सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘सड़क सुरक्षा–फिल्म महोत्सव’ में लघु फिल्म प्रतियोगिता का आयोजन
लघु फिल्म प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए 15 फरवरी तक भेजी जा सकती हैं प्रविष्टियां
चार आयु वर्ग में होगी प्रतियोगिता, प्रथम स्थान पर 25-25 हजार रुपये का पुरस्कार
अधिक से अधिक लोग भाग लेकर सुरक्षित सड़कों के संदेश को बनाएं सशक्त : अपूर्व देवगन

मंडी, 12 जनवरी। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि परिवहन निदेशालय, लीड एजेंसी/रोड सेफ्टी सेल, हिमाचल प्रदेश द्वारा सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘सड़क सुरक्षा–फिल्म महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता के तहत नागरिकों से सड़क सुरक्षा विषय पर लघु फिल्मों के माध्यम से रचनात्मक सहभागिता की जा रही है, जिससे सुरक्षित यातायात के संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाया जा सके।

उपायुक्त ने बताया कि प्रतियोगिता में भागीदारी के लिए नामांकन 10 दिसंबर, 2025 से आरंभ हो चुके हैं तथा 15 फरवरी, 2026 तक प्रविष्टियां स्वीकार की जाएंगी। 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रतिभागी हिंदी अथवा अंग्रेजी भाषा में अधिकतम 5 मिनट की लघु फिल्म प्रस्तुत कर सकते हैं। यह प्रतियोगिता देश के सभी राज्यों के प्रतिभागियों के लिए खुली है।

उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य सड़क सुरक्षा के महत्व को रचनात्मक माध्यमों के जरिए आम नागरिकों तक पहुंचाना तथा वाहन चालकों, पैदल यात्रियों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के बीच सुरक्षित और जिम्मेदार यातायात व्यवहार को प्रोत्साहित करना है।

उपायुक्त मंडी ने बताया कि प्रतिभागी अपनी लघु फिल्में ऑनलाइन गूगल फॉर्म, ईमेल अथवा निदेशालय में सीधे जमा कर सकते हैं। ईमेल के माध्यम से भेजी जाने वाली प्रविष्टियों के साथ निर्धारित प्रपत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। लघु फिल्म एमपी4, एमओवी या एवीआई प्रारूप में होनी चाहिए तथा वह पूर्णतः मौलिक हो।

उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के अंतर्गत 18 से 25 वर्ष, 25 से 32 वर्ष, 32 से 40 वर्ष तथा 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म के लिए प्रत्येक वर्ग में 25 हजार रुपये, प्रमाण पत्र और ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त 20 विशेष पुरस्कार भी निर्धारित किए गए हैं, जिनमें प्रत्येक के अंतर्गत 5 हजार रुपये और प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।

उपायुक्त मंडी ने बताया कि प्रतियोगिता से संबंधित विस्तृत जानकारी तथा नियम एवं शर्तें परिवहन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

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उपायुक्त ने बरोट में किया अपना पुस्तकालय का शुभारंभ, चौहार घाटी के दूरदराज क्षेत्र के युवाओं को उपलब्ध होगी उपयोगी पठन सामग्री*

*•मंडी में बनेगी नई जिला लाइब्रेरी - अपूर्व देवगन*

*मंडी, 12 जनवरी।* प्रदेश सरकार की अपना पुस्तकालय पहल को मूर्त रूप प्रदान करने में मंडी जिला में सफल प्रयास हो रहे हैं। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने गत दिवस बरोट में अपना पुस्तकालय का शुभारंभ किया। इससे चौहार घाटी के दूरदराज क्षेत्रों के युवाओं को पठनीय सामग्री घर-द्वार पर उपलब्ध हुई है।

