चण्डीगढ़,23.05.20- : उच्चतम न्यायालय ने 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई दो सप्ताह के लिए टाल दी। नरेन्द्र मोदी के निर्वाचन के खिलाफ सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के पूर्व जवान तेज बहादुर यादव की याचिका मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे, न्यायमूर्ति ए.एस. बोपन्ना और न्यायमूर्ति ऋषिकेश राय की खंडपीठ के समक्ष जैसे ही सुनवाई के लिए आई, याचिकाकर्ता के वकील ने चार सप्ताह सुनवाई स्थगित करने का न्यायालय से अनुरोध किया, लेकिन न्यायालय ने चार सप्ताह के बजाय दो सप्ताह के लिए याचिका की सुनवाई टाली। हालांकि, इस बीच श्री मोदी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे और सत्य पाल जैन स्क्रीन पर आ चुके थे लेकिन उनके बहस की नौबत ही नहीं आई।
इससे पहले गत 18 मई को इस मामले को सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन अज्ञात कारणवश मुख्य न्यायाधीश के उपलब्ध न रहने के कारण उनके समक्ष सूचीबद्ध सभी मामलों की सुनवाई के लिए 22 मई की तारीख मुकर्रर की गयी थी, जिसमें श्री मोदी के निर्वाचन के खिलाफ चुनाव याचिका भी शामिल थी।

तेज बहादुर यादव ने श्री मोदी के खिलाफ वाराणासी से चुनावी पर्चा भरा था लेकिन वह ख़ारिज हो गया था। श्री यादव ने श्री मोदी के निर्वाचन को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, लेकिन गत वर्ष दिसंबर में इसने यह कहते हुए याविका ख़ारिज कर दी थी कि याचिकाकर्ता का नामांकन पत्र ख़ारिज हो गया था और वह उम्मीदवार नहीं रह गए थे, इसलिए उन्हें निर्वाचन को चुनौती देने का कोई अधिकार नहीं है।