Chandigarh-दिनांक 31 मई 2017 को पंजाब साहित्य अकादेमी के द्वारा हर महीने के आखरी दिन होने वाले मासिक प्रोग्राम "बंदनवार" पंजाबी के नामवर गीतकारो पर आधारित रहा। इस प्रोग्राम की कलामयी शाम को आयोजन पंजाब कला भवन, सेक्टर 16, चंडीगढ़ में किया गया। इस प्रोग्राम में नामचीन लेखक श्री गुलजार सिंह संधू, चेयरमैन, चंडीगढ़ साहित्य अकादेमी जी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस प्रोग्राम की प्राधनगी पंजाब कला परिषद् की चेयरपर्सन मिस सतिंदर सत्ती द्वारा की गयी और स. सुरिंदर सिंह विर्दी, वाईस चेयरमैन, पंजाब कला परिषद् बतौर विशेष मेहमान शामिल हुए। इस प्रोग्राम की शुरुआत गुलजार सिंह संधू, सतिंदर सत्ती, डॉ. सरबजीत कौर सोहल, सुरिंदर सिंह विर्दी, और डॉ सतीश कुमार वर्मा जी द्वारा शमा-रोशन से की गयी। इस प्रोग्राम में पंजाब के नामवर गीतकार शमशेर सिंह संधू, धरम कमियाना, प्रीत महिंदर, मनप्रीत टिवाणा, विजय धामी, बलजिंदर संगीला, करमजीत पूरी और पाली गिदड़बाहा जी शामिल हुए। डॉ सरबजीत कौर सोहल ने पंजाब साहित्य अकादेमी की उपलब्धि बताते हुए आये हुए सभी लोगो का स्वागत किया। इस के बाद गीतकारो को आये हुए दर्शकों से पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन से रु-ब-रु करवाया गया। गीतकार श्री शमशेर संधू जी ने "माँ मैं मुड़ नहीं पेके आऊना पेके हुन्दे मावा नाल" गीतों द्वारा पंजाबियत के कई रंग पेश किये। धरम कमियाना ने " मिटटी दा मोर" गीत पेश करके साहित्य गीतकारी का नमूना पेश किया। श्री मनप्रीत टिवाणा ने " माँ बोली पंजाबी" गीत पेश किये।
इस मौके पर श्री गुरबक्श सिंह सैनी जी की पुस्तक "संत सेनापति शेरनी माई भागो" भी रिलीज़ कई गयी। इस प्रोग्राम के अंत में गुलजार सिंह संधू और सतिंदर सत्ती ने इस प्रोग्राम के सम्बद्ध में अपने विचार पेश किये। डॉ. सतीश कुमार वर्मा ने आये हुए सभी गीतकारो, दर्शको का धन्यवाद् किया। इस मौके पर दीपक शर्मा, श्री राम अर्श, कश्मीर कौर और दर्शन दरवेश जी शामिल हुए।