कुल्लू, 24 मार्च। भुंतर के शाड़ाबाई निरंकारी सत्संग भवन में सतसंग का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्ष्ता संयोजक महात्मा जालफु राम ने की। उन्होंने मंच-संचालन करते हुए सभी का स्वागत किया। इस अवसर पर मनाली ब्रांच के मुखी महात्मा प्रताप ठाकुर ने साध संगत को बिशेष रूप से संबोधित किया उन्होंने अपने विचारों में कहा कि आज समय के रवहर सतगुरू माता सुदीक्षा जीमहाराज संसार को प्यार, प्रीत, भाईचारे का संदेश दे रहे है। आज जहां भाई-भाई का बैरी बना हुआ है वहीं पर निंरकारी संग का बच्चा-बच्चा प्यार प्रित का संदेश दे रहा है और मिशन का प्रचारक बना है। और उन्होंने कहा कि मानव प्रभु की सर्वोच रचना है। महात्मा ने कहा कि संत निरंकारी मिशन की बिशेष सतगुरू साध संगत और ब्रह्म ज्ञान से है। इन में से भी सर्वश्रेठ ब्रह्म ज्ञान है। क्योंकि दुनिया में गुरू भी बहुत है और साध संगत भी हो रही है लेकिन ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति अन्यत्र नहीं हो सकती जिस प्रकार सतगुरू की पहचान ब्रह्मज्ञान से होती है उसी तरह गुरूसिख की पहचान ब्रह्मज्ञान पर आधारित जीवन जिने से होती है। इसके अलावा बहुत से महात्माओं ने बारी बारी भजनों व विचारों द्वारा आर्शिवाद लिया। इस अवसर पर ज्ञान प्रचारक महात्मा मोती राम ने अपने पोते का जन्म दिन साध संगत में मनाया और लंगर का आयोजन भी किया। महात्मा ने सभी संतों को संगत में उपस्थित होने पर धन्यवाद किया और कहा कि प्रभु परमात्मा का ज्ञान प्राप्त होने के वाद इंसान में समर्पन भाव आ जाता है और तब वह अधिकारों की बजाएं अपने फरजों को प्रधानता देने लगता है। इस अवसर पर मीडिया प्रभारी जीत कपूर ने कहा कि आज निरंकारी मिशन पूरे विश्व में अपना योगदान दे रहा है। निरंकारी की गतिविधियों में आज मिशन विश्व में अब्बल है और बेटी बचाओ, सफाई अभियान, पौध रोपण, रक्तदान जैसे सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं।