स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग एवं इंडस्ट्री 4.0 को लेकर जागरूकता कार्यशाला आयोजित
जिला उद्योग केन्द्र बिलासपुर तथा एमएसएमई उद्यम मंत्रालय भारत सरकार के सौजन्य से हुआ आयोजन
बिलासपुर 28 जनवरी: जिला उद्योग केंद्र बिलासपुर ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग एवं इंडस्ट्री 4.0 के विषय पर एक इंटरएक्टिव जागरूकता कार्यशाला का आयोजन होटल सागर व्यू, बिलासपुर में किया। कार्यशाला जीएम डीआईसी जिया राम अभिलाषी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र को आधुनिक तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मशीन लर्निंग, क्लाउड तथा सीआरएम सिस्टम्स के उपयोग और लाभों के बारे में जानकारी प्रदान करना रहा। ताकि आरएएमपी (Raising and Accelerating MSME Performance) पहल के अंतर्गत अपने उद्योगों का डिजिटल परिवर्तन कर सकें।
शिविर के पहले सत्र में आरएएमपी पहल के परिचय तथा एमएसएमई के डिजिटल सशक्तिकरण पर विस्तृत चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग तकनीकों के माध्यम से उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा सकती है, संसाधनों की बचत की जा सकती है, और गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है। इस दौरान एआई आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस, आईओटी सेंसरों द्वारा तापमान, दबाव और ऊर्जा खपत की रीयल-टाइम निगरानी, मशीन लर्निंग आधारित क्वालिटी कंट्रोल और मांग पूर्वानुमान जैसी तकनीकों के वास्तविक उदाहरण साझा किए गए। साथ ही डिजिटल ट्विन्स, स्मार्ट डैशबोर्ड और ऑटोमेटेड असेंबली लाइन्स जैसी आधुनिक औद्योगिक तकनीकों का भी प्रदर्शन किया गया।
कार्यशाला के दूसरे सत्र में एमएसएमई उद्यमियों, प्लांट मैनेजरों, औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों, डीआईसी बिलासपुर के अधिकारियों और मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रतिभागियों ने तकनीकी अपनाने की लागत, उचित समाधान प्रदाताओं के चयन, तथा छोटे उद्यमों में तकनीकों के स्केलेबिलिटी जैसे मुद्दों पर प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तृत समाधान प्रस्तुत करते हुए उत्तर दिया। चर्चा के दौरान यह भी बताया गया कि एमएसएमई चरणबद्ध तरीके से डिजिटल तकनीकें अपनाकर कम लागत में अपने उत्पादन स्तर और गुणवत्ता में सुधार कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त कार्यक्रम सहमति बनी कि आगामी दिनों में एमएसएमई इकाइयों के व्यक्तिगत प्लांट विजिट किए जाएंगे, ताकि उनकी डिजिटल रेडीनेस का मूल्यांकन किया जा सके। प्रत्येक उद्यम के लिए एक बेसलाइन असेसमेंट तैयार किया जाएगा, जिसमें त्वरित लाभ देने वाले समाधानों और भविष्य के लिए स्केलेबल विकल्पों की पहचान की जाएगी। इसके साथ ही डीआईसी द्वारा प्रस्तुति सामग्री, केस स्टडी एवं लो-कॉस्ट ऑटोमेशन, इआरपी और आईओटी समाधान प्रदाताओं की सूची भी साझा की जाएगी।
कार्यशाला में मैनेजर डीईसी मधु शर्मा सहित विभिन्न एमएसएमई उद्योगों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के अंतर्गत एसडीएम श्रीनैना देवी जी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित
बिलासपुर 28 जनवरी: प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के अंतर्गत एसडीएम श्री नैना देवी जी धर्मपाल की अध्यक्षता में “प्रोटेक्टिव एजिंग (संरक्षित वृद्धावस्था)” कार्यक्रम के अंतर्गत गठित समिति की बैठक का आयोजन उपमंडल कार्यालय में किया गया। बैठक में कार्यक्रम को आम जनमानस के लिए अधिक उपयोगी एवं प्रभावी बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में कार्यक्रम के अंतर्गत चार प्रमुख बिंदुओं पर विशेष रूप से फोकस करने का निर्णय लिया गया, जिनमें मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य देखभाल, सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा, डिजिटल सशक्तिकरण तथा अंतर-पीढ़ीगत सहभागिता शामिल हैं।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि “प्रोटेक्टिव एजिंग” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन आगामी 10 फरवरी को लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह, स्वारघाट के प्रांगण में किया जाएगा। इस अवसर पर एसडीएम ने सभी विभागों एवं गैर-सरकारी संगठनों से वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा एवं कल्याण से संबंधित कार्यक्रमों में सक्रिय सहयोग प्रदान करने का आह्वान किया।
बैठक में इंटर-जनरेशन बॉन्डिंग कार्यक्रम के अंतर्गत उप निदेशक शिक्षा विभाग द्वारा सभी सरकारी विद्यालयों को 31 जनवरी 2026 को बैग फ्री दिवस मनाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अंतर्गत प्रोटेक्टिव एजिंग थीम पर निम्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिसमें नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक दादा-दादी, नाना-नानी के साथ सेल्फी, छठी से आठवीं कक्षा तक चित्रकला प्रतियोगिता और नवीं से बारहवीं कक्षा तक क्विज प्रतियोगिताएं शामिल है।
इस संदर्भ में एसडीएम ने सभी सेवा निवृत अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि यह कार्यक्रम केवल सरकारी औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि सभी लोग किसी एक विद्यालय का चयन कर विद्यालय प्रशासन के साथ सक्रिय सहयोग प्रदान करें।
बैठक में अमित कुमार (सचिव, जिला रेड क्रॉस सोसाइटी, बिलासपुर), सुरेंद्र कुमार (तहसील कल्याण अधिकारी), डॉ. रविंदर कुमार (प्रधानाचार्य, राजकीय महाविद्यालय नैना देवी जी), सत्यादेवी (बाल विकास अधिकारी), कृतिका ठाकुर (इंस्पेक्टर, सहायक पंजीकरण विभाग, बिलासपुर), उमेश कुमार (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, स्वारघाट), विद्या सागर (रेड क्रॉस वालंटियर), सुमन कुमारी (अध्यक्ष, महिला मंडल मझेड़), चमन सिंह ठाकुर (सेवा निवृत प्रधानाचार्य), राम अवतार (स्वास्थ्य शिक्षक), देवेंद्र कुमार (खंड शिक्षा अधिकारी, स्वारघाट), सहायक उप निरीक्षक सुशील कुमार तथा अभियंता रमण कुमार उपस्थित रहे।