चण्डीगढ़, 12.01.26 : माघ मास के पावन अवसर पर श्री सनातन धर्म मंदिर, सेक्टर 23 में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिवस में सद्भावना दूत भागवताचार्य स्वामी डॉ रमनीक कृष्ण जी महाराज ने सत्संग की महिमा का वर्णन करते हुए बताया के कलिकाल में जीव नाना प्रकार के द्वंद्वो से ग्रसित है। मनुष्य संसार की क्रियाओं में इतना लिप्त है कि उसे परमात्मा का संस्मरण ही नहीं रहता। मोह वश हुआ जीव संसार रूपी अन्धकूप में पड़ा रहता है। संसार के इन समस्त प्रपंचों से निकलने का एकमात्र उपाय हरिनाम एवं हरि कथा ही है। भक्ति महारानी ज्ञान वैराग्य की मूर्छा से दुखी थी। नारद जी ने सत्संग का मार्ग प्रशस्त किया। संसार में अगर किसी को कोई रोग हो जाए तो वो वैद्य के पास जाता है, परन्तु अगर किसी को भव का रोग हो जाए तो जगत में उसका क्या उपाय है। श्री शुकदेव जी महाराज कहते है भव के रोग का इस दुनिया में केवल एकमात्र उपाय भगवान की कथा ही है। आज कथा से पूर्व विशाल कलश यात्रा का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में मातृ शक्ति में मंगल कलश शीश पर शरण कर कलश यात्रा की। आज कथा में विशेष रूप से चण्डीगढ़ पुलिस की एसपी कंवरदीप कौर उपस्थित रही।