चंडीगढ़ 7 दिसम्बर - हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने कहा कि गरीबों की सेवा करना भगवान की सेवा करना है। गुरू गोबिन्द सिंह महाराज ने भी कहा था कि *खालसा सो जो निर्धन का पाले* अर्थात जो निर्धन की सेवा करता है वो सही मायने में सच्चा सिख है, जिसकी प्रेरणा से गुरू तेग बहादुर गुरूद्वारा गोबिन्दपुरा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा गरीब, जरूरतमंद के लिए नि:शुल्क मकान बना कर चरितार्थ किया जा रहा है।
राज्यपाल शनिवार को यमुनानगर जिले के गांव बाल छप्पर में गुरू तेग बहादुर गुरूद्वारा गोबिन्दपुरा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा एक जरूरतमंद महिला के लिए बनाए गए मकान के उदघाटन के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने सबसे पहले नव निर्मित मकान का अवलोकन किया और संत बाबा जसदीप सिंह को इस सहरानीय प्रयास के लिए बधाई दी वहीं मकान की मालकिन महिला सुरजीत कौर को भी इस कार्य के लिए मुबारकबाद दी तथा ट्रस्ट में सहयोग करने वाले महानुभावो को भी ट्रस्ट की ओर से स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया व ट्रस्ट की ओर से बाबा जसदीप सिंह ने राज्यपाल सहित आए हुए सभी अतिथियों को सरोपा भेंट कर सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। उन्होंने कहा कि गुरबाणी में भी संतों ने सेवा के महत्व पर प्रकाश डाला है। गुरबाणी में कहा गया है कि जरूरतमंद की सेवा भगवान की सेवा है। गुरू रविदास जी महाराज मानव जाति के सच्चे पथ प्रवर्तक थे। उन्होंने कहा था कि मै ऐसा राज्य चाहता हूं जिस राज्य में कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए, सभी को अन्न मिले और सारी मानवता बराबर हो इसमें कोई छोटा-बड़ा नही होना चाहिए। संविधान में भी समानता का दर्जा दिया गया है। उन्होंने कहा कि बाबा साहिब भीम राव अम्बेडकर ने भी समाज में समानता लाने के लिए भरकस प्रयत्न किए। उन्होंने कहा कि बिना समानता के कोई भी समाज उन्नत नही हो सकता। भगवान ने सभी को एक समान बनाया है, इसलिए किसी कारणवंश जो व्यक्ति समाज की मुख्यधारा से वंचित रह गया है सक्षम व्यक्ति व समाज को ऐसे जरूरतमंद व्यक्ति का हर तरह से सहयोग करना चाहिए सही मायने में यही प्रभु सेवा है।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को देश के उज्जवल भविष्य के लिए संकल्प लेना चाहिए और समाज में फैली कुप्रथाओं के खिलाफ संगठित होकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक का प्रयोग धरती के लिए काफी घातक होता जा रहा है जिसके लिए उन्होंने पंजाबी एकैडमी हरियाणा के निदेशक गुरविन्द्र सिंह धमीजा के निर्णय के सरहाना की है कि आज के बाद गुरूद्वारें में रखे स्टील के बर्तनों को समारोह में प्रयोग किया जाएगा, किसी भी समारोंह में एकल प्लास्टिक का प्रयोग नही किया जाएगा जिससे पर्यावरण को बढ़ावा मिलेगा।
शिक्षामंत्री कंवर पाल ने गुरू तेग बहादुर गुरूद्वारा गोबिन्दपुरा चैरिटेबल ट्रस्ट के संचालक संत बाबा जसदीप सिंह को गरीब, जरूरतमंद की सेवा के सहरानीय प्रयास की बधाई दी और कहा कि ऐसे प्रयास समाज के सब सक्षम व्यक्तियों को करने चाहिए जिसके अच्छे परिणाम सामने आएगें और समाज में भाईचारें की भावना बढ़ सकेंगी। उन्होंने अपने ऐच्छिक कोष से ट्रस्ट को 5 लाख रूपये का अनुदान देने की घोषणा भी की।
यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने कहा कि जो कार्य बिरला लोग करते है वह कार्य संत बाबा जसदीप सिंह ने किया है। आज हम सभी को संकल्प लेना चाहिए कि जो कार्य संत बाबा जसदीप सिंह द्वारा किया जा रहा है इसको आगे बढ़ाएगे।
ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि सिख समुदाय ने गुरू नानक देव महाराज जी के 550वां प्रकाशेत्सव धूमधाम से मनाया है। गुरूद्वारों में संगतों के लिए बड़े-बड़े लंगरों की व्यवस्था की गई परंतु सही मायने में सच्ची सेवा गुरू नानक देव जी की प्रेरणा से गरीबों की सेवा ही सच्ची सेवा है जिसे बाबा जसदीप सिंह द्वारा पिछले वर्षो से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी व्यक्तियों को ऐसी सेवा करके गुरू के आदेशों का पालन करना चाहिए और गुरू कृपा योजना का हिस्सेदार बनना चाहिए। यहीं संत गुरू नानक देव जी की सच्ची सेवा है।
गुरू तेग बहादुर गुरूद्वारा गोबिन्दपुरा चैरिटेबल ट्रस्ट के संचालक बाबा जसदीप सिंह ने आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया और गुरू कृपा योजना के बारें में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत जरूरतमंद परिवार को अच्छा मकान बना कर दिया जाता है, जमीन स्वयं मालिक को देनी होती है इस योजना से एक गरीब परिवार भी समाज की मुख्यधारा में आ सकता है। इससे पहले भी तीन मकान बनाए जा चुके है और आने वाले समय में 10 और जरूरतमंद व्यक्तियों के मकान बनाए जाएगें। उन्होंने कहा कि इसकी प्रेरणा उन्हें एक ऐसे गरीब परिवार से मिली थी जो किसी धार्मिक संस्था के सहयोग से अपना मकान बनाने के लिए धर्म परिवर्तन कर रहा था। उन्होंने यह निर्णय लिया कि वह क्षमता के अनुसार अधिक से अधिक जरूरतमंदों के लिए मकान बनाएगें ताकि वह परिवार स्वावलम्बी बन सके। उन्होंने कहा यह सभी कार्य आपसी सहयोग के द्वारा सम्भव हो रहा है।
पंजाबी एकैडमी के निदेशक गुरविन्द्र सिंह धमीजा ने इस सहरानीय प्रयास के लिए बाबा जसदीप सिंह का आभार प्रकट किया और कहा कि सही मायने में उनका प्रयास समाज को नई दिशा देगा। उन्होंने गुरूनानक देव जी के अनुयायिओं से अनुरोध किया कि वह पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए एकल प्लास्टिक का प्रयोग बंद करें। समारोह में गुरूद्वारों में रखे स्टील के बर्तनों का प्रयोग करें जो भी इन बर्तनों का ्रप्रयोग करना चाहता है गुरूद्वारे से प्राप्त कर सकता है इसका संकल्प हम सभी को लेना होगा । उन्होंने इस मौके पर हरियाणा सरकार का लौहगढ़ में 145 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले मैमोरियम के बारें में भी जानकारी दी।
इस मौके पर उपायुक्त मुकुल कुमार, पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह यादव, पूर्व विधायक बलवंत सिंह सढौरा, नौनिहाल सिंह, गांव के सरपंच रिछपाल सिंह सहित ट्रस्ट के सदस्य व गा्रमीण उपस्थित थे।