केवल सिंह पठानिया ने शाहपुर के गुब्बर में 2 करोड़ की लागत से बनने वाले सोलर पावर प्लांट का किया शिलान्यास

ग्रीन हिमाचल की ओर मजबूत कदम, शाहपुर (गुब्बर) में सोलर पावर प्लांट से ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मिलेगा बल: केवल सिंह पठानिया

जनता के बीच पहुंचे केवल सिंह पठानिया, मौके पर ही जनसमस्याओं का किया समाधान

धर्मशाला, 3 अप्रैल। विधानसभा उपमुख्य सचेतक एवं शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने आज शुक्रवार को शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत परगोड के गुब्बर में लगभग 2 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले 500 किलोवाट सोलर पावर प्लांट का विधिवत शिलान्यास किया। उपमुख्य सचेतक ने कहा कि आगामी 31 मई से पहले सोलर प्लांट का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा, जिससे क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हरित ऊर्जा उत्पादन को प्राथमिकता दे रही है और इसी दिशा में प्रदेशभर में अनेक सोलर परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं। जिसमें ग्राम पंचायतों को केंद्रीय भूमिका दी गई है। मुख्यमंत्री द्वारा आरंभ किए गए ग्रीन पंचायत कार्यक्रम के तहत सभी पंचायतों में 500 किलोवाट क्षमता के ग्राउंड माउंटेड सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

केवल सिंह पठानिया ने कहा कि योजना के पहले चरण में 24 ग्राम पंचायतों में 500 किलोवाट क्षमता के सौर संयंत्र स्थापित करने को स्वीकृति मिल चुकी है, जिनमें से 16 पंचायतों में कार्य आरंभ भी हो चुका है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 150 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से उत्पादित बिजली से होने वाले राजस्व का 20 प्रतिशत हिस्सा संबंधित ग्राम पंचायतों के अनाथ बच्चों और विधवाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए उपयोग किया जाएगा

इसके उपरांत केवल सिंह पठानिया ने ग्राम पंचायत हारचक्कियाँ के वार्ड नंबर 2 का दौरा किया, जहां उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं। अधिकांश समस्याओं का उन्होंने मौके पर ही समाधान कर दिया, जबकि शेष समस्याओं के समाधान हेतु संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित किया जाए ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

इस अवसर पर अधिशासी अभियंता जल शक्ति अमित डोगरा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण रवि भूषण, अधिशासी अभियंता विद्युत अमित शर्मा, अधिशासी अभियंता एडीबी, डीएफओ अमित शर्मा, जिला परियोजना अधिकारी हिम ऊर्जा अरुण पटियाल, उपमुख्य सचेतक के सलाहकार विनय कुमार, स्थानीय पंचायती राज संस्थाओं के पूर्व सदस्य, चंगर कांग्रेस समिति के सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी सहित क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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4 और 5 को भी लगाए जाएंगे सर्वाइकल कैंसर से बचाव के टीके
4 अप्रैल को 26 अस्पतालों और 5 अप्रैल को 32 अस्पतालों में लगेंगे टीके

हमीरपुर 03 अप्रैल। सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) से बचाव हेतु 14-15 वर्ष के आयु वर्ग की लड़कियों को एचपीवी के टीके लगाने के लिए आरंभ किए गए विशेष अभियान के तहत 4 अप्रैल को जिला हमीरपुर में 26 अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों और 5 अप्रैल को 32 अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों संस्थानों में टीके लगाए जाएंगे।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय अत्री ने बताया कि इस अभियान के शुभारंभ पर 29 मार्च को मेडिकल कॉलेज अस्पताल हमीरपुर, नागरिक अस्पताल नादौन, बड़सर, भोरंज, सुजानपुर तथा टौणी देवी, सीएचसी गलोड़, सीएचसी बिझड़ी, पीएचसी बगवाड़ा, बड़ाग्राम, भरेड़ी, भोटा, चबूतरा, चौरी, चकमोह, चौडू, धनेटा, गारली, गुब्बर, जाहू, जंगलबैरी, कांगू, कड़ोहता, कुठेड़ा, महल, नालटी, ननावां, पटलांदर, सलौणी, सेरा, उहल और एसएचक्यू बोहणी सहित कुल 32 अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में टीकाकरण की सुविधा प्रदान की गई थी।
उन्होंने बताया कि 4 अप्रैल को इनमें से 26 अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में टीके लगाए जाएंगे। जबकि, 5 अप्रैल को सभी 32 अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

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भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण की दिशा में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की ओर से ज्ञान भारतम मिशन का गठन किया गया

MANDI, 03.04.26-भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण की दिशा में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की ओर से ज्ञान भारतम मिशन का गठन किया गया है। जिसके माध्यम से देश भर से करीब एक करोड़ पुराने अभिलेखों, पांडुलिपियों का डिजिटाईजेशन किया जाएगा। जिला भाषा अधिकारी रेवती सैनी ने बताया कि बीते सालों में राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के माध्यम से भाषा एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा प्रदेश भर में सर्वेक्षकों के माध्यम से पांडुलिपियों का सर्वे करवाया गया है। अब इसी कड़ी में केंद्र सरकार की ओर से संस्कृति मंत्रालय के माध्यम से ज्ञान भारतम मिशन का गठन किया गया है। केंद्रीय वित मंत्री निर्मला सीतारमन ने अपने बजट भाषण में इस मिशन की घोषणा करते हुए कहा है कि भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा। जिला भाषा अधिकारी ने बताया कि ज्ञान भारतम मिशन द्वारा देश भर में पांडुलिपियों का डिजिटाईजेशन किया जा रहा है। इसके लिए निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग श्रीमती रीमा कश्यप ने सभी जिला भाषा अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि लोगों को इस विषय पर जागरूक करें और जिन लोगों के घरों में इस तरह के पुराने दस्तावेज , हस्तलिखित पांड़लिपियां, ताड़पत्र या भोजपत्र पर कम से कम पचहतर साल पुराने दस्तावेज हैं वे इस श्रेणी में शामिल किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए ज्ञान भारतम ऐप लांच की गई है। जिसे मोबाइल फोन पर डाउनलोड करके लाॅगइन किया जा सकता है। इसमें पांडुलिपि का कवर पेज के अलावा अंदर के दो-तीन पेज की फोटो लेकर डालनी होगी। जिससे पांडुलिपि के मालिक ज्ञान भारतम मिशन से जुड़ जाएगें और मिशन आगामी कार्रवाई के लिए स्वयं उनसे संपर्क करेगा। उन्होंने बताया कि इससे लोगों के घरों में पड़े ज्ञान को वैश्विक पहचान मिलेगी, वहीं पर शोध कर्ताओं और विश्वविद्यालयों के छात्रों को इस पर शोध कार्य करने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि ये पांडुलिपियां जिनकी है उन्हीं के पास रहेंगी ।यही नहीं इन पांडुलिपियों का संरक्षण भी किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश सरकार के राज्य संग्रहालय शिमला द्वारा खराब पड़ी पांडुलिपियों का कैमिकल के माध्यम से संरक्षण भी किया जाएगा। जिला भाषा अधिकारी रेवती सैनी ने आम जनता एवं निजी संस्थानों जिनके पास इस तरह की पांडुलिपियां संग्रहित हैं से आग्रह किया है कि ज्ञान भारतम ऐप के माध्यम से अपनी पांडुलिपियों का डिजिटाइजेशन करवाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भंडार के संरक्षण और संवर्धन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।