Chandigarh,25.04.19,चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी द्वारा तीन दिवसीय समारोह का आयोजन पिछले दिनों से टैगोर थिएटर में किया जा रहा है जिस में गुरु शिष्य परंपरा के तहत तीन दिवसीय कार्यक्रम में जाने माने कलाकारों ने शिरकत की आज के समारोह के अंतिम दिन चंडीगढ़ की जनि मणि नृत्यांगना डॉ. समीरा कोसेर एवं उनकी शिष्यों ने सूंदर प्रस्तुतियां पेश करके दर्शकों को अभिभूत कर दिया

कार्यक्रम को दो भागों में विभाजित किया गया था. पहले भाग में गुरु समीरा कोसेर की शिष्यों ने सबसे पहले दुर्गा स्तुति जय जय जग जननी पेश कर के भक्तिमयी शुरुआत की इसके उपरांत राग मल्हार मेंनिबद्ध रचना प्रस्तुत की समीरा की शिष्यों ने कत्थक के जयपुर घराने के तकनिकी पक्ष को जोरदार तरीके से प्रस्तुतु करके अपनी बेहतरीन नृत्य शिक्षा एवं गुरु की मार्ग दशीका का बखूबी प्रदर्शन करके तालियां बटोरी

कार्यक्रम के दूसरे भाग में गुरु समीरा कोसेर ने अपनी प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को चार चाँद लगा दिए उन नोहे गणेश वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की इसके पश्चात कत्थक के कुछ

मशहूर तोड़े टुकड़े प्रस्तुत किये

कार्यक्रम के अंत में भाव पक्ष पर आधारित नृत्य नाटिका ‘‘काया स्वरूप’’ का प्रस्तुतिकरण बेहद भावपूर्ण रहा । जिसमें उन्होंने मनुष्य के जीवन के विभिन्न पहलुओं को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया । उन्होंने बचपन,जवानी एवं बुढ़ापे के विभिन्न पड़ावों के वर्णन के साथ कर्म के महत्व को भी नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया । नृत्य नाटिका में काया को अधिक महत्व न देते हुए कर्म करने के महत्व को दर्शाया गया । जिसे दर्शकों ने खूब सराहा । डाॅ.समीरा ने कत्थक नृत्य के साथ-साथ भाव पक्ष पर भी अपनी मजबूत पकड़ का बखूबी प्रदर्शन किया ।
गुरु समीरा कोसेर की शिष्यों में शुभ्रा कोसेर सरगम अनुष्का प्रांजल सोनिका और गुरसिमरन ने भाग लिया
इनके साथ मंच पर गुरू ब्रज मोहन गंगानी,तबले पर महमूद खां एवं गायन पर रमेश परिहार ने बखूबी संगत की ।