Chandigarh,24.11.19-आईसीसीआर एवं प्राचीन कला केन्द्र के सौजन्य से एक विशेष सांगीतिक संध्या का आयोजन एम.एल.कौसर सभागार में सायं 6:30 बजे किया गया ।इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध तबला गुरू श्री सुशील जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे । इस अवसर पर केन्द्र के रजिस्ट्ार डाॅ.शोभा कौसर, सचिव श्री सजल कौसर भी उपस्थित थे । इस कार्यक्रम में आईसीसीआर की निदेशक नलिनी सिंघल भी उपस्थित थी ।

इस कार्यक्रम में मुंबई से आई भारत की एकमात्र प्रसिद्ध तबला वादक अनुराधा पाल ने अपनी अनूठी प्रस्तुति से दर्शकों का मन जीत लिया । उस्ताद अल्ला रक्खा खां एवं उस्ताद जाकिर हुसैन की शिष्यत्व में अपने व्यक्तित्व को नए आयाम देने वाली अनुराधा ने लगभग सभी प्रसिद्ध कलाकारों के साथ प्रस्तुतियां देकर तालियां बटोरी हैं । अनुराधा ने देश ही नहीं विदेशों में भी अपनी कला का बखूबी प्रदर्शन किया ।

अनुराधा ने कार्यक्रम की शुरूआत खुद से खुद की जुगलबंदी पेश करके अनोखी पेशकश से दर्शकों को अभिभूत कर दिया । इन्होंने राग शंकरा एवं दुर्गा एवं दो तबलों के साथ अर्धनारीश्वर की प्रस्तुति देकर दर्शकों को भावविभोर कर दिया । अनुराधा ने तबला के लगभग सभी घरानों की खास बंदिशों को पेश करके खूब तालियां बटोरी । इन्होंने तबले के हरेक रंग का मंच पर प्रस्तुत करके अपनी बेहतरीन कलाकारी और उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिचय दिया । इन्होंने तबले के अलावा पखावज एवं मृदंगम वादन भी पेश किया । जिसमें दर्शकों को हिन्दुस्तानी एवं कर्नाटक संगीत शैली की विविधता को देखने एवं सुनने का अवसर मिला ।इस कार्यक्रम में इन्होंने विभिन्न रागों तालों का सुंदर प्रदर्शन करते हुए दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी ।

अनुराधा की स्वयं अनुराधा से जुगलबंदी से सजी ये अनूठी शाम लोगों के दिलों में सदैव एक मीठी याद की तरह बसी रहेगी । कार्यक्रम के अंत में माननीय अतिथियों एवं डाॅ.शोभा कौसर,श्री सजल कौसर,नलिनी सिंघल सने कलाकारों को सम्मानित किया ।