हमीरपुर जिला में बनेगा भूमि बैंक, वेबसाईट पर मिलेगी उपलब्ध भूमि की जानकारीः उपायुक्त

हमीरपुर, 09 दिसंबर। उपायुक्त श्री हरिकेश मीणा ने कहा कि हमीरपुर जिला में भूमि बैंक तैयार किया जाएगा जिसमें विभिन्न प्रयोजनों के लिए उपलब्ध सरकारी व गैर-सरकारी भूमि की जानकारी शामिल की जाएगी। वे आज यहां हमीर भवन में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक (मंडे मीटिंग) की अध्यक्षता कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि हमीरपुर जिला मुख्यालय के आस-पास पांच किलोमीटर की परिधि में यह भूमि चिह्नित की जाएगी। भूमि बैंक (लैंड बैंक) का डाटा तैयार करने के लिए कलर कोडिंग तकनीक का उपयोग किया जाएगा ताकि उपलब्ध सरकारी व निजी भूमि की पहचान आसानी से हो सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए 15 जनवरी, 2020 तक का लक्ष्य तय किया गया है। उपलब्ध भूमि का नक्शा तैयार होते ही इसे जिला प्रशासन की वेबसाईट पर अपलोड किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हमीरपुर जिला में रेडक्रास सोसायटी की गतिविधियां बढ़ाने पर भी बल दिया जा रहा है, ताकि पीड़ितों व असहायों की सहायता के लिए अधिक से अधिक राशि जुटाई जा सके। उन्होंने सोसायटी पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे रेडक्रास की सदस्यता बढ़ाने के लिए अपने प्रयासों में गति लाएं और इसकी नियमित जानकारी उपलब्ध करवाएं। उन्होंने जिला में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण के लिए भूमि चयन तथा आवश्यक स्वीकृतियों की प्रक्रिया में तेजी लाने के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

उपायुक्त ने हमीरपुर शहर में अवैध कब्जों के कारण हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने नगर परिषद अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए समय रहते सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि नगर परिषद अपने आय के संसाधन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे, ताकि कूड़े-कचरे के निस्तारण सहित अन्य मदों पर होने वाले व्यय व नगर परिषद की आय में एकरूपता लाई जा सके। उन्होंने स्लॉटर हाऊस के लिए भूमि चिह्नित कर एक सप्ताह में इसका प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को भी कहा।

उन्होंने कहा कि शहर में रेहड़ी-फड़ी धारकों की समस्याओं के हल के लिए वेंडिंग कमेटी की बैठक शीघ्र आयोजित की जाएगी। इसमें वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा कर इन्हें स्थायी पहचान दिलाने के लिए सुझाव भी लिए जाएंगे। उन्होंने शहर में शौचालयों के रख-रखाव पर विशेष ध्यान देने के भी निर्देश दिए। बैठक में कृषि, पशुपालन, कल्याण विभाग, खनन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी मदों पर भी चर्चा की गयी।

इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त श्री रत्तन गौत्तम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विजय सकलानी, सहायक आयुक्त राजकिशन, उपमंडलाधिकारी (ना.) डॉ. चरंजी लाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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सोलन-दिनांक 09.12.2019
मतदाता सूचियों को अद्यतन करने का कार्य 16 दिसम्बर से 15 जनवरी 2020 तक

भारत के निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सोलन जिला के 53-सोलन(अनुसूचित जाति) तथा 54 कसौली (अनुसूचित जाति) विधानसभा क्षेत्रों में नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने का कार्य 16 दिसम्बर, 2019 से 15 जनवरी, 2020 तक किया जाएगा। यह जानकारी आज यहां निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी एवं उपमण्डलाधिकारी सोलन रोहित राठौर ने दी।
उन्होंने कहा कि इस अवधि में प्रथम जनवरी, 2020 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे। इस दौरान मतदाता सूची में अशुद्ध नामों को ठीक किया जाएगा तथा विवाह, मृत्यु व स्थान त्याग के कारण अपात्र मतदाताओं के नाम काटे जाएंगे। जो मतदाता किसी कारणवश अपना पहचान पत्र दूसरी बार बनाना चाहते हैं तो वे भी नया फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र बनवा पाएंगे।
निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी ने कहा कि यह कार्य उपमण्डलाधिकारी कार्यालय सोलन, सम्बन्धित तहसील कार्यालय, बूथ स्तर के अधिकारी के कार्यालय तथा सम्बन्धित मतदान केन्द्रों में करवाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की जानकारी दूरभाष संख्या 01792-221105, टोल फ्री नम्बर 1950, विभागीय वैबसाईट ceohimachal.nic.in

अथवा भारत के निर्वाचन आयोग के एनवीएसपी पोर्टल पर प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने सभी से आग्रह किया है कि 16 दिसम्बर, 2019 से 15 जनवरी, 2020 तक की अवधि में प्रारूप 6, 7, 8 व 8क, का आवश्यकतानुसार प्रयोग कर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाएं।
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सोलन-दिनांक 09.12.2019
उपायुक्त कार्यालय में नकारा वाहनों की नीलामी 30 दिसम्बर को

