चंडीगढ़, 12 दिसम्बर: ऐलनाबाद से इनेलो विधायक चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि एक तरफ तो गठबंधन की सरकार ने अपने घोषणा पत्र में स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करना और किसानों की आय दुुगुनी करने का वादा किया है। पिछले चुनाव के समय पूर्व कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने नंगे बदन प्रदर्शन करके किसानों के हितों के लिए वादे पूरे करने का संकल्प किया था और वादा पूरा न करने के कारण जनता ने उनको तो सबक सिखा दिया है। भाजपा-जजपा संगठन की सरकार ने किसानों की आय दुगुनी तो क्या करनी थी उनको गन्ने की फसल की दरों में कोई बढ़ौतरी न करके एक भद्दा मजाक किया है और किसान विरोधी नीति को दर्शाया है।
इनेलो नेता ने कहा कि गन्ने की फसल की उत्पादन लागत लगभग 350 रुपए प्रति क्विंटल पड़ती है और बिजाई, खुदाई, गन्ने की बंधाई और छिलाई आदि पर खर्चा प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। सरकार ने पिछले वर्ष के गन्ने के भावों में कोई बढ़ौतरी न करके प्रति क्विंटल 335 व 340 रुपए ही निर्धारित रखे हैं जिससे सरकार की किसान विरोधी नीति उजागर होती है।
इनेलो नेता ने कहा कि इस वर्ष इंडियन शूगर मिल्स एसोसिएशन के अंदाजे के अनुसार चीनी के उत्पादन में 21 प्रतिशत की कमी आने का अंदेशा है जिसकी वजह से चीनी मिलों को लाभ होगा परंतु इस लाभ का किसानों को कोई फायदा नहीं होगा। संगठन की सरकार ने अपने मंत्रियों के भत्तों में तुरंत बढ़ौतरी की है, कर्मचारियों के भत्ते प्रति वर्ष बढ़ाए जा रहे हैं, गन्ने की कीमतों की बढ़ौतरी के लिए न ही तो सरकार के पास समय है और न ही किसानों की आर्थिक हालत सुधारने की कोई चिंता है। किसान आर्थिक मंदी व कर्ज के कारण दिन-ब-दिन आत्महत्याएं कर रहे हैं जिनके लिए अपने बच्चों के पालन-पोषण व शिक्षा आदि का प्रबंध करना दूर की कौड़ी है। गन्ने के भावों में तो सरकार ने क्या बढ़ौतरी करनी थी, उनको गन्ने की अदायगी भी समय से नहीं की जा रही और न ही उस राशि के ब्याज का लाभ किसान को दिया जाता है। शूगर मिलें तो अपनी वित्तीय स्थिति का ढिंढोरा पीटती हुई वर्षों तक किसानों के गन्ने की अदायगी नहीं करती और सरकार शूगर मिलों पर मेहरबान होकर उनको वित्तीय सहायता भी प्रदान करती है। शाहबाद चीनी मिल की तरफ अभी भी किसानों का लगभग 20 करोड़ रुपया बकाया है। किसानों ने 20 दिसम्बर को करनाल में मुख्यमंत्री के आवास पर गन्ने की होली जलाने की घोषणा की है ताकि कुंभकरणी नींद में सोई हुई सरकार को जगाया जा सके।
इनेलो नेता ने बताया कि किसानों को अपने हकों के लिए जागरूक करने की आवश्यकता है और जो भाजपा-जजपा ने इस चुनाव में किसानों की आर्थिक हालत सुधारने के वायदे किए हैं उनके अनुसार सरकार को कम से कम 400 रुपए प्रति क्विंटल गन्ने की कीमत निर्धारित करनी चाहिए और किसानों की बकाया राशि का भुगतान करने के लिए तुरंत वित्तीय प्रबंध करना चाहिए।