हमीरपुर 30 नवंबर। मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू ने रविवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लंबलू के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेकर मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित किए।

इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए सुनील शर्मा बिट्टू ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, डॉ. वाईएस परमार शिक्षा ऋण योजना, राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों का निर्माण और सरकारी स्कूलों को सीबीएसई का दर्जा देने जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं आरंभ करके बेसहारा, गरीब एवं सामान्य परिवारों के बच्चों को भी जीवन मंे आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त अवसर मुहैया करवाए हैं। वह पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने बच्चों की शिक्षा में भेदभाव को समाप्त करने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने हमीरपुर बस स्टैंड का निर्माण और मेडिकल कालेज के निर्माणाधीन परिसर में कैंसर केयर संस्थान, मातृ-शिशु अस्पताल, डेंटल कालेज, नर्सिंग कालेज और 9 सुपर स्पैशियलिटी विभागों का प्रावधान करके जिला के विकास को नई उड़ान दी है।
सुनील शर्मा बिट्टू ने कहा कि लंबलू के आयुर्वेदिक अस्पताल में भी आधुनिक सुविधाओं का प्रावधान किया जाएगा और स्त्री रोग से संबंधित सेवाएं भी आरंभ की जाएंगी। विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए सुनील शर्मा बिट्टू ने इनके लिए अपनी ओर से ग्यारह हजार रुपये देने की घोषणा भी की।
समारोह में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व विधायक कुलदीप सिंह पठानिया ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि एक सामान्य परिवार से संबंध रखने वाले मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू नई सोच एवं बड़े विजन के साथ कार्य कर रहे हैं तथा आम लोगों के कल्याण एवं उत्थान के लिए नई-नई योजनाएं शुरू कर रहे हैं।
इससे पहले, प्रधानाचार्य सुभाष धीमान ने मुख्य अतिथि, अन्य अतिथियों और अभिभावकों का स्वागत किया तथा स्कूल की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। जबकि, विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन सीनियर लेक्चरर मनोहर लाल ने किया।
समारोह में स्थानीय पंचायत प्रधान प्रताप सिंह चौहान, मत्स्य पालन विभाग के पूर्व निदेशक प्रकाश पटियाल, एसएमसी अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा, सीनियर लेक्चरर निशा तोमर, सीएचटी राजेश पठानिया, अन्य शिक्षक, अभिभावक और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।