*डेरा बाबा बड़भाग सिंह मैड़ी में होली मेले का भव्य शुभारंभ, 6 मार्च तक चलेगा आयोजन*
*उपायुक्त जतिन लाल की श्रद्धालुओं से प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के पालन की अपील, व्यापक प्रबंध सुनिश्चित*
अम्ब (ऊना), 24 फरवरी. ऊना जिले के उपमंडल अम्ब स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल डेरा बाबा बड़भाग सिंह, मैड़ी में मंगलवार को पारंपरिक श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ ऐतिहासिक होली मेले का विधिवत शुभारंभ हो गया। मेले के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा के दर पर माथा टेककर सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। पूरे परिसर में गूंजते भजन-कीर्तन और धार्मिक संगीत ने वातावरण को पूर्णतः भक्तिमय बना दिया।
उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि यह मेला 24 फरवरी से 6 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनने वाले इस मेले को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा एवं सुविधाओं के व्यापक और सुनियोजित प्रबंध किए हैं।
उन्होंने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, जबकि यातायात नियंत्रण के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, अस्थायी शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं, एम्बुलेंस सुविधा तथा अग्निशमन सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मेला क्षेत्र में निरंतर निगरानी रखे हुए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन एवं पूजा-अर्चना के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उपायुक्त ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मेले में आते समय यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करें तथा किसी भी परिस्थिति में मालवाहक वाहनों में सफर कर मेले में न पहुंचें। प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्गों, पार्किंग स्थलों एवं सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें। साथ ही दर्शन व्यवस्था एवं अन्य व्यवस्थाओं के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और स्वयंसेवकों का सहयोग करें, ताकि यह ऐतिहासिक होली मेला पूर्णतः शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
============================================
सामाजिक अंकेक्षण की प्रगति की समीक्षा, पारदर्शिता एवं जवाबदेही पर बल*
ऊना, 24 फरवरी. सामाजिक अंकेक्षण इकाई हिमाचल प्रदेश के निदेशक रविंदर शर्मा की अध्यक्षता में सोशल ऑडिट इकाई के ब्लॉक व गांव स्तर के रिसोर्स पर्सन्स की समीक्षा बैठक मंगलवार को ऊना मुख्यालय स्थित डीआरडीए सम्मेलन कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में सामाजिक अंकेक्षण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता सुधार तथा जनभागीदारी बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में वर्ष 2025-26 के सामाजिक अंकेक्षण की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की गई। निदेशक रविंदर शर्मा ने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के अंतर्गत प्रदेश में प्रथम चक्र में 3615 में से 3576 ग्राम पंचायतों में सामाजिक अंकेक्षण पूर्ण किया जा चुका है, जो लगभग 99 प्रतिशत है। द्वितीय चक्र में 3580 में से 1969 ग्राम पंचायतों में ऑडिट पूर्ण हुआ है, जो 55 प्रतिशत है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित 4404 मामलों की पहचान की गई, जिनमें कुल 1,14,43,202 रुपये की राशि संलिप्त पाई गई। इसमें से 15,35,218 रुपये की वसूली की जा चुकी है, जबकि 99,07,984 रुपये की राशि वसूली हेतु लंबित है। साथ ही 13,135 रिपोर्टेड मामलों में से 8,994 मामले कार्यान्वयन एजेंसियों के पास कार्रवाई हेतु लंबित हैं।
