Chandigarh,18.11.19-जयदीप घोष के सरोद और कविता ठाकुर के खूबसूरत कथक हेमन्तोत्सव क खूबसूरत समापन प्राचीन कला केन्द्र कि ओर से आयोजित किये जा रहे तीन दिवसिय हेमन्तोत्सव का आज यहाँ टैगोर थियेटर में भव्य समापन हो गया जिसमें दिल्लि से आये सधे हुए सरोद वादक जयदीप घोष और प्रसिद्ध कथक नृतयांगना कविता ठाकुर ने अपनी प्रस्तुतियो॔ से दर्शकों का मनोरज॔न किया । आज के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संगीत नाटक अकादमी के चैयरमैन श्री कमल अरोरा ने शिरकत की
अाज की दो प्रस्तुतियों मे पहले मशहूर सरोद वादक पंडित जयदीप घोष ने अपने मधुर सरोद वादन की प्रस्तुति दी । जयदीप ने स॔गीत की प्रारभिक शिक्षा पंडित अनिल रायचौधरी से प्राप्त की उपरांत संगीताचारय राधिका मोहन पद्मभूषन बुद्धदेव दासगुप्ता से संगीत की बारिकियाँ सीखी॔ । इन्होने ने देश ही नही विदेशों मे॔ भी अपनी कला का बखूबी प्रदर्शन किया ।
दुसरी ओर डॉ कविता ठाकुर लखनऊ सब्से प्रतिभाशाली एवम कुशल कथ्क न्रतयांगना हैं कवित ने सग॔ीत कि शिक्ष्ा गुरु मुन्ना शुक्ला से प्राप्त की है कविता ने बहुत से बेलै का सफ़ल निर्देशन किया है । आई सी सी आर एवम दूरदर्शन की ऐ ग्रेड कलकर होने के साथ साथ मझीं हुई गुरु भी हैं
आज के कार्यक्र्म कि शुरुआत राग हेम कल्याण से किया जिस में आलाप के बाद जोड़ की सुन्दर प्रस्तुति देकर जयदीप ने दर्शकों को सहज ही अपने संगीत से बान्ध लिया उपरा॔त राग सांझ सरावलि राग में निबद्ध दो गत्ें पेश की
इस मोहक प्रस्तुति के पशचात डॉ कविता ठाकुर ने मचं सम्भाला इन्होने सबसे पहले साँई भजन प्रस्तुत करके क्रायक्र्म कि भक्तिमई शुरुआत की उपरा॔त एकल प्रस्तुति मे॔ कविता ने छौताल में पारम्परिक न्रित्य पेश किया जिस मे तोड़े टुकड़े परन गत इत्यदि का सुन्दर प्रदर्शन किया इसके पशचात कविता के समूह द्वारा उल्लास प्रस्तुत किया गया जिस में भाव और पारम्परिक नृतय का मोहक प्रदर्शन करके दर्शको की खूब तालियाँ बटोरी कार्यक्र्म का समापन नृतय नाटिका गंगा से किया जिस मे॔ इन्होने गंगा के पावन रुप को एवम इसके गुणों की खूबसूरत प्रस्तुति नृतय के मध्यम से पेश करके दर्शको॔ को मन्त्रमुगध कर दिया कविता के समूह में अभिशेक खिची मयुख भटाचार्य एवम सुजाता गावड़े ने साथ दिया
क्रार्यकर्म के समापन पर केन्द्र कि रजिसटरार डॉ शौभा कोसेर एवम सचिव सजल कोसेर ने कलाकारो॔ को सम्मानित किया