डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि सामाजिक अंकेक्षण के दौरान पांच गांवों का अध्ययन किया गया है, जो व्यापक स्तर पर योजना के क्रियान्वयन का एक प्रतिनिधि नमूना है। अध्ययन के दौरान प्राप्त निष्कर्षों से सीख लेते हुए जिन कार्यों या गतिविधियों को पूर्व में मनरेगा के अंतर्गत पूर्ण रूप से नहीं किया जा सका, उन्हें अब वीबी जीरामजी के नए स्वरूप में और अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण तथा परिणामोन्मुख तरीके से पूरा किया जाना चाहिए