चंडीगढ़, 1 मार्च: अल्केमिस्ट हॉस्पिटल, पंचकूला ने शुक्रवार को 10 सफल किडनी ट्रांसप्लांट को पूरा करने की घोषणा की।
अल्केमिस्ट के प्रमाणित किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर की टीम में डॉ.नीरज गोयल, किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन और कंसल्टेंट-यूरोलॉजी, डॉ.रमेश कुमार और डॉ. चरणजीत लाल, दोनों सीनियर कंसल्टेंट, नेफ्रोलॉजी और डॉ. राजीव गोयल, एसआर कंसल्टेंट, यूरोलॉजी शामिल हैं।

डॉ.एस.के.शर्मा, पूर्व डायरेक्टर, पीजीआई, चंडीगढ़, अल्केमिस्ट में डिपार्टमेंट ऑफ रेनल साइंसेज के प्रमुख हैं।

10 किडनी ट्रांसप्लांट में 6 हरियाणा से, 2 पंजाब से, 1 हिमाचल प्रदेश के सोलन से और 1 हरिद्वार से है। ज्यादातर मामलों में, पत्नियों ने अपने पति को बचाने के लिए अपनी किडनी दान की है। हालांकि हरिद्वार के रूपक कुमार ने अपनी पत्नी नीना कुमारी को बचाने के लिए अपनी किडनी दान की।

चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आज एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, हॉस्पिटल की टीम ने कहा कि पिछले साल जुलाई में यूनिट की स्थापना के बाद से, अल्केमिस्ट किडनी ट्रांसप्लांट के लिए सबसे तेजी से बढ़ते सेंटर के रूप में उभरा है।
यह यूनिट, हरियाणा के इस क्षेत्र में पहली और एकमात्र ट्रांसप्लांट सुविधा है, जो हरियाणा, हिमाचल, पंजाब, जम्मू और कश्मीर और उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के आसपास के क्षेत्रों से आने वाले रोगियों की जरूरतों को पूरा कर रहा है।

डॉ.नीरज गोयल ने पिछले दिनों किए गए ट्रांसप्लाांट के विवरण पर चर्चा करते हुए कहा कि सभी प्रत्यारोपण लाइव-संबंधित ट्रांसप्लांट थे, जिसका आम भाषाा में मतलब है कि रोगियों को उनके निकट संबंधियों से किडनियां प्राप्त हुई थीं।

डॉ.गोयल ने बताया कि अल्केमिस्ट में ट्रांसप्लांट प्र्रोग्राम शुरू करने से मरीजों को सबसे बड़ा लाभ हरियाणा राज्य में कानूनी दस्तावेज की सहज और अच्छी तरह से संगठित प्रक्रिया के कारण मिल रहा है। इससे ये पूरी प्रक्रिया काफी तेजी से पूरी हो जाती है।

उन्होंने कहा कि इसमें लाइव किडनी ट्रांसप्लांट करने से पहले सिंगल काउंटर क्लीयरेंस शामिल है जो कानूनी तौर पर जरूरी दस्तावेज तैयार करने में लगने वाले समय को काफी कम करता है और मरीजों के कष्ट और मुश्किलों को सीमित करने में मदद मिलती है।