Chandigarh,11.12.19-प्राचीन कला केन्द्र द्वारा आज यहां एम.एल.कौसर सभागार में 265वीं मासिक बैठक का आयोजन किया गया । जिसमें भोपाल से आई शास्त्रीय गायिका सुलेखा भट्ट एवं कोलकता से आए तबला वादक अमितवा सेन द्वारा खूबसूरत प्रस्तुतियां दी गई ।

ग्वालियर घराने की शास्त्रीय गायिका सुलेखा ने गुरू वीणा सहराबुद्धे से संगीत की शिक्षा प्राप्त की है । आॅल इंडिया रेडियो की ए ग्रेड आर्टिस्ट सुलेखा ने विभिन्न प्रस्तुतियों से अपनी कला का प्रदर्शन किया है । दूसरी तरफ अमितवा सेन ने बहुत से मंझे हुए गुरूओं से संगीत की शिक्षा प्राप्त की है । पंडित परिमल चक्रवर्ती से संगीत की बारीकियां सीख रहे हैं और आॅल इंडिया रेडियो की ए ग्रेड आर्टिस्ट है ।

कार्यक्रम की शुरूआत अमितवा सेन ने तबला वादन से शुरूआत की । जिसमें उन्होंने तीन ताल में निबद्ध पारम्परिक कायदे,रेले,पलटे पेश करके खूब तालियां बटोरी । इसके अलावा इन्होंने कुछ खास पारम्परिक बंदिशें पेश करके खूब तालियां बटोरी इनके साथ राजेंद्र बैनर्जी ने बखूबी संगत की ।

कार्यक्रम के दूसरे भाग में भोपाल से आई सुलेखा भट्ट ने राग नंद से की । जिसमें आलाप के बाद मध्य लय रूपक ताल में निबद्ध ‘‘ढूॅंढू बारे सईंयां’’ पेश की । उपरांत मध्य लय आड़ा चैताल में तराना प्रस्तुत किया । कार्यक्रम के अगले भाग में तीन ताल द्रुत लय में ‘‘पायल मोरी बाजे झनन झनन’’ पेश करके खूब तालियां बटोरी । कार्यक्रम का समापन इन्होंने भजन से किया जिसके बोल थे ‘‘गुरू जी मैं तो इक निरंजन ध्यायूं जी’’ से किया । इनके साथ तबले पर अमितवा सेन तथा हारमोनियम पर राजेंद्र बैनर्जी ने बखूबी संगत की ।

कार्यक्रम के अंत में केन्द्र की रजिस्ट्ार डाॅ.शोभा कौसर,सचिव श्री सजल कौसर ने कलाकारों को सम्मानित किया ।