MANIMAJRA, 07.02.26-मनीमाजरा EWS रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन ने चंडीगढ़ के बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों की दयनीय स्थिति को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शहर के असहाय नागरिकों को मिलने वाली ₹1000 की मासिक पेंशन को "सम्मान के साथ खिलवाड़" करार देते हुए इसे तुरंत बढ़ाकर ₹5000 करने की पुरजोर मांग की है।
महंगाई के दौर में ₹1000 एक 'भद्दा मजाक' व " ऊंट के मुंह में जीरा" बताया।

एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रसिद्ध समाजसेवी राजबीर सिंह भारतीय ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि चंडीगढ़ जैसे महंगे शहर में, जहाँ बिजली, पानी और दवाइयों की कीमतें आसमान छू रही हैं, वहाँ मात्र ₹1000 में गुजारा करना असंभव है। उन्होंने कहा, "प्रशासन बुजुर्गों को मुख्यधारा में लाने के दावे तो करता है, लेकिन हकीकत में उन्हें बेसहारा छोड़ दिया गया है। ₹1000 की राशि आज के दौर में ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।"

पड़ोसी राज्यों से पिछड़ा चंडीगढ़: आंकड़ों का प्रहार
एसोसिएशन के चेयरमैन सुभाष धीमान ने तुलनात्मक आंकड़े पेश करते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:
हरियाणा: बुजुर्गों को ₹3200 मासिक सम्मान भत्ता दे रहा है।
पंजाब व राजस्थान: यहाँ भी पेंशन राशि चंडीगढ़ से कहीं अधिक है।

चंडीगढ़ (UT): देश का सबसे नियोजित शहर होने के बावजूद यहाँ के बुजुर्ग पड़ोसी राज्यों की तुलना में पिछड़ रहे हैं।

धीमान ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश होने के नाते चंडीगढ़ को आदर्श स्थापित करना चाहिए था, लेकिन यहाँ का प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है।

प्रशासन को चेतावनी:
जन-आंदोलन की तैयारी-
राजबीर सिंह भारतीय और सुभाष धीमान ने संयुक्त रूप से प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि पेंशन राशि में तत्काल सम्मानजनक वृद्धि (₹5000) नहीं की गई, तो मनीमाजरा EWS रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन शहर की अन्य सभी वेलफेयर एसोसिएशनों को साथ लेकर एक विशाल जन-आंदोलन शुरू करेगी।

प्रशासन से अपील:
एसोसिएशन ने चंडीगढ़ प्रशासक और समाज कल्याण विभाग से अपील की है कि वे इस मानवीय मुद्दे पर गंभीरता से विचार करें और समाज के इस वंचित वर्ग को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का हक दें। इस मांग का शहर के अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी पुरजोर समर्थन किया है।