Chandigarh,21.10.19-प्राचीन कला केन्द्र एवं कथक केन्द्र की सहभागिता द्वारा आयोजित दो दिवसीय दूसरे कत्थक उत्सव के दूसरे दिन विभिन्न कथक नृत्य कलाकारों ने कथक प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी। आज अमित गंगानी गुरू जयकिशन महाराज व नृत्यांगना यास्मीन सिंह द्वारा प्रस्तुतियां पेश की गई। आज यहां डाॅ.एम.एस.रंधावा सभागार पंजाब कला भवन में सायं 6 30 बजे कत्थक उत्सव’ का शानदार समापन हुआ

अमित गंगानी ने कार्यक्रम की शुरूआत गणेश वंदना से की । इसके पश्चात बंदिश रूनक छुनक पजनार बाजे का खूबसूरत प्रस्तुतिकरण किया । इसके उपरांत पारम्परिक नृत्य प्रस्तुत किया जिसे दर्शकों ने खूब सराहा । इसके पश्चात अभिनय पक्ष पर आधारित dasavatar की खूबसूरत प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया ।

इसके पश्चात कत्थक नृत्यांगना यास्मीन सिंह ने कृष्ण भक्ति का भाव विभोर करने वाला कत्थक नृत्य ‘‘द डिवाइन कृष्णा’’ का मंचन अपने समूह के साथ किया । कार्यक्रम की शुरूआत कृष्ण वंदना से हुुई । इसके उपरांत मधुराष्टकम के माध्यम से कृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया गया । आज ‘‘द डिवाइन कृष्णा’’ प्रस्तुति के माध्यम से महाराज चक्रधर सिंह द्वारा रचित ठुमरी जो नौ रसों पर आधारित है ‘‘गोरी सलोनी तोरे नैना’’ के माध्यम से अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये ।

इसके पश्चात पंडित बिरजू महाराज जी के सुपुत्र एवं जाने माने कत्थक गुरू जय किशन महाराज की शिष्याओं द्वारा तराना प्रस्तुत किया तराना हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायन का एक प्रमुख अंग है जो कि राग सरस्वती व हिंडोल पर आधारित है व तीन ताल में निबद्ध है । यह ताल पर आधारित नृत्य है जिसमें ताल की खूबसूरती को तेज गति की बंदिशों व पद संचालनों द्वारा प्रस्तुत किया गया । पारम्परिक कत्थक में नवीन प्रयोग करते हुए उसकी संरचना को एक नया रूप का प्रस्तुतिकरण,कत्थक केन्द्र के रेपर्टरी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया गया इनके संगत कलाकारों में जया भट्ट,रिद्धिमा बग्गा,रागिनी नागर,विश्वदीप शर्मा,पार्थ मंडल एवं नृत्य एवं संगीत संरचना गुरू जयकिशन महाराज ने की । इसके उपरांत मेघ जो एक हिन्दुस्तानी शास्त्रीय राग है, आधुनिक मिश्रण के साथ रचना में तीन बंदिश में नृत्य के माध्यम से खूबसूरत चित्रण किया गया

उपरांत बंदिश बरखा ऋतु आय- बदरा घिर आये चहुॅं दिशनन में- उमड़ घुमड़ गरजत नभ - प्रत्येक बंदिश के इरादे को खूबसूरती से संरचित किया गया है जो मौसर के हर रंग को भलीभांति प्रस्तुत करता है । कलाकार - कंचन नेगी,अश्विनी सोनी,देवांगी पुरंदरे,ईप्सा नरूला,संगीता दस्तिदार नृत्य एवं संगीत संरचना गुरू जयकिशन महाराज ।

कार्यक्रम के अंत में केन्द्र की रजिस्ट्ार डाॅ.शोभा कौसर,जाने माने कलाकार समीक्षक रविंद्र मिश्रा एवं सचिव श्री सजल कौसर ने कलाकारों को मोमेंटो एवं पुष्प देकर सम्मानित किया ।