सोलन -दिनांक 27.02.2020
मिस्त्रियों की क्षमता वर्धन के लिए आयोजित कार्यशाला संपन्न
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सोलन के सौजन्य से जिला में सुरक्षित भवन निर्माण के लिए मिस्त्रियों की क्षमता वर्धन योजना के अंतर्गत सोलन जिला के वाकनाघाट स्थित जेपी विश्विद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आज संपन्न हो गई। कार्यशाला का समापन उपमंडलाधिकारी कंडाघाट डॉ. संजीव धीमान ने किया।
इस प्रशिक्षण कार्यशाला में विभिन्न ग्राम पंचायतों के मिस्त्रियों को सुरक्षित भवन निर्माण की तकनीकी के बारे में अगवत करवाया गया।
इस अवसर पर डॉ. संजीव धीमान ने कहा कि भवन निर्माण कार्यों में भूकंप रोधी तकनीक अपनाकर भूकंप से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भूकंप आने पर सबसे ज्यादा नुकसान लोगों की अज्ञानता एवं भवनों के गिरने के कारण होता है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति भवन निर्माण में पूंजी लगाकर अपने परिवार और पूंजी को सुरक्षित करना चाहता है और इसलिए आवश्यक है कि इस कार्य में नियुक्त मिस्त्री भूकंप रोधी आवास निर्माण तकनीक को जानते हों।
उन्होंने कहा कि राजमिस्त्री भवन निर्माण प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए राजमिस्त्रयों को कम लागत में भूकंप रोधी भवन निर्माण की सभी जानकारियां उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि वे इस तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग भवन निर्माण में कर सकंे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मकान बनाते समय भूकंप रोधी तकनीक का प्रयोग करें।
कार्यशाला में डॉ. सौरव तथा डॉ. तन्मय गुप्ता ने मिस्त्रियों को विभिन्न भवन निर्माण तकनीकों की जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की जिला समन्वयक अपूर्वा मार्या तथा प्रलेखन समन्वयक गौरव मैहता उपस्थित थे।

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जनगणनाः कांगड़ा जिला में मकानों का सूचीकरण कार्य 16 मई से होगा शुरू
हिमच्छादित क्षेत्रों के लिए 11 से 30 सितंबर के बीच पूरी होगी जनगणना प्रक्रिया

धर्मशाला, 27 फरवरीः जनगणना-2021 के तहत कांगड़ा जिला में घरों की सूचीकरण तथा जनसंख्या रजिस्टर को अपडेट करने का कार्य 16 मई से लेकर 30 जून तक किया जाएगा। इस के लिए जनगणना अधिकारियों तथा फील्ड कर्मचारियों को भी आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दूसरे चरण में हिमच्छादित क्षेत्रों में 11 सितंबर से लेकर 30 सितंबर तक जनगणना का कार्य संपन्न किया जाएगा जबकि अन्य क्षेत्रों में नौ फरवरी से लेकर 28 फरवरी 2021 तक जनगणना का कार्य पूर्ण किया जाएगा। यह जानकारी उपायुक्त राकेश प्रजापति ने डीआरडीए सभागार में जनगणना अधिकारियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण शिविर का समापन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि दी।
उपायुक्त ने कहा कि जनगणना देश के विकास का आधार है। राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर कार्यान्वित किए जाने वाले सभी कार्यक्रमों एवं नीतियों की सफलता के लिए जनगणना के सही आंकड़ों का होना आवश्यक है। यह तभी संभव है, जब जनगणना कार्य के लिए नियुक्त अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्ण रूप से प्रशिक्षित हों और अपने कार्य को समर्पण एवं निष्ठा के साथ-साथ समय पर पूरा करें।
उपायुक्त ने कहा कि विभिन्न लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं तथा स्थानीय निर्वाचन में जनगणना के आंकड़े महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि जनगणना के आधार पर ही नीतियों व योजनाओं के निर्माण के लिए मूल्यवान सूचना प्राप्त होती है। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों से आग्रह किया कि वे जनगणनाा कार्य से सम्बन्धित समस्त पहलुओं को सूक्षमता से समझें, ताकि जनगणना के कार्य को त्रुटिरहित एवं समयबद्ध पूर्ण किया जा सके। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारी एवं कर्मचारी शंकाओं का निर्वारण करें।
इस अवसर पर जनगणना विभाग के उपनिदेशक राजेंद्र प्रसाद ने जनगणना कार्य की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने प्रशिक्षण में जनगणना अधिकारियों को उनके उत्त्तरदायित्व एवं विभिन्न कानूनी प्रावधानों व नियमों के बारे में जानकारी दी।
इस अवसर पर एडीसी राघव शर्मा, एडीएम मस्त राम भारद्वाज सहित उपमंडलाधिकारी तथा विभिन्न जनगणना अधिकारी उपस्थित थे।