हमीरपुर 29 नवंबर। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायधीश एवं राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर ने कहा है कि नशे की लगातार बढ़ रही समस्या के विरुद्ध अगर हम सब खड़े नहीं हुए तो आने वाले समय में हमारे परिवार, समाज एवं देश की सभी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो जाएंगी और कुछ भी नहीं बचेगा।
शनिवार को यहां बड़ू स्थित बहुतकनीकी महाविद्यालय के मैदान में राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण (नालसा) और हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान तथा जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण हमीरपुर के सहयोग से आयोजित विशाल विधिक साक्षरता शिविर में संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम नशे की गंभीर समस्या के उन्मूलन के लिए आत्म निरीक्षण करें। अगर आज हमारा परिवार इससे बचा हुआ है तो भी आने वाले समय में हमारे बच्चे इसकी चपेट में आ सकते हैं। इसलिए, बच्चों की संस्कारयुक्त शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। हमें परिवर्तन की शुरुआत स्वयं और अपने परिवार से ही करनी होगी। उन्होंने कहा कि नशे के उन्मूलन के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने-अपने स्तर पर ‘रामायण की गिलहरी’ की तरह यथासंभव प्रयास करने होंगे।
इस अवसर पर न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह ने कहा कि नशा सिर्फ एक अपराध नहीं है, बल्कि यह कई अन्य अपराधों को भी जन्म देता है। इसे रोकना, अकेले सरकार के बस की बात नहीं है। देवभूमि हिमाचल भी बुरी तरह इसकी चपेट में आ चुकी है। इस वर्ष अभी तक प्रदेश में एनडीपीएस एक्ट के तहत 1714 केस दर्ज हो चुके हैं। प्रदेश के सबसे छोटे, सबसे साक्षर एवं जागरुक और राजनीतिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण जिले में भी इस वर्ष एनडीपीएस एक्ट के 84 केस दर्ज हो चुके हैं। हिमाचल में इस गंभीर समस्या को देखते हुए राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण ने भी नालसा के निर्देशानुसार एक विशेष पहल करते हुए जिला स्तर पर विशाल विधिक साक्षरता शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि नशे को केवल एक सामाजिक बुराई ही नहीं, बल्कि एक बीमारी की तरह भी देखना होगा तथा इसके आदी हो चुके युवाओं के उपचार की व्यवस्था करनी होगी। नशे के उन्मूलन की शुरुआत अपने परिवार, गांव, गली, मुहल्ले और समुदाय से करनी होगी।
न्यायमूर्ति जिया लाल भारद्वाज ने भी नशे की समस्या और पर्यावरण संरक्षण पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि अगर हम प्रकृति से बहुत ज्यादा छेड़छाड़ करते हैं तो प्रकृति भी हमें समय-समय पर अपनी ताकत का अहसास करवाती है। इसलिए, हमें विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।
इससे पहले, जिला एवं सत्र न्यायधीश और जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अध्यक्ष भुवनेश अवस्थी ने मुख्य अतिथि, अन्य अतिथियों और शिविर के प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा इसके मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। सीएमओ डॉ. प्रवीण चौधरी और हिम अकादमी स्कूल की छात्रा अनन्या ने नशे की समस्या पर विस्तृत जानकारी दी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता परमजीत सिंह और डिग्री कालेज हमीरपुर के छात्र जतिन धीमान ने पर्यावरण की समस्याओं के बारे में बताया।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश सचिन रघु ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों ने प्रदर्शनियों के माध्यम से भी लोगों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर डीसी अमरजीत सिंह, एसपी भगत सिंह ठाकुर, अन्य अधिकारी और बार एसोसिएशन के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।