उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत प्रत्येक पात्र अनाथ बच्चे को विवाह के लिए कुल 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसमें से 1 लाख 40 हजार रुपये की राशि विवाह के समय पहले ही प्रदान की जा चुकी थी, जबकि शेष 60 हजार रुपये की राशि अब लाभार्थियों के नाम फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जारी की गई है, ताकि उन्हें भविष्य में आर्थिक सुरक्षा का संबल मिल सके।