चंडीगढ़, 18 जनवरी: खेती विरासत मिशन की तरफ से पंजाब विश्व विद्यालय के प्रांगण में अद्भुत मिलेट उत्सव और संवाद का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वी.पी. सिंह बदनौर ने किया। इस अवसर पर श्री हरियाणा के कृषि मंत्री श्री ओम प्रकाश धनखड़ व जोशी फाऊंडेशन के चेयरमैन विनीत जोशी विशिष्ट मेहमान के नाते उपस्थित हुए।
उत्सव संबंधी जानकारी देते हुए खेती विरासत मिशन के क्षेत्रीय डायरेक्टर उमेन्द्र दत्त ने बताया कि कार्यक्रम में मिलट उगाने वाले किसानों का अभिनंदन किया गया। मिलेट में बाजरा, कांगनी, ज्वार, रागी कोदरा और स्वांक एवं मोटे अथवा मूल अनाज पर आधारित खेती जिन्हें भुला दिया गया तथा जो हमारी खेती से बाहर हो गए, उन्हें पुन: प्रचारित करने के उद्देश्य से मिलट उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मिलट उत्सव में पंजाब हरियाणा के मिलट उगाने वाले किसानों ने अपने उत्पादों को प्रदॢशत किया।
इस अवसर पर श्री वी.पी. सिंह बदनौर ने कहा कि मिलट को उगाने वाले किसानों के उत्पाद पहले तो यह स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं और इनकी खेती भी वातावरण के अनुकूल हैं। उन्होंने किसानों को फार्मर प्रोड्यूसर आर्गेनाइजेशन (एफपीओ) बनाने के लिए प्रोत्साहित किया और खेती विरासत मिशन को कहा कि एफपीओ बनाने के काम में आगे आए। इस मिलट उत्सव में मिलेट की विलश्षणता तथा महत्व बनाने के लिए एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया था।
उत्सव में हैदराबाद से विशेष रूप से आए हुए राम बाबू ने मिलट से बनाए गए विभिन्न व्यजंनों की प्रस्तुति की। बाजरा के सूप से लेकर बाजरा के केक तक, रागी के खीरे आदि तमाम चीजें प्रदर्शनी में लोगों के समक्ष रखी गईं और बाजरे की रोटी, बाजरे की खिचड़ी आदि भी प्रदर्शनी का हिस्सा बनी। तीन दिवस चलने वाले इस उत्सव में पहले दिन लोगों ने भारी गिनती में हिस्सा लिया व खेती से जुड़ी चीजों का आनंद लिया।
रामबाबू ने बताया कि उनके साथ इस क्षेत्र में काम करने के लिए अलग-अलग जगहों से 5 व्यक्तियों की टीम इस समय किचन में मौजूद है, जो कि यहां स्टाल में लगने वाले विभिन्न तरहके पकवानों को तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी टीम में विकास, गणेशराम सीताराम, राजू और मयंक शामिल हैं। उन्होंने बताया कि उनकी टीम द्वारा उत्सव में आने वाले लोगों व वहां मौजूद स्टाल लगाने वाले कारीगरों को किचन गार्डनिंग के टिप्स दिए जा रहे हैं।
यहां उल्लेखनीय है कि पंजाब और आस-पास के क्षेत्रों में प्राकृतिक कृषि आंदोलन के रूप में काम करने वाले खेती विरासत मिशन ने 2007 में मिलेट संवर्धन कार्यक्रम शुरू किया। 2008 के बाद कई मिलेट खाद्य उत्सवों का आयोजन किया। गत 3 वर्षों से इस विषय पर सघन कार्य किया जा रहा है बाकायदा ‘मिलेट प्रमोशन अभियान’ चलाया जा रहा है।