ऊना, 13 अक्तूबर: महिलाएं अपने अधिकारों के साथ-साथ सामाजिक ढांचे को मजबूत बनाने में भी अपना अहम योगदान दें ताकि हम अपनी समृद्ध सभ्यता, संस्कृति और परंपराओं को संजोकर रख सकें। यह बात हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा जैनब चंदेल ने आज जिला के सलोह स्थित अंबेदकर भवन में आयोजित महिला जागरूकता शिविर में कही। 

उन्होने कहा कि महिलाएं अपने बच्चों को मूल्यवान संस्कार भी प्रदान करें ताकि हमारी नौजवान पीढी संस्कारवान बन सके। उन्होने कहा कि घरेलु हिंसा कि शिकार महिलाओं के लिए वर्ष 2005 में घेरलु हिंसा कानून बनाया गया है। जिसके तहत घर के अन्दर दुव्र्यवहार की शिकार महिलाएं पुलिस में शिकायत दर्ज करवा सकती हैं। उन्होने कहा कि घरेलु झगडों के मामलों को घर पर ही आपसी बातचीत से सुलझा लेना चाहिए, परन्तु यदि फिर भी वह दुव्र्यवहार की शिकार होती है तो महिला को आगे आना चाहिए। उन्होने महिलाओं से अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का भी आहवान किया। 
उन्होने जिला ऊना में घटते शिशु लिंगानुपात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रति हजार बालकों के मुकाबले जिला में बालिकाओं की संख्या 875 रह गई है। उन्होने समाज में बढ़ती कन्या भ्रूण हत्या पर पडोसी राज्य हरियाणा का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि आज जिला में बेटियों की संख्या ऐसे ही घटती रही तो कल लडकों की शादी के लिए लडकियां नहीं मिलेंगी। उन्होने कहा कि बेटियों को जन्म देने में महिलाओं की अहम भूमिका होती है। ऐसे मेें उन्होने महिलाओं से आहवान किया कि नारी जाति को बचाने के लिए वह स्वयं पहल करे तथा कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ आवाज बुलंद करे। 
उन्होने बताया कि सरकार ने महिलाओं के उत्थान के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई है जिनमें मुख्य मंत्री कन्यादान योजना के तहत गरीब परिवारों की बेटी की शादी पर सरकार 25 हजार रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान करती है जबकि विधवा पुनर्विवाह योजना के तहत सरकार 50 हजार रूपये बतौर प्रोत्साहन राशि मुहैया करवाती है। इसके अतिरिक्त महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अन्तरजातीय विवाह योजना, बेटी है अनमोल, माता शबरी महिला सशक्तिकरण योजना सहित कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है। 
उन्होने कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई महिला किसी प्रकार की शिकायत लेकर उनके पास आती है तो वह उसे प्राथमिकता के आधार पर निपटाना सुनिश्चित करें तथा महिलाओं से जुडे मामलों के प्रति संवेदनशील रहें। 
उन्होने बताया कि महिलाएं किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज करवाने के लिए वह राज्य महिला आयोग के दूरभाष नम्बर-0177-2627171 पर संपर्क कर सकतीं हैं या फिर साधारण डाक से भी शिकायत भेज सकती हैं। इसके अतिरिक्त महिलाएं सीधे उनके मोबाइल नम्बर-94184-50998 में सम्पर्क कर सकती हैं। 
उन्होने कहा कि महिला आयोग का उदेश्य महिलाओं के हितों की रक्षा करना है। उन्होने कहा कि ग्रामीण व दूरदराज क्षेत्र की महिलाओं को जागरूक करने के लिए महिला आयोग निरन्तर कार्यरत है। 
शिविर मे ये रहे उपस्थित
इस शिविर में राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रोमिला देवी व पवना चौधरी ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर एसडीएम हरोली धनवीर ठाकुर, डीएसपी अमित शर्मा, बीडीओ राजकुमार कंवर, बीएमओ डॉ0 संजय मनकोटिया, तहसील कल्याण अधिकारी कुलदीप दयाल, सरोज पाठक, सीडीपीओ अश्वनी शर्मा, ब्लॉक महिला कांग्रेस अध्यक्षा मधु धीमान, प्रधान सलोह पंचायत परमजीत सिंह, बीडीसी सदस्य राजन जसवाल, एकल नारी संगठन की अध्यक्षा कांता देवी सहित विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि, महिला मंडलों की प्रधान व सदस्यगण, आंगनवाडी कार्यकर्ताओं सहित बडी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।