चंडीगढ़, 23 मार्च: नेता विपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला, इनेलो के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव आरएस चौधरी और वरिष्ठ उप-प्रधान बीरबल दास ढालिया ने बताया कि पार्टी ने विधानसभा के अध्यक्ष को एक पत्र लिखकर अवगत कराया है कि पार्टी के चुनाव चिह्न और घोषणा पत्र के आधार पर विधानसभा के लिए चुने गए पांच सदस्यों को विधानसभा की सदस्यता से तुरंत प्रभाव से अयोग्य घोषित किया जाए।
विपक्ष के नेताओं ने कहा कि डबवाली से नैना सिंह चौटाला, उकलाना से अनूप धानक, दादरी से राजदीप फोगाट और नरवाना पिरथी सिंह नम्बरदार पिछले कुछ समय से इनेलो विरोधी गतिविधियों में संलिप्त थे और जब से जननायक जनता पार्टी का जन्म हुआ है तभी से उसके समर्थन में राजनैतिक गतिविधि कर रहे थे। अभी हाल में संपन्न हुए जींद उप-चुनाव के दौरान इन विधायकों ने इनेलो विरोधी गतिविधि की थी। इनेलो ने इस संबंध में समाचार-पत्रों में छपी तस्वीरों और खबरों का भी हवाला दिया है।
अभय सिंह चौटाला ने यह भी कहा कि नलवा के विधायक रणबीर गंगवा ने बिना विधानसभा की सदस्यता से त्याग पत्र दिए अभी हाल में भाजपा में शामिल होने की घोषणा भी एक पे्रसवार्ता के माध्यम से की है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार यह पांचों सदस्य संविधान के 10वें शैड्यूल के प्रावधानों के अंतर्गत सदस्यता के लिए अयोग्य हैं और उन्हें ऐसा ही विधानसभा के अध्यक्ष द्वारा घोषित किया जाना चाहिए।
पार्टी के तर्क में नेता विपक्ष ने शरद यादव को राज्यसभा की सदस्यता से हटाए जाने का उदाहरण भी दिया। उन्होंने याद दिलाया कि जब उन्होंने अपने भाषणों और गतिविधियों से यह सिद्ध कर दिया कि वे उस पार्टी के विरोध में काम कर रहे हैं जिसके चुनावी निशान पर उन्हें राज्यसभा का सदस्य चुना गया था तो उन्हें निलंबित कर दिया गया था जिसे राज्यसभा के अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने उनके निलंबन और 10वें शैड्यूल के तहत उनकी अयोग्यता को उचित ठहराया था।
इसी संबंध में उन्होंने यह भी बताया कि इस सिद्धांत को रवि नायक बनाम यूनियन ऑफ इंडिया 1994 के सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले ने प्रतिपादित किया था। उस फैसले के अंतर्गत यह कहा गया था कि यदि कोई व्यक्ति त्याग पत्र नहीं भी देता परंतु अपनी गतिविधियों और आचरण से उस पार्टी के विरुद्ध कार्य कर रहा है, जिसने उसे चुनकर विधानसभा या राज्यसभा की सदस्यता के योग्य बनाया है, तो यह माना जाना चाहिए कि उसने स्वेच्छा से उस पार्टी की सदस्यता को त्याग दिया है। इसी आधार पर वह संसद या विधानसभा की सदस्यता के लिए भी अयोग्य समझा जाएगा।
अभय सिंह चौटाला ने यह भी कहा कि इनेलो के इन पांच सदस्यों में से चार तो अपनी गतिविधियों और आचरण के आधार पर अपने आपको विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य बना लेते हैं और पांचवां सदस्य यानि कि रणबीर गंगवा द्वार पे्रस में यह घोषित किए जाने के बाद कि वह भाजपा में शामिल हो गए हैं, भी विधानसभा की सदस्यता के अयोग्य हैं। उन्होंने कहा कि इन पांचों सदस्यों को अयोग्य घोषित हो जाने के बाद वे नेता विपक्ष की भूमिका को निभाने में असमर्थ होंगे।