चंडीगढ़,7 जनवरी- चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम शहीद-ए-आजम भगत सिंह के नाम पर रखने की मांग को लेकर शहीद सम्मान अभियान के संयोजक हरपाल सिंह राणा के नेतृत्व में आज एक प्रतिनिधिमंडल पंजाब के राज्यपाल श्री वी.पी सिंह बदनौर से मिला और एक ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में जाट सभा चंडीगढ़ के सचिव श्री बी.एस गिल, सामाजिक कार्यकर्ता अनिल आर्य व राजवीर सिंह कुशवाहा शामिल थे।
ज्ञापन देने के बाद हरपाल सिंह राणा ने बताया कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह की स्वर्ण जयंती के अवसर पर वर्ष 2007 में चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम शहीद भगत सिंह के नाम से घोषणा की गई थी, इसके बाद वर्ष 2009 में पंजाब विधानसभा के द्वारा शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मोहाली प्रस्तावित भी किया गया था। तब से यह मामला चंडीगढ़ और मोहाली की राजनीति में राजनैतिक इच्छा शक्ति के अभाव में फंसा हुआ है। उन्होंने बताया कि हालांकि इस बारे में अधिकारियों की कमेटी भी बनाई गई लेकिन आज तक एयरपोर्ट का नामकरण शहीद भगत सिंह के नाम पर नहीं हो सका है।
श्री राणा ने बताया कि इस मामले मे वे तत्कालीन केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री से 18 मार्च 2016 को मिले थे कि उन्होंने दोनों राज्यों से आग्रह भी किया था कि शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के नाम रखने के प्रस्ताव पर दोबारा विचार क्या जाए उन्होंने बताया कि वे इसके लिए पिछले 5 वर्षों से प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि देशभक्त शहीद-ए-आजम भगत सिंह जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर हवाई अड्डे का नाम रखने के संबंध में अभी तक कोई कार्रवाई न किया जाना उनके साथ अन्याय है।
उन्होंने मांग की है कि चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम शहीद-ए-आजम भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा चंडीगढ़ ,मोहाली रखा जाए।
उन्होंने बताया कि पंजाब के राज्यपाल ने उनको आश्वासन दिया है कि वे इस बारे में बनाई गई कमेटी को उनका ज्ञापन भिजवा देंगे तथा उम्मीद है कि इस बारे में जल्द ही समाधान हो जाएगा।