चण्डीगढ़-23.03.19-: श्री चैतन्य गौड़ीय मठ, सेक्टर 20, चण्डीगढ़ में भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु जी का जन्म दिवस गौर पूर्णिमा को बड़ी धूमधाम से मनाया गया। प्रातः काल से ही मठ मंदिर में चहल-पहल प्रारंभ हो गई थी। मंगल आरती के पश्चात प्रवचन का कार्यक्रम आरंभ हुआ। भक्तों ने पूरा दिन भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु जी के लिए उपवास रखा। मठ मंदिर के प्रवक्ता जयप्रकाश गुप्ता ने बताया चंडीगढ़ मठ मंदिर के अध्यक्ष बामन जी महाराज ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा आज से लगभग 500 वर्ष पहले बंगाल प्रांत के नदिया जिला में प्रेम अवतारी भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु जी का आविर्भाव आज ही के दिन हुआ। आज पूरे विश्व में जो हरि नाम संकीर्तन की धूम चल रही है इसके प्रमुख प्रवर्तक चैतन्य महाप्रभु जी ही थे। चंडीगढ़ मठ के संकीर्तनचार्य श्री हरि बल्लभ प्रभु ने भक्तों को बताया कि द्वापर में एवं त्रेता युग में दुष्टों का भगवान द्वारा संहार अस्त्र-शस्त्र द्वारा किया गया लेकिन कलयुग में भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु जी ने प्रेम अवतार लेकर संकीर्तन के द्वारा दुष्टों के हृदय को परिवर्तित किया। सांयकाल को भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु जी का पंचामृत से अभिषेक किया गया। भोग आरती के पश्चात सैकड़ों भक्तों ने फलाहार प्रसाद पान कर आनंद प्राप्त किया।