शिमला:31.03.26- आज पूर्वाह्न 11:00 बजे डी0ए0वी0 स्कूल सोलन के 47 छात्र – छात्राओं ने विधान सभा सचिवालय पहुँचकर सदन में आज हुई कार्यवाही को देखा। सभी छात्र – छात्राओं ने सदन के अन्दर हुए प्रश्नकाल तथा शून्यकाल की कार्यवाही को दर्शक दीर्घा से देखा तथा प्रसन्नता जाहिर की। दर्शक दीर्घा से सदन की कार्यवाही देख रहे बच्चों का विधान सभा अध्यक्ष ने अपने आसन से सम्बोधन कर विशेष उल्लेख भी किया। सदन की कार्यवाही देखने के बाद सभी छात्र – छात्राओं ने विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां से कौंसिल चैम्बर के गेट नं0 1 पर संवाद किया तथा एक सामूहिक चित्र के साथ आज सदन के अन्दर देखी कार्यवाही से विधान सभा अध्यक्ष को अवगत करवाया।

इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष ने विद्यार्थियों से पूछा कि आपको सदन की कार्यवाही कैसे लगी सभी ने तपाक से उत्तर दिया कि बहुत ही अच्छी। संवाद के दौरान एक छात्रा ने विधान सभा अध्यक्ष से पूछा कि सर आप इतनी अच्छी तरह से सदन की कार्यवाही को कैसे चला देते हैं जबकि सदन के अन्दर सभी 67 सदस्य वरिष्ठ तथा परिपक्व हैं जिन्हें सम्भालना तथा नियंत्रित करना बेहद मुश्किल है।

पठानियां ने इसका जवाब देते हुए कहा कि सभी सदस्य वरिष्ठ तथा अनुभवी हैं। वह सभी की इच्छा तथा जिज्ञासा को पहले ही भांपने का प्रयास करते हैं तथा उसी के अनुरूप सदन की कार्यवाही नियानुसार चलाने का प्रयास करते हैं ताकि सदन में गतिरोध की कम से कम सम्भावना रहे। पठानियां ने कहा कि यहाँ उनकी भूमिका उसी तरह है जैसे कि स्कूल में एक शिक्षक की होती है।

विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्होने शिमला हो या धर्मशाला दोनों जगह विद्यार्थियों को सदन देखने की बैठने की क्षमता के हिसाब से अनुमति दे रखी है ताकि संसदीय प्रणाली की जानकारी तथा सदन की कार्यवाही जन- जन तक पहुँच सके। अध्यक्ष ने कहा कि उन्होने शिमला सदन में बच्चों के संसद के आयोजन की अनुमति दी थी ‍ जिसमें वह स्वयं भी मौजूद थे। पठानियां ने कहा कि बच्चों ने जिस तरह से सदन के अन्दर मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, मन्त्रिमण्डल सदस्य तथा विधान सभा सदस्य की जो भूमिका निभाई वह अदभुत थी। बच्चों ने जिस तरह ज्वलंत मुद्दों पर बहस तथा चर्चा की वह आश्चर्य चकित करने वाली थी। उन्हें महसूस हुआ कि आज शिक्षा का इतना विस्तार हो चुका है कि आज के बच्चे भी सामयिक विषयों की जानकारी रखते हैं तथा उनका निराकरण या समाधान करने की तीव्र इच्छा रखते हैं।

इस अवसर पर पठानियां ने सभी बच्चों को अपनी ओर से शुभकामनाएं दी तथा शिक्षा ग्रहण करने के साथ- साथ राष्ट्रहित एवं राष्ट्रनिर्माण में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।