SHAHPUR, 20.01.26-हिमाचल प्रदेश सरकार के उपमुख्य सचेतक एवं विधायक शाहपुर केवल सिंह पठानिया इन दिनों हिमाचल प्रदेश विधानसभा की पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) के सदस्य के रूप में गुजरात के द्वारिका दौरे पर हैं। इस दौरे का उद्देश्य प्राकृतिक खेती के सफल मॉडलों का अध्ययन करना है, ताकि हिमाचल प्रदेश में इसे सतत कृषि के रूप में और प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
द्वारिका प्रवास के दौरान केवल सिंह पठानिया की राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के वी-वॉक (Vocational Education Hospitality & Tourism) विभाग के विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात हुई। इस दौरान बंटू, रवि, प्रवेश, सुजल, ओम प्रकाश, अनिल, मुस्कान, रूचि और तमन्ना जैसे विद्यार्थी, जो गुजरात में देश के प्रतिष्ठित एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के ब्रांड्स में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, उनसे संवाद हुआ।
विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए केवल सिंह पठानिया ने डिग्री कॉलेज धर्मशाला के वी-वॉक विभाग की भरपूर सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि इस डिग्री को पूरा करते ही विद्यार्थियों को तुरंत रोजगार के अवसर उपलब्ध हो जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस डिग्री को पूरा करने के बाद कई विद्यार्थी न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी सफलतापूर्वक प्लेस हुए हैं, जो हिमाचल के लिए गर्व की बात है।
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि वी-वॉक जैसी शिक्षा युवाओं को केवल नौकरी तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और उद्यमी भी बनाती है। उन्होंने बताया कि कई विद्यार्थियों ने इस कोर्स को पूरा करने के बाद कुछ समय नौकरी करने के पश्चात पर्यटन क्षेत्र में अपनी स्वयं की स्टार्ट-अप शुरू की हैं, जिससे वे आज अन्य युवाओं को भी रोजगार प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इनमें से कुछ विद्यार्थी उनकी शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के धारकंडी इलाके से भी हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा,
जब अपने क्षेत्र और अपने प्रदेश के बच्चों को दूसरे राज्य में मेहनत करते और आगे बढ़ते हुए देखता हूँ, तो यह बेहद गर्व और खुशी का विषय होता है।
उन्होंने इस सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू के दूरदर्शी नेतृत्व को देते हुए कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में कौशल विकास (Skill Development) पर विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना न होकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करना हो।
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्य से निकलकर ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी गुजरात जैसे राज्य और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स तक पहुंच रहे हैं, यह इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में दी जा रही वोकेशनल शिक्षा उच्च गुणवत्ता वाली और रोजगारोन्मुखी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित वोकेशनल शिक्षा कार्यक्रमों से अब तक हजारों विद्यार्थियों को रोजगार मिल चुका है, और भविष्य में यह संख्या और अधिक बढ़ेगी। वी-वॉक जैसे पाठ्यक्रम यह सिद्ध कर रहे हैं कि इस शिक्षा के माध्यम से रोजगार के अवसर विद्यार्थियों के पास स्वयं चलकर आते हैं।