Chandigarh,19.11.19-आज टैगोर थियेटर में केन्द्र द्वारा आयोजित तीन दिवसीय हेमंतोत्सव के दूसरे दिन मुंबई से आई सुचिसमिता एवं देबोप्रिया ;जो कि फलूट सिसटर्स द्ध के नाम से मशहूर हैं,ने मधुर बांसुरी की धुनों से टैगोर सभागार को झनका दिया । दूसरी ओर दिल्ली से आई मोहिनीअट्टम गुरू जयाप्रभा मैनन ने अपने समूह के साथ खूबसूरत मोहिनीअट्टम नृत्यों की प्रस्तुति से हेमंतोत्सव का दूसरा दिन महका दिया । आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में नाॅर्थ जोन कल्चरल सेंटर के निदेशक श्री सौभाग्य वर्धन ने शिरकत की ।

पारम्परिक दीप प्रज्वलन के पश्चात कार्यक्रम का आरंभ बांसुरी वादन की जुगलबंदी से किया गया। इसमें मुंबई से आई बहनें सांगीतिक परिवार में पली बढ़ी है । सुचिसमिता और देबोप्रिया ने बांसुरी के पितामह कहे जाने वाले महान बांसुरी वादक पद्म विभूषण पंडित हरिप्रसाद चैरसिया जी से बांसुरी वादन की शिक्षा गुरू शिष्या परम्परा के तहत प्राप्त की है । दोनों बहनों ने बहुत से कार्यक्रमों में अपनी खास उपस्थिति दर्ज करवाई है ।

युवा एवं प्रतिभाशाल बांसुरी वादकों की श्रेणी में अपना वचसर्व स्थापित करने वाली दोनों बहनों ने कार्यक्रम की शुरूआत राग बिहाग से की जिसमें आलाप के पश्चात जोड़ पेश किया गया । उपरांत रूपक ताल मध्य लय एवं तीन ताल द्रुत लय में खूबसूरत बंदिश पेश की गई । इसके पश्चात राग हंसध्वनि में निबद्ध तीन ताल से सजी दो पारम्परिक बंदिशें पेश की गई । कार्यक्रम का समापन सुचिसमिता एवं देबोप्रिया ने राग मिश्र पीलू में निबद्ध खूबसूरत एवं मीठी धुन से किया । इनके साथ तबले पर सधे हुए तबला वादक अनुतोष दिघरिया ने बखूबी संगत की ।

इसके पश्चात जयाप्रभा मैनन ने मंच संभाला । उन्होंने नृत्य से शुरूआत की जिसमें उन्होंने पंचतत्वों से बने भगवान शिव की आराधना पेश की । उपरांत शिव पंचाक्षर पेश किया जिसमें शिव की महिमा नृत्य के माध्यम से बताते हुए खूबसूरत नृत्य पेश किया गया । इसके पश्चात वर्षागमन पेश किया गया जिसमें प्रकृति में मानसून के आगमन से आने वाली खूबसूरती का चित्रण नृत्य के माध्यम से पेश करके जयाप्रभा मैनन एवं उनके समूह ने खूब तालियां बटोरी । कार्यक्रम का समापन सप्ताजीव से किया गया जिसमें उन्होंने पारम्परिक मोहिनीअट्टम नृत्य पेश किया एवं जीवन के विभिन्न चक्रों को नृत्य के माध्यम से दर्शाया । जयाप्रभा मैनन के साथ उनके समूह में रेजी अनूप,आरद्रा नायक,रनजीथा राजेश एवं स्मिथा पिल्लई ने साथ दिया ।

कार्यक्रम के अंत में केन्द्र की रजिस्ट्ार डाॅ.शोभा कौसर,सचिव श्री सजल कौसर ने कलाकारों को सम्मानित किया ।