घुमारवीं (बिलासपुर), 30 नवम्बर: नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज कपाहड़ा स्कूल में 1.58 करोड़ रूपये की लागत से नवनिर्मित विज्ञान भवन का लोकार्पण किया। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह भवन स्कूल में विज्ञान शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने में मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने कपाहड़ा स्कूल में आयोजित क्लस्टर स्तरीय वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्यतिथि भी शिरकत की।

समारोह में कपाहड़ा स्कूल क्लस्टर के 11 विद्यालयों के लगभग 1200 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इन विद्यालयों में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कपाहड़ा, मुड़खर, गालियां, कठलग, छत, सोहल तथा राजकीय उच्च पाठशाला पलासला, कलर, अदरोली, छंजयार और कोटला शामिल रहे।
इस अवसर पर बच्चों, शिक्षकों एवं उपस्थित अभिभावकों को संबोधित करते हुए नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि जीवन में कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता है तथा प्रत्येक कार्य को पूरी लग्न, मेहनत एवं समर्पण भाव के साथ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे में अलग प्रतिभा और क्षमता होती है, जिसे पहचानना और सही दिशा देना शिक्षक व अभिभावकों का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने बच्चों को केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने या प्रमाण पत्र लेने तक सीमित न रहने की सलाह देते हुए कहा कि उनका समग्र विकास ही भविष्य की असली नींव है।
उन्होंने कहा कि कपाहड़ा स्कूल को सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध करने का निर्णय लिया गया है ताकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा हासिल करने के अवसर प्राप्त हो सकें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण बच्चों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है तथा उन्हें केवल सही मार्गदर्शन और अवसरों की आवश्यकता होती है।
राजेश धर्माणी ने कहा कि वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौती स्किलड़ मैनपाॅवर की कमी होना है। उन्होंने बच्चों शिक्षकों एवं अभिभावकों से बच्चों के कम्युनिकेशन स्किल, स्टेज प्रेजेंस और आत्मविश्वास को बढ़ाने पर विशेष बल देने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि बच्चों को मंच पर बोलने के ज्यादा से ज्यादा अवसर दिए जाने चाहिए ताकि स्टेज फियर समाप्त हो सके और छिपी प्रतिभा निखर सके।
उन्होंने स्कूल के नए विज्ञान भवन की बधाई देते हुए कहा कि इससे स्कूल के बच्चों को बेहतर विज्ञान की शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र में आधारभूत ढ़ांचे को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के 100 स्कूलों को सीबीएसई बोर्ड के साथ संबद्धता प्रदान की जा रही है। सरकारी स्कूलों में भी अंग्रेजी माध्यम को शुरू किया गया है ताकि ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थी कम खर्चे पर बेहतर शिक्षा हासिल कर सकें।
उन्होंने समारोह में 10वीं कक्षा में 96 प्रतिशत अंकों के साथ जिला में टॉप स्थान हासिल करने वाली बेटी हेतल तथा 97 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली बेटी वर्षा को पुरस्कृत किया तथा दोनों मेधावी बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस मौके पर उन्होंने विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया।
इससे पहले कपाहड़ा स्कूल के प्रधानाचार्य चमन सहित अन्य स्कूलों के प्रधानाचार्यों एवं मुख्याध्यापकों ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा संबंधित स्कूलों की वार्षिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
इस मौके पर एनसीसी, एनएसएस एवं स्काउट-गाइड के कैडेट्स द्वारा भव्य मार्च पास्ट तथा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर उपनिदेशक उच्च शिक्षा रेणु कौशल, विभिन्न स्कूलों के शिक्षक, अभिभावक एवं विद्यार्थियों सहित पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।