रोहतक,02.10.18- शैक्षणिक नगरी बहल में बी.आर.सी.एम.शिक्षण समिति बहल के तत्वावधान में राह ग्रुप फाउंडेशन की ओर से आयोजित हरियाणवीं फैशन शो में रोहतक के माडलों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जहां संस्कृति दर्शन में पहला स्थान प्राप्त किया, वहीं ऑवर आल चैम्पियनशीप में दूसरा स्थान प्राप्त किया। पहले स्थान पर हिसार के मॉडल रहे तो जींद व भिवानी की टीम ने संयुक्त रुप से तीसरा स्थान मिला। सभी विजेता प्रतिभागियों को बीआरसीएम ग्रुप व राह ग्रुप के पदाधिकारियों ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। यह जानकारी देते हुए राह गु्रप के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेश क्रांतिकारी व राष्ट्रीय सलाहकार सुदेश चहल पूनिया ने बताया कि राह ग्रुप के इस हरियाणवीं फैशन शो में हिसार, फतेहाबाद, जींद, भिवानी, गुरुग्राम, रोहतक, पंचकुला, सिरसा, सोनीपत, रेवाड़ी, महेन्द्रगढ़ सहित 16 सात जिलोंं के 176 कलाकारों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया। संस्कृति सहजने की कड़ी में आयोजित लोकगीत, रागनी, भजन व दूसरे प्रकार के हरियाणवीं गायन के अलावा कलाकार प्रदीप बूरा, पूजा हुड्डा, नवीन नारु व लोकगायक नफेसिंह रोहिल्ला सहित करीब एक दर्जन से अधिक हरियाणवीं कलाकारों ने हरियाणवी रागनी, किस्से व सांग के माध्यम से हरियाणवी संस्कृति को मंच से एक बार फिर जिंदा कर दिया।
रोहताश नगरी की लाडली कविता ने जमाया रंग:-
बी.आर.सी.एम. शिक्षण समिति बहल के तत्वावधान में राह ग्रुप फाउंडेशन की ओर से आयोजित हरियाणवीं फैशन शो में 176 प्रतिभागी रैंप पर उतरे। जिनमें से 52 प्रतिभागियों ने जहां पुरानी पुरानी संस्कृति की झलक को रैंप पर उतारा, वहीं 22 प्रतिभागियों ने खेल, शिक्षा के साथ हरियाणा की आधुनिक उपलब्धियों को दर्शाने का प्रयास किया, रोहतक की ओर से रोहताश नगरी की लाडली कविता लौरा की अगवाई में उतरी टीम ने कमाल कर दिया। इस दौरान 32 ने संस्कृति झांकी दर्शन तो शेष प्रतिभागियों ने ग्रामीण दिनचर्या को अपने-अपने अंदाज में दर्शाने का प्रयास किया। करीब 120 मिनट तक चले इस फैशन शो में हरियाणवीं संस्कृति दर्शन क्षेत्र में रोहतक के मॉडलों ने सभी को पछाड़ दिया। पुराने समय की शादी-विवाह व खेत में जाते किसान व पनघट पर पानी भरती पनिहारी को सभी ने सराहा तो दुल्हे की पुरानी वेशभूषा में उतरे युवक व उसके बारातियों ने अवार्ड के साथ-साथ दर्शकों का दिल भी जीत लिया। खेतों में हाली के लिए ज्वारा व खाणा लेकर जाने वाली महिला ने पुराने समय की यादें ताजा कर दी। इसी प्रकार खेतों में काम करने के बाद घर लौटते वाले किसान के तौर पर जब रोहतक के मॉडल रैंप पर उतरे को वो दर्शकों की तालियों से उनकी जीत ओर पक्की हो गई। इसी प्रकार रंग बिरंगी चुनरी, घाघरा, दामण और चोली से सजी देसी मॉडलों ने भी अपनी अलग छाप छोड़ी।