चंडीगढ़,(सुनीता शास्त्री)14.09.19- एशियन फाइन सीमेंट्स, भारत की प्रतिष्ठित सीमेंट कंपनी, ने आज अपनी तरह के पहले ऐसे सीमेंट ड्यूराटन 7एक्स को पेश किया, जो जल रिसाव और जंग से संपूर्ण सुरक्षा प्राप्त हो और स्ट्रक्चर्स को स्थायित्व प्रदान करे। ड्यूराटन 7एक्स भारत में एकमात्र सीमेंट है यहधूल रहित, पर्यावरण के अनुकूल वैक्यूम-टाइट पैकेजिंग में आता है। इसके अद्वितीय फीचर्स का भी प्रदर्शन किया गया। ड्यूराटन 7एक्स सीमेंट देश के तकनीकी रूप से सबसे एडवांस्ड प्लांट में निर्मित है, जो दो चरणीय सुपरफाइन प्रोसेसिंग के साथ के रोबोटिक गुणवत्ता नियंत्रण के तहत राजपुरा जिला पटियाला में कार्यरत है।डक्यूराटन 7एक्स से बना कंक्रीट घनी और मोटी स्थिरता की है जिसके परिणामस्वरूप काफी अधिक स्थिरता मिलती है और इस तरह लंबे समय तक चलने वाली ताकत के साथ काफी सुगठित कंक्रीट स्ट्रक्चर प्राप्त होता है। कम परमीएिबिलिटी पानी के रिसाव और क्लोराइड और सल्फेट के प्रवेश की संभावना को कम कर देती है और इसलिए अधिक जंग प्रतिरोधी क्षमता प्राप्त होती है, जिससे हमारे घरों सहित सभी तरह के स्ट्रक्चर अधिक टिकाऊ होते हैं।श्री सतीश शर्मा, सीईओ, एशियन फाइन सीमेंट्स, ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ‘‘ड्यूराटन 7एक्स एक तकनीकी रूप से एडवांस्ड सीमेंट है जिसे विशेष रूप से मल्टी-एप्लीकेशन सीमेंट के रूप में तैयार किया गया है। यह एक प्रीमियम कैटेगरी का सीमेंट है जिसे हमारे द्वारा अत्यंत सावधानी के साथ बनाया गया है। हमारे उपभोक्ताओं का सपनों सरीखा घर सिर्फ सबसे बेहतरीन सीमेंट के उपयोग का अधिकार रखता है और उस कसौटी पर हमारा नया ड्यूराटन 7एक्स सीमेंट ही खरा उतरता है।’उन्होंने कहा ड्यूराटन 7एक्स का उपयोग नींव के कंक्रीट, बीम और कॉलम, ईंट की चिनाई, बेसमेंट की दीवार के प्लास्टर, आंतरिक दीवारों पर प्लास्टर, बाथरूम और बालकनियों, छत के प्लास्टर, छत की सतह, बाहरी दीवारों पर प्लास्टर, पानी के टैंकों और जल प्रतिरोधी सभी तरह के स्ट्रक्चर्स के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है। हम जल्द ही ग्राहकों के लिए और नए उत्पाद लाएंगे। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण जल प्रतिरोधी प्री-होमोजीनाइज्ड फार्मूलेटड गुणों के तैयार किया गया सीमेंट है जो कि पानी के प्रवेश को कम करता है और इस तरह निर्माण में सीपेज और नमी को रोकता है। इसमें जंग रोधी गुण भी हैं वाटरप्रूफिंग का महत्व इसके परिणामों से स्पष्ट होता है और ऐसे में जरूरी है कि निर्माण के समय ही इस बात का खास तौर पर ख्याल रखा जाए।