सोलन-दिनांक 17.11.2019-हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. राजीव बिंदल ने कहा कि हिमगिरि कल्याण आश्रम सोलन अपनी स्थापना के समय से ही जनजातीय एवं अति पिछड़े क्षेत्रों के लोगों का भविष्य संवारने के लिए प्रयत्नशील है तथा समाज के सभी वर्गों के सहयोग से आश्रम भविष्य में अपनी गतिविधियों का अपेक्षित विस्तार करेगा। डाॅ. बिंदल आज सोलन के शिल्ली स्थित हिमगिरि कल्याण आश्रम में आयोजित जनजातीय गौरव एवं वार्षिक उत्सव की अध्यक्षता कर रहे थे।

इससे पूर्व कार्यक्रम के अध्यक्ष डाॅ. बिन्दल, मुख्य अतिथि केंद्रीय वित्त एवं काॅरपोरेट राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर तथा अन्य गणमान्य अतिथियों ने द्वीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
डाॅ. बिंदल ने कहा कि 19 मई 1985 को प्रदेश का प्रथम हिमगिरि कल्याण आश्रम सोलन से 04 छात्रों के साथ आरंभ हुआ था। समाज के सभी वर्गों के निरंतर सहयोग और समर्थन से आज सोलन के साथ राज्य के चंबा, शिमला, रामपुर तथा किन्नौर में आश्रम के छात्रावास सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। इनमे लगभग 100 बालक एवं 15 बालिकाएं शिक्षा प्राप्त कर रही हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सोलन जिला प्रदेश में चहुंमुखी विकास का सिरमौर बन कर उभरा है और जिला सामाजिक कार्यों के क्षेत्र मे भी प्रेरणा की नई ईबारत लिख रहा है। उन्होेंने आशा जताई कि निकट भविष्य में समाज के सहयोग से हिमगिरी कल्याण आश्रम वंचित वर्गों को शिक्षा के माध्यम से सबल बनाने के लिए देश तथा प्रदेश को राह दिखाएगा। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि हिमगिरी कल्याण आश्रम की सहायता के लिए सहयोग करें।
डाॅ. बिन्दल ने कहा कि आश्रम के माध्यम से शिक्षा प्राप्त छात्र वर्तमान में अन्य के लिए प्रेरणास्तोत्र बन कर उभरे हैं। शिमला में आश्रम के निर्माणाधीन भवन के लिए हिमगिरी कल्याण आश्रम के पूर्व छात्रों ने 07.50 लाख रुपए का अंशदान किया है। उन्होंने कहा कि यह सिद्ध करता है कि आश्रम अपने छात्रों को सबल बनाने एवं सदैव सहायता करने के उद्देश्य में सफल रहा है। उन्होंने कहा कि सोलन आश्रम के वर्ष 1985 के प्रथम दो छात्र वर्तमान में राजकीय सेवा में अध्यापक के रूप में कार्यरत हैं। अभी तक आश्रम द्वारा संचालित बाला साहेब देशपांडे छात्रावास शिल्ली से 300 से अधिक छात्र शिक्षा ग्रहण कर सामाजिक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने आश्रम की प्रेरणादाई गतिविधियों पर सन्तोष व्यक्त किया।
उन्होंने इस आश्रम को स्थापित करने के लिए योगदान देने के लिए सभी विभूतियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रामचन्द्र खराड़ी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोेदी के सशक्त नेतृत्व में देश विश्व गुरू बनने की और अग्रसर है। उन्होंने कहा कि वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा लगभग 20,000 प्रकल्पों के माध्यम से जनजातीय संस्कृति का संरक्षण सुनिश्चित बनाया जा रहा है।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि बोन बौद्ध धर्म गुरू डाॅ. थुपतन नेगी रिनपोछे ने कहा कि हिमाचल में जनजातीय क्षेत्रों के लोग विकास के सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्व की 427 जनजातियां भारत में हैं। उन्होंने कहा कि समाज के सर्वांगीण विकास के लिए सभी वर्गों का समग्र कल्याण आवश्यक है।
इस अवसर पर भारतीय एवं हिमाचली संस्कृति पर आधरित मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
डाॅ. राजेश्वर चन्देल ने संस्थान की गतिविधियोें की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 1985 में डाॅ. राजीव बिन्दल ने इस आश्रम की स्थापना की थी।
डाॅ. बिंदल की धर्मपत्नी मधु बिंदल, शिमला के पूर्व सांसद वीरेंद्र कश्यप, किन्नौर के पूर्व विधायक तेजवंत नेगी, नगर परिषद सोलन के अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर, राज्य खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम गुलेरिया, बघाट बैंक के अध्यक्ष पवन गुप्ता, सोलन से विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार रहे डाॅ. राजेश कश्यप, जिला परिषद सदस्य शीला, जोगेंद्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष विजय सिंह ठाकुर, हिमगिरि कल्याण आश्रम के प्रान्त अध्यक्ष अशोक ठाकुर, भाजपा के वरिष्ठ नेता लोकेश्वर शर्मा, भाजपा मण्डल सोलन के अध्यक्ष मदन ठाकुर, महामंत्री नरेंद्र ठाकुर, उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र ठाकुर, सचिव अशोक ठाकुर, जिला भाजपा के कोषाध्यक्ष लक्ष्मी ठाकुर, आढ़ती एसोसिएशन सोलन के तीर्थानन्द भारद्वाज, पूर्व बीडीसी सदस्य नन्द लाल कश्यप, भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष भरत साहनी, व्यापार मंडल सोलन के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता, जिला दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र सूद, डाॅ. यशवंत सिंह परमार वानिकी एवं बागवानी विशवविद्यालय के कुलपति डाॅ. परविंदर कौशल, अजय बंसल, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विवेक चंदेल, उप पुलिस अधीक्षक रमेश शर्मा, अन्य गणमान्य व्यक्ति, छात्र तथा अन्य विभूतियां इस अवसर पर उपस्थित थीं।
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