विश्व पर्यावरण दिवस पर 5 जून को ग्राम पंचायतों में होंगी विशेष ग्राम सभा बैठकें

पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं जनभागीदारी को सशक्त बनाने पर रहेगा विशेष फोकस

ऊना, 3 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला ऊना की सभी ग्राम पंचायतों में 5 जून को विशेष ग्राम सभा बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने आवश्यक आदेश जारी किए हैं।

उपायुक्त ने बताया कि इन विशेष बैठकों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने तथा जनसहभागिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। ग्राम सभाओं में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन तथा जिम्मेदार सामाजिक व्यवहार के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया जाएगा।

बैठकों के दौरान ठोस एवं प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन में परिवारों, स्थानीय संस्थाओं तथा समुदाय की भूमिका पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके साथ ही कचरे के पृथक्करण (वेस्ट सेग्रीगेशन), एकल-उपयोग प्लास्टिक के उपयोग में कमी, जैविक कचरे से कम्पोस्ट तैयार करने तथा स्थानीय स्तर पर स्वच्छता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर भी चर्चा होगी।

ग्राम सभाओं में गांवों, सार्वजनिक स्थलों एवं जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), स्वच्छाग्रहियों, अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं, युवा एवं महिला मंडलों तथा अन्य स्थानीय हितधारकों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित कर जनभागीदारी आधारित स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण अभियानों को गति देने पर भी विचार किया जाएगा।

उपायुक्त जतिन लाल ने जिला के सभी ग्रामीण नागरिकों से आह्वान किया है कि वे इन विशेष ग्राम सभा बैठकों में बढ़-चढ़कर भाग लें और पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता तथा हरित एवं सतत विकास के सामूहिक प्रयासों को सफल बनाने में अपना सक्रिय योगदान दें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ, स्वस्थ, हरित और पर्यावरण-अनुकूल ग्रामों का निर्माण तभी संभव है, जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए इस जन अभियान का हिस्सा बने।

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जनगणना-2026 के सफल आयोजन में निभाएं अपनी सक्रिय भूमिका : उपायुक्त

सटीक आंकड़ों से मजबूत होगा विकास का आधार, स्व-गणना सुविधा का भी उठाएं लाभ


ऊना, 3 जून। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने जिला के सभी नागरिकों से जनगणना-2026 के प्रथम चरण में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जनगणना किसी भी राज्य और देश के समग्र एवं संतुलित विकास की आधारशिला होती है। इसके माध्यम से प्राप्त आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों तथा आधारभूत सुविधाओं के प्रभावी विस्तार और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उपायुक्त ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में जनगणना-2026 के प्रथम चरण का आयोजन 16 जून से 15 जुलाई तक किया जाएगा। इसके साथ ही नागरिकों की सुविधा के लिए स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की व्यवस्था भी उपलब्ध करवाई गई है, जिसके तहत 1 से 15 जून तक नागरिक se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर स्वयं अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि स्व-गणना की सुविधा जनभागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पोर्टल पर जानकारी सफलतापूर्वक दर्ज करने के बाद नागरिकों को एक विशिष्ट स्व-गणना आईडी प्राप्त होगी, जिसे घर-घर सर्वेक्षण के दौरान आने वाले प्रगणक को उपलब्ध करवाना होगा।

उपायुक्त ने बताया कि निर्धारित अवधि के दौरान प्रगणक प्रत्येक घर तक पहुंचकर मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से परिवार, आवास, उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं तथा परिसंपत्तियों से संबंधित अधिसूचित जानकारी एकत्रित करेंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि जनगणना के दौरान प्राप्त सभी सूचनाएं पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी तथा उनका उपयोग केवल जनगणना संबंधी उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में घरों, परिवारों और उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े संकलित किए जाएंगे। ये आंकड़े शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, आवास सहित विभिन्न विकासात्मक योजनाओं को अधिक प्रभावी, समावेशी और जनोन्मुख बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।

उपायुक्त ने बताया कि जनगणना कार्य को सुचारू एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के लिए नगर निगम कार्यालय ऊना में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ बुधवार से कर दिया गया है। प्रशिक्षण के माध्यम से संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना प्रक्रिया, डिजिटल उपकरणों के उपयोग तथा आंकड़ों के सटीक संकलन संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान की जा रही है।

उन्होंने स्वयं भी स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लेते हुए नागरिकों को इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उपायुक्त ने कहा कि जनगणना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि विकास के भविष्य को दिशा देने वाला राष्ट्रीय अभियान है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने सभी जिलावासियों से आग्रह किया कि वे स्व-गणना सुविधा का अधिकाधिक उपयोग करें तथा जनगणना अधिकारियों को पूर्ण सहयोग प्रदान करें। जब जनगणना अधिकारी आपके घर आएं, तो उन्हें सही, पूर्ण और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध करवाएं, ताकि क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं का प्रभावी निर्माण किया जा सके और विकसित हिमाचल के संकल्प को साकार किया जा सके।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर व्यापक जन भागीदारी सुनिश्चित बनाने को लेकर आयुष विभाग की बैठक आयोजित

अम्ब, 3 जून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई)-2026 के सफल, प्रभावी एवं जनभागीदारी आधारित आयोजन को सुनिश्चित बनाने के उद्देश्य से उपमंडल आयुष विभाग अम्ब द्वारा आयुष स्वास्थ्य केंद्र भंजाल में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के अलावा आयुष विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता उपमंडलीय आयुष चिकित्सा अधिकारी, अम्ब डॉ. राजेश शर्मा ने की।

बैठक में उपमंडल अम्ब एवं गगरेट के समस्त आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर डॉ. राजेश शर्मा ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के आयोजन से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में योग के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जन-जागरूकता गतिविधियों को गति देने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, पंचायत स्तर के संस्थानों तथा सामुदायिक स्थलों पर प्री-आईडीवाई गतिविधियों और योग वाई-ब्रेक सत्रों का नियमित आयोजन सुनिश्चित किया जाए, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग को योग के महत्व और उसके स्वास्थ्य लाभों से अवगत करवाया जा सके।

इस दौरान 21 जून को आयोजित होने वाले मुख्य अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु विभिन्न अधिकारियों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गईं तथा निर्देश दिए गए कि योग को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, महिला मंडलों, युवा संगठनों तथा आम नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।

डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और अमूल्य धरोहर है, जो स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का सशक्त माध्यम है। योग का नियमित अभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक उन्नति में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने सभी अधिकारियों से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 को जन-जन का उत्सव बनाते हुए इसे एक जन-आंदोलन के रूप में मनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर आयुष संस्थानों में संचालित पंचकर्म सेवाओं, औषधीय (हर्बल) उद्यानों के संरक्षण एवं विकास तथा राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के अंतर्गत विभागीय सहभागिता एवं रोगी रेफरल गतिविधियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

उपमंडलीय आयुष चिकित्सा अधिकारी ने सभी आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि पंचकर्म सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाया जाए, औषधीय उद्यानों का नियमित रखरखाव एवं संवर्धन सुनिश्चित किया जाए तथा राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाते हुए क्षय रोगियों की पहचान, परामर्श और रेफरल गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ किया जाए।
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