चंडीगढ़,07.01.19- (सुनीता शास्त्री) सौर ऊर्जा को विकल्प के रूप में इस्तेमाल करने इसका व्यापक प्रचार एवं प्रसार करने के साथ-साथ इसके दैनिक प्रयोग में लाना समय की मांग है। बिजली की खप्त अधिक होने के कारण निजी क्षेत्र के संस्थानों में सौ ऊर्जा से चलने वाले उपकरणों का महत्व अधिक है। उक्त विचार चंडीगढ़ प्रशासन के विज्ञान एवं टैकनौलजी विभाग के अंतर्गत चल रहे चंडीगढ़ रैन्यूवल एनर्जी एवं साइंस तकनौलजी (क्रैस्ट) के प्रोजैक्ट निदेशक एवं सीईओ देवेंद्र दलाई ने आज यहां आधुनिक एनर्जी सोल्यूशन की चंडीगढ़ शाखा का उदघाटन करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में व्यक्त किए।क्रैस्ट के निदेशक देवेंद्र दलाई ने बताया कि सिटी ब्यूटीफुल धीरे-धीरे सौर ऊर्जा के लाभ को समझ रहा है और 500 से अधिक सरकारी एवं निजी भवनों में सौलर पैनल स्थापित हो चुके हैं। वर्ष 2022 तक सौर ऊर्जा के माध्यम से करीब 69 मैगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने आघुनिक एनर्जी सोल्यूशन का चंडीगढ़ में स्वागत करते हुए कहा कि चंडीगढ़ पिछले वर्षों के दौरान 22 मैगावाट सौर ऊर्जा की स्थापना कर चुका है। आगामी वर्षों के दौरान 47 मैगावाट की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। जिसे पूरा करने के लिए क्रैस्ट पूरी तरह से वचनबद्ध है।इस अवसर पर बोलते हुए आधुनिक एनर्जी सोल्यूशन के संस्थापक एवं चेयरमैन गोबिंद सिंह ने बताया कि सौर ऊर्जा न केवल ऊर्जा उत्पादन बल्कि समूची मानवता का भविष्य है। आईपीसी 2018 की रिपोर्ट के अनुसार समूचे विश्व को वर्ष 2050 तक नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन अथवा क्रैस्ट के सहयोग से यहां के लोगों को सौर ऊर्जा के प्रति जागरूक करने के लिए बहुत जल्द जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर आधुनिक एनर्जी सोल्यूयशन के सीईओ विशाल भारद्वाज, चंडीगढ़ शाखा प्रबंधक विंग कमांडर संदीप वाधवा, एचआर प्रमुख रेनु राय के अलावा क्रेस्ट के कई अधिकारी मौजूद थे।