धर्मशाला, 20 जुलाई: लोकसभा सांसद किशन कपूर ने कहा कि हिमाचल सरकार प्रदेश में वन संरक्षण पर बल देते हुए वनों को रोजगार और आजीविका का साधन बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस उद्देश्य से अनेक योजनाएं आरंभ की हैं।
किशन कपूर आज धर्मशाला के समीप अघंजर महादेव में वन विभाग द्वारा आयोजित पौधरोपण अभियान कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए बोल रहे थे। इससे पहले सांसद किशन कपूर ने पौधा भी रोपित किया।
किशन कपूर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पौधरोपण एवं उनके संरक्षण में समुदाय की भागीदारी तय बनाने के लिए प्रदेश में सामुदायिक वन संवर्धन योजना आरंभ की है। इस योजना के तहत युवक व महिला मंडलों को पौधरोपण के लिए भूखंड आवंटित किए जाएंगे। इसी प्रकार स्कूली बच्चों को वन संरक्षण के अभियान से जोड़ने के लिए विद्यार्थी वन मित्र योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत विद्यार्थियों को वनों के महत्व और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना और उन्हें अधिक से अधिक पौधे लगाने के प्रति प्रेरित करना है। योजना के तहत स्कूलों को भी भूखंड आवंटित किए जाएंगे। आवंटित भूखंड में स्कूली बच्चे पौधारोपण कर साल भर उनकी देखभाल भी करेंगे।
किशन कपूर ने कहा कि 20 से 24 जुलाई तक चलने वाले विशेष पोधारोपण अभियान में प्रदेशभर में करीब 25 लाख पौधे लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि इसी कड़ी में 5 दिनों में धर्मशाला मंडल में 83 हैक्टेयर भूमि मेें 65 हजार पौधे लगाए जाएंगे।
किशन कपूर ने लोगों से वन संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में पौधरोपण अभियान के तहत देवदार, औषधीय पौधे, चौड़े पत्तियों वाले पौधे तथा फलदार पौधे और बान के पौधे लगाए जाएंगे। इससे पर्यावरण का संरक्षण तो होगा ही, भूमि कटाव भी रूकेगा और क्षेत्र की सुंदरता में वृद्धि होगी। इससे पर्यटन में भी इजाफा होगा। उन्होंने लोगों से लगाए गए पोधों के संरक्षण का ख्याल रखने का आग्रह किया।
किशन कपूर ने कहा कि प्रदेश में जब जब भाजपा सरकार रही है, वनों के संरक्षण और इन्हें जीविका कमाने का साधन बनाने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में 1990 में वन लगाओ रोजी कमाओ अभियान आरंभ किया गया था।उस अवधि में जो पौधे लगाए गए वे आज घने जंगल का रूप ले चुके हैं। इससे प्रदेश में वन संवर्धन को बड़ा बल मिला है। इसी प्रकार 2008 में प्रो. प्रेम कुमार धूमल की सरकार ने जन-जन संजीवनी अभियान छेड़ा था। उस समय जगत प्रकाश नड्डा प्रदेश के वन मंत्री थे। इसके तहत हर घर में औषधीय पौधे दिए गए थे। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृत्व में वर्तमान सरकार वन संरक्षण, संवर्धन और इन्हें पर्यटन व अन्य रोजगार गतिविधियों से जोड़ने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।
इस मौके अरण्यपाल बीआर कौशल ने मुख्यातिथि का स्वागत किया। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा चलाए गए इस पांच दिवसीय अभियान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसके तहत स्थानीय लोगों की सहभागिता से पौधारोपण पर बल दिया गया है।
जिला वन मंडल अधिकारी श्री संजीव शर्मा ने मुख्यातिथि का आभार जताते हुए भरोसा दिलाया कि पौधरोपण अभियान के तहत लगाए गए पौधों का संरक्षण तय बनाया जाएगा।