नई दिल्ली,28.10.17-: शुक्रवार की शाम इंडिया हेबीटेट सेंटर पर महान भारतीय संगीतकार सलिल चौधरी द्वारा लयबद्ध किए गए मधुर गीतों के नाम एक शाम हुई। इस दौरान गायिका और संगीतकार रूनकी गोस्वामी ने महान संगीतकार सलिल चौधरी को उनके जन्मदिन पर अपनी श्रद्धांजलि दी। 

इस मौके पर रूनकी गोस्वामी ने कहा कि प्रतिष्ठित व्यक्तित्व सलील चौधरी के गीतों को गुनगुनाने पर उन्हें अपार खुशी हो रही है। श्रोताओं ने भी काफी अच्छी प्रतिक्रिया दी और उस महान संगीतकार को श्रद्धांजलि अर्पित करना एक सपना सच होने के समान है। 

शाम की शुरुआत उस समय हुई जब रूनकी ने अपनी प्रस्तुति में सलिल चौधरी के बेहद हिट रहे गीतों को सुनाया जिनमें ‘कहीं दूर जब दिन ढल जाये’ और ‘रिमझिम के प्यारे गीत लिए’ सुनाया। जब रूनकी ने ‘जानेमन जानेमद तेरे दो नयन’ गाया तो श्रोता उनकी मधुर आवाज पर झूम उठे। 

वहीं क्लासिक गीतों के साथ रूनकी की प्रस्तुति ने आज के दौर के गीतों को भी पीछे छोड़ दिया। उन्होंने साबित किया कि वर्तमान गाने आकर्षक हो सकते हैं, लेकिन श्रोताओं के दिल को छूने की क्षमता पुराने क्लासिक गीतों में ही है। सुर संध्या की ये शाम उस सुनहरे दौर को एक बार फिर से वापिस ले आई जब खूबसूरत और मधुर गीत रचे जाते थे। सलिल चौधरी के कभी ना भुलाए जा सकने वाले गीतों ने श्रोताओं को पुराने दौर की यादों को ताजा करने पर मजबूर कर दिया। 

इसमें कोई संदेह नहीं है कि इस कार्यक्रम ने दिल्ली निवासियों के दिल पर एक अमिट छाप छोड़ी।