चण्डीगढ़,23.07.17- देश आज कठिन समय से गुजर रहा है क्योंकि युवा पीढ़ी सांस्कृतिक पतन की और अग्रसर है। मैं आजकल के नौजवानों को जगाने के लिए ही जुटा हुआ हूँ। ये बात आज अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद की 111वीं जयंती के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम के सिलसिले में शहर में पधारे उदयीमान युवा वीर रस के कवि व गायक अमित शर्मा ने चण्डीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि मैं भी अगर चाहूँ तो श्रृंगार रस के गीत भी रच सकता हूँ पर आज जरूरत वीर रस के गीतोँ की है क्योंकि देश का युवा वर्ग जड़ों से कटता जा रहा है। उसे जागृत करना बेहद जरूरी है। अमित शर्मा, जिनके जोशीले गीत आजकल मंचों-सभाओं से लेकर यूट्यूब तक खूब धूम मचा रहे हैं, ने कहा कि शहीद आज़ाद की माता जी की आँखे पुत्र वियोग में रोते-रोते अंधी हो गईं परन्तु किसी ने भी उनकी सुध नहीं ली। किसी भी सरकारी रिकार्ड में कोई जानकारी नहीं है कि आज़ाद के बाद उनके परिजनों का क्या हुआ। इसी प्रकार एक अन्य महान शहीद रामप्रसाद बिस्मिल की बहन को भी जीवन-यापन के लिए घरों में काम करना पड़ा जोकि बेहद शर्मनाक बात है। ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज की पीढ़ी को इन शहीदों की बहादुरी के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
एक सवाल के जवाब में अवार्ड वापिस करने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भारत सदियों से हमलावरों का निशाना रहा है, चाहे वह विदेशी आक्रांताओं के हमले हों या फिर आजकल के आतंकवादी हमले। दुनिया में ऐसा और कोई देश नहीं है। मोहम्मद गौरी को हमने 17 बार हमले करने पर भी माफ़ कर दिया था। फिर भी हमारे देश को असहिष्णु कहना निरी अज्ञानता व नाकाबिले बर्दाश्त है। उन्होंने कहा कि मैं कई देशों में गया हूँ परन्तु भारत जैसा विविधतापूर्ण देश पूरे विश्व में कोई नहीं है। अमित शर्मा ने कहा कि हम सबको देश का गौरव बहाल करने के लिए एकजुट होना होगा।  में इसी मिशन को लेकर दुनियाभर में अलख जगा रहा हूँ।

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यदि 10 युवा भी सुधर गए तो हमारा प्रयास सफल हो जाएगा : शशिशंकर तिवारी

पूर्वांचल विकास महासंघ ट्राईसिटी, चंडीगढ़ के अध्यक्ष शशिशंकर तिवारी, जो विकास नगर मौलीजागरां चंडीगढ़ में  क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती के मौके पर कार्यक्रम के आयोजक हैं, ने इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि राह से भटक रही युवा पीढ़ी को जगाने के लिए ही उन्होंने यूथ आइकॉन अमित शर्मा को यहाँ आमंत्रित किया है। यदि इसके जरिए 10 युवा भी सही दिशा पा गए तो वे आपने प्रयास को सफल समझेंगे। उन्होंने कहा कि मुश्किल से पांचेक प्रतिशत लोगों को पता होगा कि आज चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती है जबकि उन्हें फ़िल्मी हीरो-हीरोइनों की एक-एक बात पता होती है। इस अवसर पर चण्डीगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सरपंच गुरप्रीत सिंह हैप्पी भी मौजूद थे


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वीर रस के दिग्गज कवि अमित शर्मा का परिचय

कवि अमित शर्मा जी ग्रेटर नॉएडा के सैनी गाँव के निवासी है। कवि अमित शर्मा जी ने    बीकॉम, एमकॉम, बीएससी, एचएएवम टूरिजम, एलएलबी विभिन्न डिग्री प्राप्त की है। अमित शर्मा जी अखिल भारतीय कवि  सम्मलेन ,राष्ट्रीय कवि सम्मलेन ,हास्य कवि सम्मलेन और सभी कवि सम्मलेन में काव्य पाठ करते है और साथ ही मंच संचालन भी करते है । कवि अमित शर्मा वीर रस की कविता खास कर लिखते है और हर विषय पर लेख लिखना उन्हें काफी पसंद है लेकिन मंचो पर वीर रस की कविता देश को बचाने के लिए – लोगो को जगाने के लिए मंच पर जरूर पढ़ते है।
कवि अमित शर्मा के मुताबिक मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि ये है कि जब मुझको ग्रेटर नॉएडा में पहली बार मंच मिला उस मंच पर काफी बड़ी बड़ी हस्तिया थी और उस मंच पर आदरणीय दादा गोपाल दास नीरज जी व उदय प्रताप सिंह ने मंच पर मुझे बुलाकर सर पर हाथ रख कर आशीर्वाद दिया था वो मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि थी और उसके बाद देश की प्रथम महिला राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल जी ने जब मुझे अभिनंदित किया था वो मेरे लिए बहुत बड़ा दिन था। जबलपुर इंजीनियरिंग कालेज में उस मंच का संचालन किया और जब मैंने अपनी कविता सुनाई तो कॉलेज के बच्चो ने बीस बार खड़े होकर मेरी कविता पर तालिया बजाई तबसे में जीवन भर कबिता के लिए जीना चाहता हु और देश को जगाना चाहता हूँ।
उनके मुताबिक सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और फैमिली की जिम्मेदारी को निभाना चाहिए क्योंकि अपना परिवार साथ है तो आपको सफलता मिलना निश्चित हो जाता है । उन्होंने बताया कि  मेरे जीवन में रोल मॉडल डॉ कुमार विश्वास है उन्ही के आदर्शो को मानकर जनता को कविता सुनाता हूँ।