठुकरा दिया। नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को भी मेजर ध्यानचंद की तरहे खेल के मैदान में जादुई क्षमताएँ हासिल करनी चाहिए और देश के प्रति भी उनके जैसा ही लगाव अपने भीतर विकसित करना चाहिए।
इस अवसर पर खेल प्रशिक्षकों ने कर्ण स्टेडियम के नवीनीकरण के चलते हॉकी के मैदान के समाप्त होने का विषय उठाया और करनाल शहर में हॉकी का अत्याधुनिक मैदान बनाए जाने के मामले को मुख्यमंत्री महोदय के समक्ष उठाने की बात कही।
प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि हरियाणा सरकार खेल और खिलाड़ियों के लिए हर संभव सुविधा मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है और हॉकी के एस्ट्रोटर्फ मैदान के मसले पर वे मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के अलावा संबंधित विभागीय अधिकारियों से भी चर्चा कर इस मामले को जल्द सिरे चढ़ाने का प्रयास करेंगे।इस अवसर पर हॉकी कोच सुरेंदर प्रताप, धर्मवीर घनघस, अजय कुमार, विनय राज, राज अहलुवालिआ, युथ ऑर्गनिज़र जोगिन्दर कुमार आदि गणमान्य लोग मौजूद रहे ।