उपायुक्त कार्यालय सोलन के दो नकारा वाहनों की नीलामी 30 दिसम्बर, 2019 को प्रातः 11.00 बजे उपायुक्त कार्यालय सोलन के प्रांगण में आयोजित की जाएगी। यह जानकारी अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सोलन विवेक चंदेल ने दी।
उन्होंने कहा कि इच्छुक बोलीदाताआंे को नीलामी से पूर्व प्रत्येक वाहन के लिए धरोहर राशि के रूप में दो-दो हजार रुपये जमा करवाने होंगे। उन्होंने कहा कि नकारा वाहन उपायुक्त कार्यालय सोलन में किसी भी कार्यदिवस पर प्रातः 10.00 बजे से सांय 5.00 बजे तक निरीक्षण के लिए उपलब्ध रहेंगे।
इस संबंध में अधिक जानकारी अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सोलन के कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
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सोलन-दिनांक 09.12.2019
जिला में प्याज़ की दरों को नियन्त्रित करने के लिए निर्देश जारी

सोलन जिला में प्याज़ की दरों को नियन्त्रित करने के लिए जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने जिला के थोक व परचून दुकानदारों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह आदेश हिमाचल प्रदेश जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी उन्मूलन आदेश 1977 के खण्ड 3(2) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं।
इन आदेशों के अनुसार सोलन जिला में थोक व परचून दुकानदारों द्वारा प्याज़ पर लिए जाने वाले लाभांश की अधिकतम सीमा निर्धारित कर दी गई है। थोक व्यापारियांे के लिए यह सीमा 5 प्रतिशत तथा परचून व्यापारियों के लिए 24 प्रतिशत तय की गई है। इस 24 प्रतिशत लाभांश में परिवहन भाड़ा, लदाई, उतराई, कमी व अन्य सभी खर्चे शामिल हैं। आदेशों के अनुसार इन सभी खर्चों की गणना थोक बिक्री मूल्य पर कर परचून दर तय होगी।
जिला दण्डाधिकारी ने सभी व्यापारियों से आग्रह किया है कि वे निर्धारित सीमा तक का लाभांश ही वसूल करें। उन्होंने सभी उपमण्डलाधिकारियों एवं खाद्य नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामले विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस सम्बन्ध में व्यापार मण्डलों और सब्जी विक्रेता संगठनों से बैठक कर उन्हें इस अधिसूचना से अवगत करवाएं। उन्होंने व्यापार मण्डलों और सब्जी विक्रेता संगठनों को इस अधिसूचना की प्रति उपलब्ध करवाने के भी निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा कि जो भी व्यापारी इस अधिसूचना का उल्लंघन करेगा उसके पास से पूरा प्याज़ जब्त कर लिया जाएगा और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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सोलन-दिनांक 09.12.2019
जनधन का नाश कर रहा नशा
आईटीआई सोलन में 725 प्रतिभागियों को नशे के प्रति किया जागरूक