अन्य विभागों की योजनाओं के सामाजिक अंकेक्षण की स्थिति पर भी चर्चा की गई। पीएम पोषण योजना 2025-26 के अंतर्गत 512 में से 503 विद्यालयों (98%) का ऑडिट पूर्ण कर रिपोर्ट विभाग को प्रेषित की जा चुकी है। सामाजिक न्याय विभाग 2024-25 के अंतर्गत 28 इकाइयों का ऑडिट पूर्ण हुआ है तथा 2025-26 के लिए 54 इकाइयों का ऑडिट प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) 2025-26 में 2354 में से 2328 आवंटनों (98%) का ऑडिट पूर्ण किया गया है। 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत 3615 में से 3452 ग्राम पंचायतों (95%) में सामाजिक अंकेक्षण संपन्न किया जा चुका है।
पंचायत निर्णय ऐप (पीएनए) की स्थिति की भी समीक्षा की गई। 3615 में से 1924 ग्राम पंचायतों को मैप किया गया है (53.22%), जबकि इनमें से 884 ग्राम पंचायतों में डेटा कैप्चर एवं अपलोड (45.9%) किया गया है। इस संबंध में प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किया गया, ताकि फील्ड स्तर पर ऐप का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक के दौरान निदेशक रविंदर शर्मा ने सभी बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा करते हुए प्रदर्शन का मूल्यांकन किया। उन्होंने वित्तीय गड़बड़ियों के मामलों में त्वरित कार्रवाई, रिकवरी प्रक्रिया में तेजी तथा एमआईएस में पाई जा रही विसंगतियों को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने सामाजिक अंकेक्षण की गुणवत्ता और रिपोर्ट लेखन में सुधार पर विशेष बल दिया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए हिमोत्कर्ष परिषद के अध्यक्ष एवं सामाजिक अंकेक्षण इकाई की राज्य शासकीय निकाय के गैर-सरकारी सदस्य जतिंदर कंवर ने सामाजिक अंकेक्षण की भूमिका को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक अंकेक्षण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने ब्लॉक एवं ग्राम रिसोर्स पर्सन्स से आह्वान किया कि वे सफल उदाहरणों और सकारात्मक परिणामों को मुख्यधारा मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक रूप से प्रचारित करें, ताकि अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके।
इस अवसर पर स्टेट रिसोर्स पर्सन ओम प्रकाश, एमआईएस प्रबंधक प्रबोध शर्मा, जिला रिसोर्स पर्सन पुरुषोत्तम व अन्य उपस्थित थे।
=================
बाथू बाथड़ी औद्योगिक क्षेत्र में एमएसएमई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।

ऊना, 24 फरवरी। हिमाचल प्रदेश सरकार के औद्योगिक विभाग द्वारा टाहलीवाल तहसील के बाथू बाथड़ी औद्योगिक क्षेत्र में रैंप और उद्योग 4.0 प्रौद्योगिकियों (जीईएम, सीपीपी, एनएसडीसी और टीआरडीएस) पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ऊना जिले के 60 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें फार्मा, प्रिंटिंग और पैकेजिंग, इलेक्ट्रिकल, ऑटो कंपोनेंट्स, खाद्य एवं पेय पदार्थ और असेंबली जैसे क्षेत्रों से स्थानीय एमएसएमई उद्यमियों और स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्य शामिल थे। इस दौरान औद्योगिक क्षेत्र संघ के अध्यक्ष राकेश कौशल भी उपस्थित रहे।

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए सीईएल के विशेषज्ञ सुखप्रीत सिंह ने एमएसएमई के वास्तविक समय के उपयोग के मामलों के माध्यम से उत्पादकता, गुणवत्ता, समग्र उपकरण प्रभावशीलता और लागत दक्षता में सुधार के लिए एआई, आईओटी, एमएल, स्मार्ट विनिर्माण, क्लाउड कंप्यूटिंग, ईआरपी और सीआरएम जैसी उद्योग 4.0 प्रौद्योगिकियों के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके साथ उन्होनें रैंप जागरूकता अभियान के तहत एमएसएमई पंजीकरण और एमएसएमई मार्ट पोर्टल के माध्यम से खुले बाजार तक पहुंच के बारे में भी जानकारी साझा की।
कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार के लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा समर्थित रैंप पहल का से प्रौद्योगिकी उन्नयन और क्षमता निर्माण के माध्यम से लघु एवं मध्यम उद्यमों के सशक्तिकरण पर चर्चा की गई।