प्रदेश सरकार ने हिमाचल में जिला, उपमंडल व पंचायत स्तर तक उन्नत सुविधाओं से सुसज्जित आधुनिक पुस्तकालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की दूरदर्शी सोच की परिणति “अपना पुस्तकालय” पहल का उद्देश्य बच्चों व युवाओं को घर के समीप पाठ्य पुस्तकों एवं डिजिटल पाठ्य सामग्री की उपलब्धता तथा स्व-अध्ययन के अवसर सुनिश्चित करना है। सामुदायिक सहभागिता से संचालित शैक्षणिक परिसर ग्रामीण स्तर पर किस तरह शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं, मंडी के ग्रामीण अंचलों में स्थापित यह पुस्तकालय इसका उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरे हैं।

बरोट में अपना पुस्तकालय का शुभारंभ करने के उपरांत उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य युवा ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग कर उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित करना तथा विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार करना है। इनके माध्यम से युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए एक उपयोगी स्थान प्रदान करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने बताया कि सभी उपमंडलों में अपना पुस्तकालय स्थापित करने के साथ ही मंडी में नया जिला पुस्तकालय भी स्थापित किया जा रहा है जिसके लिए प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार प्रशासन की ओर से कार्य किया जा रहा है।

उपायुक्त ने बताया कि वर्तमान में जिला में करसोग, नेरचौक, पधर, बालीचौकी के बाद अब बरोट के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए अपना पुस्तकालय शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा सरकाघाट में पुस्तकालय को स्तरोन्नत कर वहां और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। जोगेंद्रनगर तथा कोटली में भी अपना पुस्तकालय संचालन के लिए तैयार हैं। धर्मपुर, संधोल, गोहर उपमंडल के चैलचौक तथा थुनाग में इन पुस्तकालयों का कार्य जारी है। नगवाईं में भी अपना पुस्तकालय पहल के तहत लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि इन पुस्तकालयों के संचालन में स्थानीय समुदाय से भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपना पुस्तकालय में प्रदत्त सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तकालय में उपलब्ध पठन सामग्री व अन्य सुविधाओं की जानकारी भी प्राप्त की।

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*प्रदेश सरकार के प्रयासों से बरोट घाटी में लपास वॉटर फॉल का होगा सौंदर्यीकरण, उपायुक्त ने लिया जारी कार्यों का जायजा*

*मंडी, 12 जनवरी।* हिमाचल के अनछुए पर्यटन स्थलों को विकसित कर यहां अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पहल पर इसके लिए राज्य से लेकर जिला स्तर तक सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बरोट घाटी के सुप्रसिद्ध लपास वॉटर फॉल को विकसित करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कार्य शुरू किया गया है।

उपायुक्त अपूर्व देवगन ने चौहार घाटी की सुरम्य वादियों में स्थित लपास का दौरा किया और यहां पर्यटन विकास की संभावनाओं पर संबंधित हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया। उन्होंने बताया कि बरोट घाटी के अनुपम सौंदर्य को देखने के लिए हर साल हजारों की संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। अनछुए पर्यटक स्थलों के विकास के लिए प्रदेश सरकार की संकल्पना को साकार करते हुए बरोट के समीप अन्य दर्शनीय स्थलों को भी पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लपास के वॉटर फॉल के सौंदर्यीकरण का कार्य विभिन्न चरणों में किया जा रहा है। यहां तक पैदल रास्ते का निर्माण करने सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। उन्होंने बताया कि पैदल रास्ते का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। झरने के समीप एक आकर्षक फुट ब्रिज (पैदल पुल) का भी निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त यहां पर सौर ऊर्जा चालित बिजली की व्यवस्था भी की जा रही है।

उपायुक्त ने बताया कि इस स्थल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने में स्थानीय लोगों का भी सहयोग लिया जा रहा है। यहां कारोबार कर रहे व स्थानीय लोगों को यहां साफ-सफाई सहित अन्य गतिविधियों में शामिल किया गया है। स्थानीय कारोबारियों की समिति गठित कर यहां स्वच्छता के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे।

