चंडीगढ़, 10 दिसम्बर: भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार ने प्रदेश के युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण हरियाणा में स्थापित औद्योगिक इकाइयों में नौकरी देने का वायदा अपने संकल्प पत्रों में किया है जबकि भाजपा सरकार हरियाणा के बरोजगार युवाओं के इलावा बाहरी लोगों को बड़ी नौकरियों में प्राथमिकता देती रही है। यह बयान इनेलो नेता चौधरी अभय सिंह चौटाला ने मीडिया से रूबरू होते हुए दिया और इनेलो नेता ने कहा कि उन्होंने बाहरी लोगों को नौकरी देने के विरोध में मुख्यमंत्री महोदय को 2 अगस्त, 2019 को एक पत्र लिखकर चेताया था कि बाहरी लोगों को उच्च पदों पर नियुक्त करने की बजाय हरियाणा के पढ़े-लिखे एवं बेरोजगार युवाओं को नियुक्ति किया जाना चाहिए। उदाहरण के तौर पर उस पत्र में लिखा था कि श्री बीके कुठालिया को हरियाणा उच्च शिक्षा काउंसिल के चेयरमैन के पद पर नियुक्त किया जाना गलत था, जबकि इसकी जगह किसी हरियाणावासी को इस विभाग का चेयरमैन के पद पर नियुक्त किया जाना चाहिए था। इनेलो नेता ने बताया कि कथित अधिकारी को मध्यप्रदेश की स्पेशल कोर्ट ने एंटी क्रप्शन एक्ट के तहत अदालत में पेश होने के लिए आदेश दिया था।
गठबंधन की सरकार 75 प्रतिशत हरियाणा औद्योगिक इकाइयों में नौकरी देने की बात करती है जबकि कानून के अनुसार भाजपा ने क्लर्क व चपरासी की नौकरियों के बारे में ही यह नियम बनाया है और उद्योगों में जो बड़ी टेक्नीकल नौकरियां हैं, उनके बारे में सरकार ने अभी तक कोई नियम नहीं बनाया और औद्योगिक इकाइयां अपनी मर्जी से इन पदों पर बाहर के लोगों को नौकरियां दे रही हैं। इनेलो नेता ने कहा कि हरियाणा के बेरोजगार युवाओं को उद्योगों के लिए दक्ष नहीं यह कहकर, उनके जले पर नमक छिडक़ने वाली बात है जबकि हरियाणा के युवकों में किसी भी तरह कौशल का अभाव नहीं है और वह टेक्नीकल और बड़ी नौकरियों के लिए योग्यता रखते हैं।
गठबंधन की सरकार के सहभागी जजपा के नेताओं ने चंडीगढ़ पे्रस कांफ्रेंस में भाजपा पर वार करते हुए कहा था कि बंपर नौकरियां निकालकर युवाओं के साथ सरकार धोखाधड़ी कर रही है। इसी तरह जजपा नेता ने बहादुरगढ़ हलके के गांव कानोदा के युवा सम्मेलन में भाजपा सरकार को ‘गेट-वे आफ बेरोजगारी’ कहा था और सरकार ने 80 में से 78 नौकरियां बाहर के लोगों को दी हैं। गुडग़ांव के एक समाचार-पत्र में 26 अगस्त, 2019 को छपी खबर के अनुसार जजपा नेताओं ने बयान दिया था कि भाजपा राज में नौकरियों में व्याप्त भ्रष्टाचार है और बाहर के लोगों को नौकरियों में नियुक्त किया जा रहा है। 30 अगस्त, 2019 को जजपा नेता ने सरकार पर आरोप लगाया था कि बिजली विभाग में 80 एसडीओ की भर्ती में केवल दो हरियाणा के लगाए गए थे बाकी अन्य राज्यों से लगाए गए हैं। इसलिए भाजपा सरकार पर जो जजपा नेताओं ने आरोप लगाए थे उन आरोपों की किसी निष्पक्ष एजेंसी से जांच करवाई जाए कि इन आरोपों में कहां तक सच्चाई है और हरियाणा में नौकरियों में बाहरी लोगों की बजाय हरियाणा के बेरोजगार और पढ़े-लिखे युवाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए और कानून में संशोधन करके औद्योगिक इकाइयों में सभी तरह की नौकरियों में 75 प्रतिशत की भागादारी सुनिश्चित की जानी चाहिए