चण्डीगढ़, 16 जनवरी- हरियाणा के परिवहन मंत्री श्री मूलचन्द शर्मा ने कहा है कि वर्ष 2025 तक प्रदेश में सडक़ दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत तक कमी लाने के उद्देश्य से सडक़ सुरक्षा नीति बनाई गई है। राज्य सरकार परिवहन विभाग के माध्यम से सडक़ सुरक्षा के क्षेत्र में विश्व अनुसन्धान और राहगीरी कार्यक्रमों के साथ सडक़ सुरक्षा की विजन जीरो परियोजना पर कार्य कर रही है।

श्री मूलचन्द शर्मा आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा परिषद की 18वीं बैठक तथा यातायात विकास परिषद की 39वीं बैठक में बोल रहे थे। केन्द्रीय सडक़ परिवहन तथा राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में केन्द्रीय सडक़ परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वी.के.सिंह सहित असम, गोवा, कर्नाटक, उड़ीसा और राजस्थान के परिवहन मंत्रियों ने भी भाग लिया।

परिवहन मंत्री श्री मूलचन्द शर्मा ने कहा कि सडक़ दुर्घटनाओं के अध्ययन के लिए प्रदेश के सभी जिलों में सडक़ सुरक्षा साथी नियुक्त किए गए हंै ताकि जिला प्रशासन के समन्वय से सडक़ सुरक्षा उपायों को प्रभावी बनाने के कड़े कदम उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में गम्भीर सडक़ दुर्घनाओं और इनसे हो रही मौतों की जांच के लिए टीम का गठन किया गया है, जिसमें परिवहन, पुलिस, लोक निर्माण (भवन एवं सडक़ें), राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों और हरियाणा विजन जीरो कार्यक्रम के तहत लगे सडक़ सुरक्षा एसोसिएट द्वारा वैज्ञानिक तरीके से जांच करवाई जाती है।

श्री मूलचंद शर्मा ने बताया कि वर्ष 2018 के मुकाबले वर्ष 2019 में राज्य में सडक़ दुर्घटनाओं में कमी आई है। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की पालना में राज्य सरकार द्वारा सडक़ सुरक्षा के लिए परिवहन विभाग में लीड एजेंसी का गठन किया गया है जिसमें परिवहन, पुलिस, लोक निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, योजना और गैर-सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि सडक़ सुरक्षा को लेकर जो भी दिशा-निर्देश दिए जाएंगे उनका प्रदेश में अक्षरश: पालन किया जाएगा।

परिवहन मंत्री श्री मूलचंद शर्मा ने बताया कि हरियाणा सडक़ सुरक्षा कोष बनाया गया है। इसके अंतर्गत मोटर वाहन अधिनियम के तहत विभिन्न उल्लघनाओं के चालानों की फीस का 50 प्रतिशत शुल्क सडक़ सुरक्षा से संबंधित कार्यों में खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में राज्य में स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षित स्कूल वाहन नीति तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में सडक़ सुरक्षा पाठ्यक्रम लागू किया गया है तथा स्कूल और कालेजों में भी कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं।