नई सड़क बनाने के लिए पहले पुरानी को तोड़ा जाएगा - अरविंद केजरीवाल
- पुरानी सड़क के मैटेरियल का नई सड़क के निर्माण में होगा इस्तेमाल - सीएम
- नई तकनीक से सड़क निर्माण में आने वाले खर्च में होगी 30 फीसद की कटौती - सीएम
- पहले भी यह तकनीक थी, भ्रष्टाचार करने के लिए नहीं होता था इस तकनीक का इस्तेमाल - सीएम
- नई तकनीक से सड़क निर्माण के बाद घर नीचे होने और सड़क उपर होने की समस्या से मिलेगी निजात - सीएम
नई दिल्ली,17.11.19- - दिल्ली में अब सड़कों के नव निर्माण में नई तकनीक का इस्तेमाल होगा।इसके तहत सड़क नव निर्माण के लिए अब पुरानी सड़क को तोड़ा जाएगा। उससे निकले मैटेरियल का इस्तेमाल नई सड़क के निर्माण में होगा। इससे निर्माण लागत में तीस फीसद की कटौती होगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यह घोषणा रिठाला विधानसभा क्षेत्र के रोहिणी सेक्टर 5, 6,11 16, 17 के अंतर्गत आने वाली 9, 13, 24 व 30 मीटर सड़कों के निर्माण कार्य के शुभारंभ के दौरान कहीं। उन्होंने कहा, यह तकनीक पहले भी थी, लेकिन भ्रष्टाचार करने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं होता था। नई तकनीक से सड़क निर्माण के बाद लोगों के घर नीचे होने और सड़क उपर होने की समस्या से भी निजाद मिल जाएगी।
पांच माह में बन जाएंगी सड़कें - सीएम
सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा मुझे बेहद खुशी है आपकी इतनी सड़कें एक साथ बन रही है। यह सड़कें कई साल से बनी नहीं थी। लोगों को तकलीफ होती थी।13 किलोमीटर सड़क को पांच माह में बना दिया जाएगा। मेरी कोशिश होगी कि सड़कें एक दिन पहले बन जाए। मैं खुद नजर रखुंगा।
पुरानी तकनीक के कारण लोगों ने सड़क बनाने से कर दिया था इंकार - सीएम
सीएम ने कहा कुछ दिनों पहले मैं एक कालोनी में गया था। मैंने लोगों से पूछा सड़क बनवा दूं। लोगों ने कहा नहीं, सड़क बनेगी तो वह मकान से उपर हो जाएगी। फिर सड़क का पानी घर में आ जाएगा। उसी दिन मैंने सोच लिया अब नई तकनीक से ही दिल्ली की सड़कें बनेंगी। अब पुरानी सड़क को तोड़ा जाएगा। उसे नई सड़क में इस्तेमाल किया जाएगा। तीस प्रतिशत पुराना मैटेरियल इस्तेमाल होगा। आपकी पुरानी टूटकर नई बन जाएगी। इससे निर्माण लागत तीस फीसद कम हो जाएगी। दिल्ली में जगह जगह ऐसा कर रहे। पहले सुना करते थें, सड़क पर सड़क बन जाती है। जिससे घर नीचे सड़क उपर हो जाते थें। अब दिल्ली में ऐसी सरकार है जो लोगों की सुनती है। गौर कर समाधान निकालती है। क्योंकि हमारे आपके बीच दूरी नहीं। मैं आम परिवार से हूं। मेरे नेता पहली बार विधायक बने। इस कारण हमें पता हे आम आदमी की समस्या क्या है।
मैंने जहाज नहीं खरीदें, महिलाओं की यात्रा मुफ्त की - सीएम
सीएम ने कहा अब हमने महिलाओं के लिए सफर फ्री कर दिया। दिल्ली की महिलाएं खुश हैं। दुनिया में किसी ने ऐसा सोचा भी नहीं होगा। विपक्षी पार्टियों ने खूब हंगामा किया। लोग पूछते हैं पैसा कहां से आता है। एक राज्य के मुख्यमंत्री ने 191 करोड़ का जहाज अपने लिए खरीदा। मैंने अपने लिए जहाज नहीं खरीदा अपनी बहनों की यात्रा मुफ्त की। अगर मैं अपने लिए जहाज खरीदता तो विपक्ष को तकलीफ नहीं होती। महिलाओं के लिए कर दिया यो दूसरे राज्य में भी मांग हो रही है। इस कारण विपक्ष नाराज है।
जनता को सुविधा देने पर विपक्ष को हो रही परेशानी - सीएम
सीएम ने कहा हमने दो सौ यूनिट बिजली फ्री कर दी। जीरो बिल आ रहे। विपक्षी नेता इसका विरोध कर रहे। जो नेता फ्री बिजली का विरोध कर रहे उनके सांसद को चार हजार यूनिट बिजली फ्री मिल रही लेकिन ड्राइवर को मिल गया तो तकलीफ हो रही है। जनता को मिलने का उन्हें तकलीफ है।
अब हर साल दस हफ्ते, दस बजे, दस मिनट अभियान चलाएंगे - सीएम
सीएम ने कहा दिल्ली में डेंगू आपकी ताकत से कम हुआ। 2015 में पहली सरकार में आए तो 15 हजार डेंगू केस थें। हम एक अस्पताल से दूसरे में जा रहे थें। 60 मौत हुई थी। इस साल पिछले हफ्ते तक केवल 13 सौ केस आए और कोई मौत नहीं हुई। 15 हजार से हम 13 सौ पर अपनी सरकार में आ गए। सौ देश में डेंगू महामारी की तरह है। अपने देश के कई शहर में डेंगू फैला है। किसी को समझ नहीं आ रहा था डेंगू को कैसे रोक लगाए। दस हफ्ते, दस बजे, दस मिनट अभियान से दिल्ली ने कमाल किया। अब हर साल करेंगे।
पड़ोसी राज्य में पराली जलने से दिल्ली में हुआ प्रदूषण - सीएम
सीएम ने कहा हमने प्रदूषण कम किया। 9 अक्टूबर तक दिल्ली का आसमान और हवा साफ थी। 2015 के मुकाबले हमारा प्रदूषण 25 प्रतिशत कम हुआ। पंजाब और हरियाणा में पराली जलने से प्रदूषण बढ़ा। दो दिन से पराली जलना कम तो हवा साफ हुई। पहले बिजली जाती थी। जनरेटर होता था। छह लाख से ज्यादा जनरेटर होते थें। अब 24 घंटे बिजली से जनरेटर हटा। प्रदूषण कम हुआ। हमने पेड़ लगाए। हरियाली हुई। ईस्ट वेस्ट पैरिफेरल से दिल्ली में ट्रक नहीं आते। पांच साल में प्रदूषण कम किया। दिल्ली में एक माह में प्रदूषण दम घोटता है। मुझे उम्मीद है केंद्र और अन्य सरकार काम कर इसे रोकेंगी।
दिल्ली में 24 घंटे और साफ पानी देंगे, यमुना भी साफ करेंगे - सीएम
सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा दिल्ली ने विकास की रफ्तार पकड़ी है। इसे रोकना नहीं है। हमें पानी सप्लाई मोटर हटाना है। साफ पानी घर-घर पहुंचेगी। इसके लिए प्लान बन गया है। चार पांच साल में घर घर पानी जाएगा। लंदन, पेरिस में टोटी से पानी पीते हैं। उसी तरह यहां करेंगे। यमुना में चार पांच साल में सफाई कर गोता लगवा देंगे। सीएम ने कहा पांच साल पहले भी हमारे पास पैसा नहीं था, आज भी नहीं है। मेरी ताकत आप लोग हैं। विपक्ष मेरा जितना विरोध करता है, मुझे कोई असर नहीं होता। जब तक आपका प्यार विश्वास है, मुझे किसी चीज की परवाह नहीं। मेरा सपना है कि जीते जी दिल्ली को दुनिया का नंबर एक शहर देखना चाहता हूं।
जो दुनिया में नहीं हुआ, वह केजरीवाल सरकार ने किया - सतेंद्र जैन
कार्यक्रम में मौजूद लोकनिर्माण मंत्री सतेंद्र जैन ने कहा कि दुनिया में आज तक उतने काम नहीं हुए, जितने पांच साल में हुए। पांच साल में पूरे भारत में इतने प्राथमिक हेल्थ सेंटर नहीं बने, जितने दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक खुले। 2.80 लाख सीसीटीवी कैमरे कहीं नहीं लगे। दिल्ली में दो लाख स्ट्रीट लाइट लगने जा रहे। दिल्ली और मुंबई की जनसंख्या बराबर है। मुंबई में डेढ़ लाख पूरे स्ट्रीट लाईट हैं। दिल्ली में 21 हजार क्लास रुम बनें। पूरे देश में इतने क्लास नहीं बने। उसमें राज्य और केंद्र सरकार मिला ले, तब भी। दिल्ली की सड़कों पर देश या विदेश का नागरिक हो, दुर्घटना होने पर दिल्ली सरकार मुफ्त इलाज कराती है। बिजली 24 घंटे आ रही। अब छठी मंजिल तक व 21 मीटर तक पानी 24 घंटे देंगे। केजरीवाल सरकार में असंभव काम ही होता है। मोटर घरों से हटाना है। दिल्ली की यमुना नदी और नालों को साफ करेंगे। आगे यह दोनों काम करेंगे। विपक्ष कहते हैं केजरीवाल ने सब मुफ्त कर दिया। अगर सांसद को चार हजार यूनिट बिजली मुफ्त मिल रही, फिर जनता को दो सौ यूनिट मुफ्त क्यों नहीं।
अधिकृत कालोनियों में भीहुआ विकास - विधायक
इस दौरान विधायक महेंद्र गोयल ने कहा हम कच्ची कालोनियों के साथ अधिकृत कालोनियों का भी विकास करते हैं। विधायक को दस करोड़ मिलते हैं। लेकिन रोहिणी को सीएम ने चालीस करोड़ अतिरिक्त दिए। जिससे विकास की बयार बही। 15 साल से कोई रोड नहीं बनी थी। मैनेजमेंट का शहीद सुखदेव सिंह कालेज बना। मेडिकल कालेज बना। केंद्र में मेडिकल कालेज की फाइल रुकी। लेकिन अरविंद केजरीवाल सरकार ने इसकी इजाजत दिलाई। सीसीटीवी कैमरे लगवाए। मेरा सपना है कि रिठाला क्षेत्र में मल्टीनेशनल कंपनी आए। जिससे युवाओं को नौकरी मिले।
सभा में लोगों ने कहा, बिजली आ रही, पानी आ रही
सभा में मौजूद लोगों ने इस दौरान आवाज लगाकर बताया कि अरविंद केजरीवाल सरकार में पानी आने शुरू हो गए। बिजली नहीं कट रही। मोहल्ला क्लीनिक आधा किलोमीटर पर है। डेंगू खत्म हुआ। आई लव केजरीवाल के नारे लगें।
मुफ्त व अच्छी शिक्षा से बचे पैसे को बच्चियों ने किया सीएम के हवाले
रोहिणी सभा के दौरान दो बच्चियां परी और रिमझिम भी पहुंची। उन्होंने सीएम अरविंद केजरीवाल को गुल्लक भेंट किया। दोनों ने सीएम को कहा कि अच्छी और मुफ्त शिक्षा के कारण पैसा काफी बच जाता है। ट्यूशन की जरूरत नहीं पड़ती। उन पैसों को गुल्लक में इकट्ठा कर रखाहै। बच्चियों ने वह गुल्लक सीएम को भेंट किया।
तीन लाख से ज्यादा लोगों को होगा फायदा
मुख्य अभियंता मथुरा प्रसाद ने बताया कि 50 करोड़ की राशि से निर्माण कार्य होगा। 10 करोड़ से 19 सड़कें बनेंगी। जिसकी लंबाई 13 किलोमीटर है। 40 करोड़ से मुख्यमंत्री सड़क निर्माण योजना से सड़क बनेगी। सड़क खरोचा जाएगा।फिर उसका फिर इस्तेमाल होगा। इससे 3 लाख से ज्यादा लोगों को फायदा होगा।
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*As soon as stubble burning stopped, Delhi's air has cleared up: CM Arvind Kejriwal
*Had stubble burning contributed just 5% to air pollution, how did Delhi's air suddenly become clean after burning stopped? - Arvind Kejriwal
*It is clear from the satellite images released by NASA that once incidence of stubble burning has reduced, the pollution of North India has reduced
New Delhi,17.11.19- - Air quality in North India saw a significant improvement today after stubble burning in the states of Punjab and Haryana came to an end. In a series of tweets by Chief Minister Arvind Kejriwal today, he commented on the strong link between stubble burning in neighbouring states and the deterioration in air quality observed over the last few weeks.
Chief minister Arvind Kejriwal said, "A very strong correlation can be seen between stubble burning and the spike in air pollution in North India. As soon as stubble burning began in the first week of Oct, the AQI started rising. Now that burning is coming to an end, air quality is also improving."
He said, "Some people were saying that only 5 percent of Delhi's air pollution is due to crop burning. If this were true, how did the air quality index reduced from 500 to less than 200 today? On the issue of air pollution, we cannot indulge in politics. We will have to take strong collective action."
In an affidavit to the Supreme Court, the Central Government had said that stubble burning contributes only five percent to Delhi's pollution. However, Delhi doesn't have the necessary tools to conduct a real time source apportionment of air pollution. But the satellite images releases by NASA confirm that as soon as stubble burning began in the first week of October, the air quality of North India deteriorated. Over the past week, stubble burning has reduced as per the same satellite images released by NASA.
CM Kejriwal tweeted a photo of the clear blue skies of Delhi as seen today and said, "We live in such a beautiful city. Imagine, if the stubble burning were to stop, our skies will look like this all year round and our health will also improve. We also have to work on reducing Delhi's own pollution."
Delhi's air was clear until 9 October
CM Arvind Kejriwal, "Until October 9, Delhi's air quality was satisfactory. Suddenly from October 10, Delhi's air quality started to fall into poor, very poor and then dangerous category. There are local factors of pollution like that from industry, vehicles and dust. But despite these factors, Delhi's air quality was satisfactory until 9th October, with the air quality index between 90 and 130. Subsequently, suddenly the Air Quality Index crossed 200 from October 10 onwards. NASA's fire map shows the red spots of stubble burning started appearing from October 10. It is clear that stubble burning is responsible for the current pollution. Despite the Supreme Court's order, if the neighboring states do not stop stubble burning, why should the people of Delhi suffer and for how long?"
Delhi did everything to reduce its pollution - CM
Chief Minister Arvind Kejriwal said that Delhi did everything to reduce its own pollution. He said, "We shut down the 5 lakh generators by providing 24 hours of electricity, converted industry from polluting fuel to PNG. We started Odd Even scheme to reduce vehicular pollution. Around three million vehicles hit the streets of Delhi every day, which went down to just 1.5 million vehicles during Odd Even. This helped reduce the local sources of pollution of Delhi. But the current crisis of air pollution in Delhi was due to stubble in neighboring states.
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