ऐसे पहुंच सकते हैं लपास

मंडी से बरोट सड़क मार्ग पर बरोट पहुंचने से लगभग 6 किमी पहले लपास गांव के लिए सम्पर्क सड़क जाती है। यहां से लगभग 7 कि.मी. का सफर तय कर लपास गांव पहुंचा जा सकता है। पहाड़ी आलू व राजमाह के लिए मशहूर इस क्षेत्र में पुराने पारम्परिक लकड़ी के घर हैं। गांव के पास की घाटी में एक खूबसूरत झरना है, जिसे एक आकर्षक पिकनिक स्पॉट के तौर पर विकसित किया जा रहा है। यहां आने वाले पर्यटकों को झरने से बनी एक छोटी झील भी काफी आकर्षित करती है।

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अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव मंडी: सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर उप समिति की बैठक

एडीसी एवं समिति के संयोजक गुरसीमर सिंह बोले, मेले की सांस्कृतिक पहचान को और सशक्त बनाया जाएगा

मंडी, 12 जनवरी। अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव मंडी के तहत 16 से 21 फरवरी तक आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रभावशाली, विविधतापूर्ण और स्मरणीय बनाने के उद्देश्य से अतिरिक्त उपायुक्त एवं सांस्कृतिक उप समिति के संयोजक गुरसिमर सिंह की अध्यक्षता में आज यहां समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सदस्यों ने आयोजन की रूपरेखा, कलाकार चयन और कार्यक्रमों की गुणवत्ता को लेकर सार्थक सुझाव दिए।


अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि समिति द्वारा रखे गए सभी सुझावों पर मेला कमेटी के अध्यक्ष एवं उपायुक्त मंडी के साथ समन्वय कर विचार किया जाएगा, ताकि सांस्कृतिक कार्यक्रम महोत्सव की अंतरराष्ट्रीय पहचान के अनुरूप तैयार किए जा सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि दर्शकों को हर संध्या कुछ नया और विशेष देखने को मिले, इस दिशा में पूरी गंभीरता से कार्य किया जा रहा है।


उन्होंने बताया कि पिछली बार की भांति इस बार भी अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक दलों को आमंत्रित किया जा रहा है। पूर्व में भाग ले चुके देशों के अतिरिक्त अन्य देशों के दलों से भी संपर्क किया जा रहा है, ताकि महोत्सव की वैश्विक छवि और सशक्त हो सके। इसके साथ ही नॉर्थ जोन कल्चर सेंटर के माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों व राज्यों से सांस्कृतिक दलों को आमंत्रित किया जा रहा है। प्रदेश के दस जिलों के सांस्कृतिक दलों को जिला भाषा संस्कृति विभाग के माध्यम से मंच प्रदान किया जाएगा।


अतिरिक्त उपायुक्त ने यह भी जानकारी दी कि प्रदेश से बाहर या बॉलीवुड में अपनी प्रतिभा का परचम लहराने वाले हिमाचली कलाकारों से भी संपर्क किया जा रहा है, ताकि दर्शकों को उच्च स्तरीय प्रस्तुतियां देखने को मिल सकें।

बैठक में जिला भाषा अधिकारी रेवती सैनी सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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16 जनवरी को बैहना, छछोल व आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति रहेगी बाधित

मंडी, 16 जनवरी। विद्युत अनुभाग गुटकर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र बैहना, गलियां बैहना, छछोल, रोपा सहित आसपास के क्षेत्रों में 16 जनवरी को प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। इस दौरान विभाग द्वारा 11 केवी लाइन पर पुरानी तारों को हटाकर नई तारें डाली जाएंगी। इसके साथ ही नए फोर पोल स्ट्रक्चर के निर्माण एवं स्थापना का कार्य भी किया जाएगा।

विद्युत् उप - मण्डल-2 मंडी के सहायक अभियन्ता ने बताया कि मौसम खराब होने की स्थिति में यह कार्य अगले दिन किया जाएगा। किसी भी जानकारी के लिए उपभोक्ता दूरभाष नंबर 01905-222958 पर संपर्क कर सकते हैं।