आपदा प्रबंधन में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण: उपायुक्त हेमराज बैरवा
आपदा जागरूकता दिवस समारोह आयोजित, भूकंप सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक
धर्मशाला, 4 अप्रैल: 1905 कांगड़ा भूकंप की 121वीं वर्षगांठ के अवसर पर आज पुलिस ग्राउंड, धर्मशाला में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कांगड़ा द्वारा आपदा जागरूकता दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
अपने संबोधन में उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान समय यह आवश्यक है कि वह केवल प्रमाणिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करे। उन्होंने बताया कि किसी भी आपदा से संबंधित सही जानकारी के लिए जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भूकंप जैसी आपदाएं कुछ ही सेकंड में भारी तबाही मचा सकती हैं, इसलिए हर व्यक्ति को व्यक्तिगत स्तर पर तैयार रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। एनसीसी, एसडीआरएफ, आपदा मित्र और स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण लेकर समाज की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।
उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें युवाओं को भाग लेकर अपनी क्षमता को विकसित करना चाहिए। इससे न केवल वे आपदा के समय बेहतर प्रतिक्रिया दे सकेंगे, बल्कि उनके लिए करियर के नए अवसर भी खुलेंगे।
इससे पूर्व उपायुक्त ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली में एसडीआरएफ, एनसीसी, आपदा मित्र, स्वयंसेवक एवं पुलिस बैंड ने भाग लिया। रैली पुलिस मैदान धर्मशाला में संपन्न हुई।
पुलिस मैदान में कार्यक्रम के दौरान भूकंप सहित विभिन्न आपदाओं से संबंधित जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया, वहीं एसडीआरएफ द्वारा प्राथमिक चिकित्सा एवं सीपीआर का प्रशिक्षण भी दिया गया। इसके अतिरिक्त एचपी राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और अग्निशमन विभाग द्वारा आपदा के समय उपयोग में आने वाले उपकरणों का प्रदर्शन भी किया गया।
इस अवसर पर डीएसपी कैलाश शर्मा, उप निदेशक माय भारत धु्रव डोगरा, डीडीएमए से रोबिन कुमार, कुलदीप कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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आपदा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक: डाॅ. पुष्पेंद्र राणा
कांगड़ा में आपदा प्रबंधन को लेकर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित
धर्मशाला, 4 अप्रैल: निदेशक आपदा प्रबंधन डाॅ. पुष्पेंद्र राणा ने आज उपायुक्त कार्यालय के एनआईसी के सभागार में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) कांगड़ा की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला कांगड़ा में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों को अन्य जिलों के साथ साझा किया जाए, ताकि वे भी इनसे सीख लेकर अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर कार्य कर सकें। पुष्पेंद्र राणा ने कहा कि जिले में स्नेक कैचर्स का डाटा व्यवस्थित रूप से संकलित किया जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनकी सेवाएं तुरंत ली जा सकें। उन्होंने ट्रैकिंग रूट्स पर स्थापित चेक पोस्ट की सराहना करते हुए कहा कि इससे ट्रैकर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण मदद मिली है। उन्होंने भूमि धंसाव प्रभावित क्षेत्रों के सर्वेक्षण हेतु यूएनडीपी के सहयोग से एक समिति गठित करने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने डीडीएमए द्वारा संचालित गतिविधियों एवं उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि कांगड़ा जिला भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है, जहां भूकंप, भूस्खलन और बाढ़ जैसी आपदाओं का निरंतर खतरा बना रहता है।
उन्होंने जानकारी दी कि जिले में 62 प्रमुख भूस्खलन स्थलों की पहचान की गई है तथा 13 तहसीलों में माइक्रो जोनेशन अध्ययन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 51 दुर्घटना संभावित स्थलों को चिन्हित कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
उपायुक्त ने बताया कि आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए व्यापक स्तर पर मानव संसाधन तैयार किए गए हैं। अब तक 15 हजार से अधिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया गया है, जबकि 300 आपदा मित्र तथा 750 युवा आपदा मित्र तैयार किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 1,499 राजमिस्त्रियों को भूकंपरोधी निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया है तथा 3 हजार आपदा मित्रों को रिफ्रेशर कोर्स करवाया गया है।
उन्होंने बताया कि जिले के 10 प्रमुख ट्रैकिंग रूट्स पर चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं तथा ट्रैकर्स के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है, जिससे उनकी रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सकी है। इस पहल से लापता होने वाले ट्रैकर्स की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। आपदा के दौरान त्वरित कार्रवाई का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि अब तक 250 से अधिक लोगों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया जा चुका है।
