टीबी मुक्त हमीरपुर के लिए डीसी ने किया 100 दिवसीय अभियान का शुभारंभ
लगभग 1.70 लोगों की जांच करेंगी स्वास्थ्य विभाग की टीमें : गंधर्वा राठौड़

हमीरपुर 24 मार्च। उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने मंगलवार को विश्व टीबी दिवस के उपलक्ष्य पर टीबी मुक्त अभियान के तहत 100 दिवसीय स्क्रीनिंग अभियान का शुभारंभ किया।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें जिले की कुल 5.15 लाख की अनुमानित आबादी में से 432 गांवों के करीब 1.70 लाख लोगों की प्रारंभिक जांच करेंगी। इन लोगों में 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोग, हाइपरटेंशन, बीपी-शुगर और अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोग शामिल हैं, जिन्हें टीबी के रोग की चपेट में आने की ज्यादा आशंका रहती है।
उपायुक्त ने बताया कि इस विशेष अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही टीमों का गठन कर लिया है। इन्हें प्रशिक्षित भी किया जा चुका है। इन टीमों में आशा वर्कर्स, सीएचओ, अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी और आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य अधिकारी भी शामिल होंगे।
गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि फील्ड में मौके पर ही लोगों के एक्सरे के लिए तीन पोर्टेबल डिजिटल एक्सरे मशीनों का प्रयोग किया जाएगा और स्वास्थ्य केंद्रों के आसपास के क्षेत्रों के लोगों के एक्सरे स्वास्थ्य केंद्रों पर भी लिए जा सकते हैं।
उपायुक्त ने कहा कि जिला हमीरपुर को टीबी मुक्त बनाने के लिए यह अभियान बहुत ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि टीबी का पूरी तरह इलाज संभव है और अगर इसका समय पर पता लग जाए तो मरीज बहुत जल्दी ठीक हो जाता है। इसलिए, सभी लोग स्वास्थ्य विभाग की टीमों का सहयोग करें और टीबी की आशंका होने पर अपनी जांच अवश्य करवाएं। जांच में अगर टीबी की पुष्टि होती है तो घबराएं नहीं, क्योंकि इसका पूरी तरह इलाज संभव है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दवाई खाएं और दवाई की कोई भी खुराक न छोड़ें। डॉक्टर द्वारा बताई गई समय अवधि तक पूरी दवाई खाएं।
इस अवसर पर सीएमओ डॉ. प्रवीण चौधरी, जिला क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. सुनील वर्मा और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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वरिष्ठ नागरिकों को दें सम्मान, उनके अनुभवों से लें सीख’

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने आईटीआई भोरंज में आयोजित किया संवाद कार्यक्रम

भोरंज 24 मार्च। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने मंगलवार को भकरेड़ी स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भोरंज में वृद्धजनों हेतु राष्ट्रीय कार्य योजना के तहत ‘इंटर जनरेशनल बॉंडिंग’ यानि अंतर-पीढ़ीगत संबंध विषय पर एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें जिला कल्याण अधिकारी चमन लाल शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों और आईटीआई के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए जिला कल्याण अधिकारी ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों और युवा पीढ़ी के मध्य संवाद, पारस्परिक समझ एवं सम्मान की भावना को सुदृढ़ करना है। पीढ़ियों के बीच सामंजस्य की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि वृद्धों का अनुभव और युवाओं की ऊर्जा का समन्वय ही समाज की वास्तविक शक्ति है। कार्यक्रम के दौरान अन्य वक्ताओं ने भी युवाओं को वरिष्ठ नागरिकों से जीवन मूल्यों, संस्कारों एवं अनुभवों को आत्मसात करने का संदेश दिया तथा बुजुर्गों के प्रति सम्मान एवं सेवाभाव बनाए रखने का आह्वान किया।
इससे पहले, तहसील कल्याण अधिकारी बलदेव सिंह ने मुख्य अतिथि, अन्य अतिथियों एवं वक्ताओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा आईटीआई के विद्यार्थियों का स्वागत किया तथा विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। आईटीआई के विद्यार्थियों ने डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता विषय पर अपने विचार रखे तथा साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी साझा की। कई वरिष्ठ नागरिकों ने भी अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को संयम, अनुशासन तथा जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने युवाओं को तकनीक का सदुपयोग करने तथा वरिष्ठ नागरिकों को तकनीकी सहयोग प्रदान करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में आईटीआई के प्रधानाचार्य अनिल ठाकुर, हेल्थ सुपरवाइजर सुनील कुमार, एसआई अजय कुमार, पहचान संस्था हमीरपुर की अध्यक्ष चेतना शर्मा, आईटीआई और अन्य विभागों के अधिकारी, विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक भी उपस्थित रहे।