चण्डीगढ़ / पंचकूला, 18.02.26- : हरियाणा की राजनीति में सादगी और सहजता के लिए पहचाने जाने वाले केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पंचकूला प्रवास के दौरान अचानक तरुण भण्डारी के निवास पर पहुँचकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। यह भेंट किसी औपचारिक कार्यक्रम का हिस्सा नहीं थी, बल्कि पूरी तरह आत्मीय और पारिवारिक वातावरण में संपन्न हुई। मनोहर लाल लगभग आधा घंटा वहाँ रुके, चाय-नाश्ते के साथ अनौपचारिक संवाद किया और उपस्थित जनों का कुशलक्षेम जाना।
इस अवसर पर बातचीत का स्वर सौहार्दपूर्ण रहा। स्थानीय मुद्दों, सामाजिक सरोकारों और क्षेत्र के विकास से जुड़े विषयों पर भी सहज चर्चा हुई। यह मुलाकात केवल राजनीतिक शिष्टाचार तक सीमित नहीं रही, बल्कि उसमें अपनत्व, भरोसे और पारस्परिक सम्मान का भाव स्पष्ट दिखाई दिया। उपस्थित लोगों ने बताया कि ऐसे अनपेक्षित और सादे क्षण जनप्रतिनिधि और समाज के बीच विश्वास की डोर को और मजबूत करते हैं।
तरुण भण्डारी के निवास पर पहले से मौजूद उनके मित्रों ने भी खट्टर से भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान मुकेश सिंगला, नरेश सांवरा स्वीट, नीरज चौधरी, अक्षय कौशिक, राजेश शर्मा पहोवा, मनदीप सिंह, सदस्य जिला परिषद पंचकूला सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने इस मुलाकात को स्मरणीय बताते हुए कहा कि नेतृत्व की सादगी और जमीन से जुड़ाव ही किसी भी जननायक की असली पहचान होती है।
स्थानीय स्तर पर यह भेंट कृतज्ञता और “उधारी” के भाव का प्रतीक भी मानी जा रही है—जहाँ समाज अपने जनप्रतिनिधि के प्रति आभार व्यक्त करता है और जनप्रतिनिधि समाज के भरोसे की जिम्मेदारी को और दृढ़ता से स्वीकार करता है। यह भावनात्मक “वजन” ही लोकतांत्रिक संबंधों को मजबूत बनाता है।
कुल मिलाकर, पंचकूला में हुई यह अनौपचारिक मुलाकात न केवल राजनीतिक शालीनता का उदाहरण बनी, बल्कि यह संदेश भी दे गई कि संवाद, सादगी और संवेदनशीलता के साथ किया गया संपर्क ही जनसेवा की असली कसौटी है।