Solan,19.09.19-17वें हिमाचल उत्सव की चैथी संध्या डमरू वाला फेम गायक सुरेश वर्मा के नाम रही। सुरेश वर्मा ने अपने मशहूर गाने सबना दा रखवाला, शिव डमरूआं वाला सुना कर मैदान में मौजूद प्रत्येक दर्शक को शिवमय कर दिया। वर्मा के साथ गोगी बैंड के सांजिदों की शानदार जुगलबंदी ने शानदार समां बांधा। सुरेश वर्मा ने डमरू वाला के अलावा मेरा भोला है भंडारी करे नंदी की सवारी, हुण जो कतई जो नचदा दुडुआ, हो शभंूआ हाथे सोठी हो, कुथु बला रहदीं आ कालींआ तितलियां कुथु बला रहंदे बना दे मोर ओ रामा, कह गए साधू कह गए फकीरा, सब यहीं रह जाना जैसे गीत सुना कर उत्सव की रौनक को चार चांद लगा दिए। इसके बाद आए पहाडी गायक राज शर्मा ने मैं निकला गडडी लेके गाने से प्रांरभ किया और उसके बाद उन्होंने नान स्टाप नाटियों से युवाओं को नाचने पर मजबूर कर दिया। राज शर्मा ने खुले रखे बांकि पडोसने खिडकी रे परदे, ऐहे मेरीए शावणिए, भाई री सालिए तू आपी सांगे नाचने दे मुं, बुरा हो फोना रा चस्का कमलिए, बनदी हेमामालिनी, भाईसाजी, कानो रे बाले ओरे देंदे मेरे, तेरे होला बसना हां करे हां, लच्छी लच्छी लोग गलांदे जैसे पहाड़ी गीतों से खूब रंग जमाया। इससे पहले मुकुल ने खामोशियां तेरी मेरी और तेरे बिना नई जिना मर जाना जैसे बालीवुड गीत कर माहौल को रूमारी बनाया। चैथी संध्या में गायिका इंदू बाला, सुनीता शांडिल, विशाल ठाकुर और नरेश का कार्यक्रम भी खूब सराहा गया।

चैथी संध्या में राज्य स्तरीय गायन प्रतियोगिता हिमाचल आइडल का सेमिफाइनल आयोजित हुआ जिसमें 32 गायकों ने भाग लिया। चुने गए 10 गायकों का फाइनल वीरवार को आयोजित होगा व विजेता को भैरवी प्रोडक्शन से गाना रिकार्ड कराने का मौका मिलेगा। स्कूली बच्चों की बुधवार को वेस्टर्न डांस पर आधारित प्रतियोगिता में गीता आदर्श विद्यालय, जीनियस ग्लोबल प्ले स्कूल और सेंट ल्यूक्स स्कूल के बच्चों ने डांसेज पेश किया। डांस प्रतियोगिता में कुमारी सुनीता शर्मा और मंजू भारद्वाज ने निर्णायक की भूमिका निभाई। इसके अलावा एसजे डांसिंग जोन, आई एम डांस डांस स्टूडियों और ओएनएस माही डांस एकडेमी के डासंेंज भी हुए।