नशा एक ऐसी बुराई है जो हमारे समूल जीवन को नष्ट कर देती है। नशे की लत से पीडि़त व्यक्ति परिवार के साथ-साथ समाज पर बोझ बन जाता है। वर्तमान में हमारी युवा पीढ़ी सबसे अधिक नशे की लत का शिकार हो रही है। यह जानकारी आज औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) सोलन में शिक्षा क्रान्ति संस्था के सत्यन ने पीयर एजुकेशन डे के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित अध्यापकों एवं छात्रों को दी।
यह कार्यक्रम प्रदेश सरकार द्वारा 15 दिसम्बर, 2019 तक कार्यान्वित किए जा रहे मादक द्रव्य एवं मदिरा व्यसन के विरूद्ध जागरूकता के लिए अभियान के अन्तर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आईटीआई सोलन के 725 प्रशिक्षुआंे एवं अध्यापकों को नशे के विरूद्ध जागरूक किया गया।
उन्होंने कहा कि नशा पीडि़तों को नशे के मकड़जाल से मुक्त करवाने और एक स्वस्थ एवं सशक्त समाज के निर्माण के लिए समय-समय पर नशा निवारण अभियान आयोजित किए जाते हैं। यह अभियान तभी सफल हो सकते हैं जब समाज के सभी वर्गों का इन्हें पूरा सहयोग प्राप्त हो। इसके लिए आवश्यक है कि हम सर्वप्रथम अभिभावकों, अध्यापकों और युवाओं को नशाखोरी के विषय में जागरूक करें। समाज को नशाखोरी से मुक्त करवाकर ही देश एवं प्रदेश में वास्तविक अर्थों में विकास की डगर पर सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया जा सकता है।
सत्यन ने कहा कि अधिकतर युवा अपने वरिष्ठ छात्रों के दबाव अथवा उनकी देखादेखी नशा लेना आरंभ करते हैं। शुरूआत में दबाव एवं मजे के लिए किया गया नशा लत बन जाता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति में आर्थिक महत्वकांक्षा भी कहीं न कहीं नशे की बुराई को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने कहा कि नशे के रूप में लोग मदिरा, गाँजा, जर्दा, चिट्टा, ब्राउन शुगर, कोकीन, स्मैक आदि मादक पदार्थों का प्रयोग करते हैं। यह स्वास्थ्य के साथ सामाजिक एवं आर्थिक दोनों लिहाज से ठीक नहीं है। नशे के आदी व्यक्ति की सामाजिक क्रियाशीलता शून्य हो जाती है और उसका सभी से मोहभंग हो जाता है। किन्तु इतना होने पर भी नशे का आदी व्यक्ति व्यसन को नहीं छोड़ता। इससे जन और धन दोनों की हानि होती है।
सत्यन ने कहा कि हिंसा, बलात्कार, चोरी, आत्महत्या आदि अनेक अपराधों का कारण नशा है। मुँह, गले व फेफड़ों का कैंसर, ब्लड प्रैशर, अल्सर, यकृत रोग, अवसाद एवं अन्य अनेक रोगों का मुख्य कारण विभिन्न प्रकार का नशा है।
उन्होंने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए अध्यापक व अभिभावक अहम भूमिका निभा सकते हैं। अभिभावकों को अपने बच्चों से नियमित संवाद करना चाहिए और उनके बदलते व्यवहार पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यक्ति नियमित व्यायाम व योग कर हर प्रकार के तनाव से मुक्त रह कर नशे से दूर रह सकता है।
सत्यन ने कहा कि नशा निवारण अभियान के अन्तर्गत उनकी संस्था द्वारा नियमित रूप से जिले के विभिन्न महाविद्यालयों, विद्यालयों में जागरूकता सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इन जागरूकता सत्रों में युवाओं को नशे कारण व इसकी हानियों के बारे में अवगत करवाया जा रहा है।
आईटीआई सोलन के प्रधानाचार्य चमन लाल तनवर ने पीयर एजुकेशन डे के अवसर पर छात्रों को बधाई दी। उन्होंने छात्रों से कभी भी नशा न करने का आग्रह किया।
शिक्षा क्रांति की स्वयंसेविका नीलम राजपूत, मनीषा ठाकुर, आईटीआई सोलन के समूह अनुदेशक परेश शर्मा ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर छात्रों को नशे के विरूद्ध शपथ भी दिलवाई गई।
इस अवसर पर शिक्षा क्रांति संस्था के स्वयंसेवी, आईटीआई सोलन के कर्मचारी व बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित थे।
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SOLAN, दिनांक 09.12.2019
स्वास्थ्य विभाग ने 385 प्रतिभागियांे को नशे के विरूद्ध किया जागरूक

सोलन जिला में सभी को नशे की हानियों से अवगत करवाने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आज विभिन्न शिक्षण संस्थानों व ग्राम पंचायतों में जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। इन जागरूकता शिविरों में प्रतिभागियों को नशे के के दुष्प्रभावों के साथ-साथ नशे से पीडि़त व्यक्ति के लक्षण व बचाव पर भी जानकारी प्रदान की गई। यह जानकारी एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यहां दी।
उन्होंने कहा कि नशा निवरण अभियान का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे के शारीरिक व मानसिक दुष्प्रभावों के बारे में अवगत करवाना है। नशे से छुटकारे के लिए व्यक्ति में आत्म विश्वास का होना अनिवार्य है। नियमित व्यायाम व खेलकूद गतिविधियों में सहभागिता बनाकर नशे जैसी बुराई से बचा जा सकता है। अभियान में युवाओं, अध्यापकों तथा अभिभावकों को नशे के विरूद्ध एकजुटता के साथ लड़ने का आह्वान किया जा रहा है।
इसी कड़ी में जिला में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न स्थानों पर 385 छात्रों एवं अन्य को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी प्रदान की गई। एमआरए डीएवी विद्यालय में 250, ग्राम पंचायत डकरयाणा के चिकित्सा खंड चंडी में 40, चिकित्सा खंड सायरी के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र काहला में 11 तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सूरजपुर में 84 प्रतिभागियों एवं अन्य को मादक पदार्थोें एवं मदिरा व्यसन की हानियों एवं इससे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
जागरूकता कार्यक्रमों में अध्यापकों तथा अभिभावकों से आग्रह किया गया कि बच्चों की संगति पर ध्यान दें। पढ़ाई एवं व्यवहार में परिवर्तन आने पर अभिभावक तुरंत विद्यालय में अध्यापकों से संपर्क करें। अध्यापक व अभिभावक इस विषय में बच्चों से नियमित संवाद स्थापित करें। इन जागरूकता कार्यक्रमों में छात्रों को नशे की हानियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इन कार्यक्रमों में बताया गया कि नशे से पीडि़त व्यक्ति को सही समय पर चिकित्सा उपलब्ध करवाने पर बचाया जा सकता है।
जागरूकता शिविरों में सभी को नशे के विरूद्ध शपथ भी दिलाई गई।
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