निसिंग,11.12.19-कालजयी ग्रन्थ भगवद्गीता का सन्देश जितना अर्जुन की सफलता के लिए आवश्यक था उतना ही आज के युवा के लिए आवश्यक है । सफलता के मार्ग में आने वाले विभिन्न संदेहों को दूर कर गीता युवाओं को अर्जुन के समान विजेता बनाने में सक्षम है । आइए जीवन जीने की कला में निपुण बनाने वाले इस अद्भुत ग्रंथ को हम अपने व्यवहार में उतारें । गोंदर स्थित गौतम ऋषि तीर्थ पर तीर्थ समिति, ग्राम पंचायत और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित गीता जयंती समारोह में बतौर मुख्य वक्ता पधारे डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने यह टिप्पणी की ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री महंत ओमगिरी जी महाराज व सरपंच देवेंद्र राणा ने संयुक्त रूप से की । डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने ग्रामवासियों व उपस्थित विद्यार्थियों का आह्वान किया की वे गीता के स्वाध्याय का संकल्प लें और इसे मात्र मंदिर में सजा कर रखने वाली पुस्तक न मानें । इसके नियमित स्वाध्याय से आप सभी ज़िंदगी की चुनौतियों का ज्यादा बेहतर समाधान खोज पाएंगे ।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पधारे संकृत विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. श्रेयांश द्विवेदी ने प्रबुद्धजनों व उपस्थित छात्र - छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा की यह हमारे लिए गौरव की बात है कि हम कुरुक्षेत्र की पावन 48 कोस की भूमि के अंतर्गत आने वाली तीर्थ भूमि पर पैदा हुए हैं । हम अपने जन्म व जन्म स्थान की महता को समझें और अपने जीवन को गीता में वर्णित आदर्शों के अनुरूप ढालें । हरियाणा सरकार भगवद्गीता के संदेश को धरातल पर ग्राम-ग्राम से लेकर विश्व-ग्राम अर्थात वैश्विक पटल तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम भी गीता व संस्कृत का ज्ञान प्राप्त कर सरकार की इस मुहीम का हिस्सा बनें । उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों से संस्कृत सीखने की अपील की और संस्कृत ज्ञान से सम्बंधित रोजगार के विभिन्न अवसरों के विषय में अवगत कराया ।

माँ मनसा देवी भजन मंडली के कलाकार मनोज राणा, चाँदवीर, सतीश, विक्की, राजू भारती, अमन व विकास ने अपने सुमधुर गायन व वादन से उपस्थित सभी ग्रामवासियों को मंत्र मुग्ध कर दिया । विशिष्ट अतिथि संस्कृत भारती के उपाध्यक्ष रामनिवास ने इतने सुन्दर आयोजन हेतु ग्राम पंचायत को साधुवाद दिया और संस्कृत से जुड़ने के विभिन्न लाभों पर अपने विचार रखे ।

इस अवसर पर भूपेंद्र गिरी, संस्कृत शिक्षक, पुष्पेंद्र , संदीप राणा , महिपाल राणा, विकास राणा, रणबीर सिंह, नाथू फौजी, सतपाल राणा, सुखविंदर राणा, पी.टी.आई. शिव कुमार, सतबीर, जगपाल, हरिओम, पूनम चहल, निधि, उषा चौहान, आदि गणमान्य उपस्थित थे ।