श्री राम की शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं। वे हर वर्ग के लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। ये कहना है कथा वाचक आचार्य श्री शिवदत्त बहुगुणा का, जो श्री राम मंदिर-47 में नवरात्रों व श्री राम नवमी के अवसर पर श्री रामचरित मानस कथा का वाचन कर रहे हैं।