चंडीगढ़, जून 19-जहां एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे विश्व में भारत की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति योग से मिलने वाले लाभों और इसके महत्व को जन जन तक पहुंचाने का अद्भुत मगर अतुल्य बीड़ा उठाया है तो वहीं दो राज्यों की राजधानी एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के मुस्लिम समुदाय के भाईयों और बहनों ने स्थानीय वर्धान आयुर्वेदिक संस्था के बैनर तले आज चंडीगढ़ में अपने मुस्लिम पहरावे (कुर्ते-पायजामे और बुर्के) में योगा करके प्रधानमंत्री जी को यह संदेश देने का अद्भुत प्रयास किया है कि वे उनकी योगा की इस अनोखी पहल में कंधे से कंधा मिला कर साथ खड़े हैं और कुछ सांप्रदायिक ताकतें जो नरेंद्र मोदी की योगा की इस पहल की मुखाल्फत करती रही हैं उन्हें मुंह तोड़ जवाब देना चाहते हैं कि योगा किसी एक धर्म विशेष का नहीं ब्लकि समूचे देश का है और हम सब की अच्छी सेहत के लिये जरूरी भी है।

मुस्लिम समुदाय के लिए इस खास योग दिवस का आयोजन करने वाले वर्धान आयुर्वेदिक संस्था के प्रबंधकीय निदेशक सुभाष गोयल का कहना है कि पिछले लंबे अर्से से उनके मन में था कि योगा को हर मजहब, धर्म, जाति और समुदाय में प्रचलित किया जाये इसी के चलते उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लिए यह खास तौर पर आयोजन किया है। याद रहे इस से पहले वर्धान आयुर्वेदिक संस्था सिक्ख समुदाय के लिए योगा का आयोजन पंजाब के कई स्कूलों में पहले से कर चुकी है। इस में योगा विशेषज्ञ सुखदीप दुस्सर ने उन्हें योगा के टिप्स दिये थे। उक्त संस्था हिंदुओं के लिए चंडीगढ़ ही नहीं ब्लकि इसके आसपास के विभिन्न हिस्सों में समय समय पर योगा शिविरों का आयोजन करती आ रही है।

गौरतलब है कि आज के इस खास योग दिवस में भाग लेने वाले सभी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पावन रोज़े रखे हुए थे। बावजूद इसके उन्होंने इस योग दिवस में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।

याद रहे देश के प्रधानमंत्री एक दिन बाद चंडीगढ़ में 21 जून को दूसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का प्रतिनिधित्व करने आ रहे हैं। जिसे पूरा विश्व देखेगा और चंडीगढ़ के मुस्लिम भाई-बहनों का यह योग दिवस का संदेश देश ही नहीं बल्कि विश्व के करोड़ों लोगों के दिलों में योग के प्रति एक सकारात्मक प्रभाव पैदा करेगा।

इस योग दिवस में खास बात यह भी है कि इस योग दिवस में भाग लेने वाले मुस्लिम भाई-बहनों को योगा कराने का जिम्मा भी उन्हीं के धर्म से ताल्लुक रखने वाली डा. शबनम अंसारी पर ही था जो स्वयं पिछले एक दशक से योगा करती आ रही हैं और इसके प्रचार और प्रसार में लगी हैं। उन्होंने इस मौके पर उपस्थित लोगों को ताड़ आसन, भुजंग आसन, वृक्ष आसन, कपाल आसन, ब्रज आसन, प्राणायाम आसन, आलोम-विलोम, कपाल भारती, शव आसन आदि आसन करवाये।

इस योग दिवस के मौके पर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से आये मुस्लिम भाईयों और बहनों ने योगा किया। योगा के प्रचार व प्रसार के लिए वर्धान आयुर्वेदिक संस्था ने हाल ही में 5 हजार योगा की डी.वी.डी. भी निशुल्क बांटी हैं। जिनमें योगा कैसे किया जाये और इसके क्या लाभ हैं का विस्तार से जिक्र है।