शिमला: 16.01.26- भारतीय संसद के तत्वधान में संसद भवन नई दिल्ली में 14 से 16 जनवरी, 2026 तक अयोजित 28वें राष्ट्रमण्डल राष्ट्रों के राष्ट्रीय स्पीकर और पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन आज अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो गया है। इस सम्मेलन का पिछले कल देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुभारम्भ किया था तथा अपना प्रमुख सम्बोधन भी दिया। इस सम्मेलन में जहाँ 67 राष्ट्रमण्डल देशों के करीब 61 राष्ट्रीय स्पीकर शामिल हुए वहीं भारत के 28 राज्यों के स्पीकर / पीठासीन अधिकारी भी विशेष रूप से आमंत्रित थे तथा कार्यक्रम में शामिल हुए। हिमाचल प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां भी सम्मेलन में मौजूद रहे तथा सत्र के दौरान उठाए गए सभी विषयों पर जानकारी ग्रहण करते हुए अपने चिर-परिचित अंदाज में टिप्णियां करते हुए नजर आए।

कार्यशाला में विषय 3 और 4 पर चर्चा आरम्भ होने से पूर्व लोक सभा अध्यक्ष एवं सी0एस0पी0ओ0सी0 के अध्यक्ष ओम बिरला ने पूर्वाह्न 10:00 बजे अपना उदघाटन सम्बोधन दिया इस अवसर पर विशेष आमंत्रित का सम्बोधन डॉ0 क्रिस्टोफर कलिला, अध्यक्ष कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन द्वारा दिया गया जबकि कार्यशाला को गुयाना के राष्ट्रीय विधान सभा अध्यक्ष तथा हाऊस ऑफ कॉमन्स, कनाडा के राष्ट्रीय अध्यक्ष फ्राँसिस स्कार्पालोजिया द्वारा भी सम्बोधित किया गया।

सम्मेलन के दौरान संसद टी0वी0 को दिए साक्षात्कार के दौरान पठानियां ने कहा कि भारतीय संसद द्वारा आयोजित सी0एस0पी0ओ0सी0 सम्मेलन कई मायनों में महत्वपूर्ण है। उन्होने कहा कि जहाँ कई देशों की सरकारें अस्थिर हो रही हैं, शासन तंत्र खतरे में है, शासन द्वारा अपने नागरिकों पर गोलियां बरसाई जा रही हैं वहीं हमारे देश की लोकतांत्रिक प्रणाली पिछले 78 वर्षों से निरन्तर मजबूत हुई है, लोकतन्त्र सशक्त हुआ है, यह पूरी दुनियां के लिए एक बड़ा सन्देश है। हमारा देश 146 करोड़ लोगों का देश है, यहाँ कई भाषाएँ बोली जाती हैं फिर भी यहाँ विविधता मे एकता झलकती है। यहीं हमारे मजबूत लोकतंत्र तथा सशक्त शासन तंत्र का आधार है। हमने प्रजातांत्रिक मुल्यों को सुरक्षित तथा जीवंत रखा है तथा लोगों को न्याय तथा उनका अधिकार मिले यह भी लोकतांत्रिक प्रणाली के माध्यम से सुनिश्चित करने का प्रयास किया है उस परिपेक्ष्य में यह सम्मेलन और भी महत्वपूर्ण है।

पठानियां ने कहा कि इस सम्मेलन में सोशियल मिडिया तथा नए नवाचार के रूप में कृत्रिम बुद्विमता पर गहन तथा विस्तृत चर्चा की जा रही है जो वास्तव में प्रजातांत्रिक प्रणाली के मुख्य कारक हैं तथा सूचनाओं को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य करते हैं। आज के युग में यह जरूरी भी है। लोक सभा तथा विधान मण्डलों में चार दीवारी के अन्दर जो चर्चाएं होती हैं वह जन-जन तक पहुँचनी चाहिए आम जन भी जानें आखिर सदन के अन्दर किन-किन नितियों पर चर्चा की जा रही है, क्या कानून बनाए जा रहे हैं? क्या वाकई वह जनहित में है या नहीं इस सब से हर जन आज वाकिफ होना चाहता है। इसके लिए यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि सोशियल मिडिया, प्रिंट, इलैक्ट्रॉनिक तथा डिजिटल मिडिया आम जन तक सही जानकारी पहुँचाए ताकि चुने हुए प्रतिनिधि तथा आम जन में सच्चा संवाद बना रहे।

पठानियां ने कहा कि हमारा प्रदेश ई-विधान प्रणाली लागू करने वाला अग्रणी राज्य रहा है तथा आज हम राष्ट्रीय ई- विधान को भी अपनाए हुए हैं तथा ई- विधान के माध्यम से सदन की कार्यवाही को जन-जन तक पहुँचाने में आज भी हम अव्वल हैं। इस अवसर पर विधान सभा सचिव यशपाल शर्मा भी मौजूद रहे ।