बैठक में वनाग्नि, पोंग डैम से जल छोड़ने, भूमि धंसाव, सड़क दुर्घटनाओं तथा एडवेंचर स्पोर्ट्स से जुड़े जोखिमों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही बाढ़ संभावित क्षेत्रों की मैपिंग, पंचायत स्तर पर आपदा प्रतिक्रिया दलों के गठन तथा जन-जागरूकता कार्यक्रमों को सुदृढ़ करने के प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अरण्यपाल बासु कौशल, एडीएम शिल्पी बेक्टा, डीएसपी कैलाश शर्मा, उप निदेशक कृषि कुलदीप धीमान, उप निदेशक बागवानी अलक्ष पठानिया, एसई विद्युत कुलवीर जस्सल, डीएफओ संदीप कोहली, एफएसओ सुरेश ठाकुर, डिप्टी एमएस आरपीजीएमसी डाॅ. अरविंद राणा, एसएचओ नारायण सिंह, एमएस डाॅ. अनुराधा, डाॅ. दुष्यंत कुमार, अधिशासी अभियंता जल शक्ति विभाग अनीश ठाकुर, सहायक अभियंता विद्युत रमेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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मॉक अप राउंड के लिए षेड्यूल किया निर्धारित
धर्मषाला, 04 अप्रैल: धर्मषाला नगर निगम के आयुक्त जफर इकबाल ने कहा कि धर्मषाला में प्रॉपर्टी टैक्स डोर-टू-डोर सर्वे का मॉप-अप राउंड सोमवार 06 अप्रैल से आरंभ किया जाएगा। सर्वेक्षण के सुचारू एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु दो समर्पित टीमों का गठन किया गया है। टीम-1 द्वारा वार्ड संख्या 1 से 9 तक का सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके तहत वार्ड नं॰ -1 का सर्वे 6 अप्रैल से 7 अपै्रल, वार्ड नं॰ -2 का सर्वे 8 अप्रैल से 13 अप्रैल, वार्ड नं॰-3 का सर्वे 16 अप्रैल से 18 अप्रैल, वार्ड नं-4 का सर्वे 20 से 24 अप्रैल, वार्ड नं॰-5 का सर्वे 25 अप्रैल से 29 अपै्रल, वार्ड न-6 का सर्वे 30 अप्रैल से 5 मई, वार्ड नं॰-7 का सर्वे 6 मई से 9 मई, वार्ड नं॰-8 का सर्वे 10 मई से 12 मई, वार्ड नं॰-9 का सर्वे 13 मई से 14 मई को किया जाएगा। जबकि टीम-2 द्वारा वार्ड संख्या 10 से 17 तक का सर्वेक्षण एक साथ किया जाएगा। इसके तहत वार्ड नं॰-10 का सर्वे 6 अप्रैल से 8 अप्रैल, वार्ड नं॰-11 का सर्वे 9 अप्रैल से 11 अप्रैल, वार्ड नं॰-12 का सर्वे 13 अप्रैल से 18 अप्रैल, वार्ड नं॰-13 का सर्वे 20 अप्रैल से 27 अप्रैल, वार्ड नं॰-14 का सर्वे 28 अप्रैल से 30 अप्रैल, वार्ड नं॰-15 का सर्वे 1 मई से 5 मई, वार्ड नं॰-16 का सर्वे 6 मई से 11 मई, वार्ड नं॰-17 का 12 मई से 15 मई तक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देष्य नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत चल रहे संपत्ति कर सर्वे का 100 प्रतिषत्त कवरेज एवं पूर्णता सुनिष्चित करना है।
मॉप-अप राउंड 15 मई, 2026 तक चलेगा। यह सर्वेक्षण का अंतिम चरण होगा। इस राउंड की समाप्ति के पश्चात डिफॉल्टरों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा नगर निगम के नियमों के अनुसार दंड/जुर्माना लगाया जाएगा।
आयुक्त ने धर्मषाला नगर निगम के सभी निवासी, संपत्ति स्वामी एवं संबंधित हितधारकों से अनुरोध किया है कि सर्वेक्षण टीमों के दौरे के दौरान पूर्ण सहयोग प्रदान करें तथा अपनी संपत्ति से संबंधित सभी अवष्यक विवरण सही एवं समय पर उपलब्ध कराएं।
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6 अप्रैल को सिद्धपुर के तहत बिजली बंद
धर्मशाला, 04 अप्रैल: विद्युत उपमंडल सिद्धपुर के सहायक अभियन्ता संतोष कुमार ने जानकारी दी कि विद्युत उपकेंद्र सिद्ध़पुर में विद्युत उपकरणों के उचित रखरखाव हेतु 6 अप्रैल 2026 को सुबह 9ः30 से सायं 5ः30 तक सिद्धबाड़ी, सिद्धपुर, फतेहपुर, बागणी, रक्कड़, तपोवन, झिओल, बरवाला, लोअर मोहल, गयोतो मोनिस्ट्री, घिआरी पुल, रसां, बरेह, धिकतु, ठम्बा, दाड़ी, शीला, पास्सू, आईटीआई, झाकड़ी, अप्पर बड़ोल, लोअर बड़ोल, कंडी, चोला, खनिआरा, थात्री, सुक्कड़, योल, योल बाज़ार, नरवाणा, उथडाग्रां, क़स्बा, चतेहड, स्लेट गोदाम, खुई बारग, कनेड, लोअर सुक्कड़, मनेड, धौलाधार कालोनी आदि क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति पूर्णतः बाधित रहेगी। मौसम खराब होने या अन्य आकस्मिक आपदा में ये कार्य स्थगित या आंशिक रूप से किया जा सकता है। उन्होंने सर्वसाधारण जनता से बिजली विभाग को सहयोग करने की अपील भी की है।
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5 अप्रैल को धर्मशाला उपमंडल नम्बर एक में बिजली बंद
धर्मशाला, 4 अप्रैल: सहायक अभियंता विद्युत उपमंडल धर्मशाला नम्बर-एक अभिषेक कटोच ने जानकारी दी कि 5 अप्रैल, 2026 को सुबह 10 बज़े से सायं 5 बज़े तक आयुर्वेदिक अस्पताल, गुरुद्धारा रोड़, फोरेंसिक लैब, ईकजोत कालोनी, ईगल वर्कशाप, पीडब्लुडी वर्कशाप चरान खड्ड़, गोरखा भवन, सरस्वती नगर, राम नगर, शाम नगर, महाजन क्नीनिक, सिविल लाईन, कालेज रोड़, हाउसिंग बोर्ड कालोनी, लोअर डिपोा बाज़ार, चिलगाड़ी और कचैहरी अड्डा के आसपास में स्मार्ट सिटी कार्य एवं जरूरी रख-रखाब हेतु विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने सर्वसाधारण जनता से बिजली विभाग को सहयोग करने की अपील भी की है।